Latest Updates
-
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद
तो इस सीक्रेट की वजह से जापानी महिलाएं रहती है Slim और Young..

जब बात एक अच्छी हेल्दी और लम्बी जिंदगी जीने की होती है तो जापानी इसमें हमेशा नम्बर 1 होते है। जापान के लोगों विश्व के दूसरे देशों की तुलना में लम्बा जीवन जीते हैं।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन भी इस बात को मानता है कि अगर कोई बच्चा जापान में पैदा होता है तो वो दूसरे देशों की तुलना में एक स्वस्थ जीवन जीएंगा। यहां की लोगों की उम्र औसतन 84 साल होती है। जापानी लोग अपनी डाइट को लेकर बहुत ही कॉन्शियस होते हैं।
इसलिए यहां के लोग फिट एंड फाइन होते है। जापानी लोग हेल्थ कॉन्शियस होने के साथ ही बहुत ही एनर्जेटिक होते हैं। उनकी हेल्दी लाइफस्टाइल का ही कमाल है कि यहां की महिलाएं जल्दी मोटी और बूढ़ी नहीं होती है। चलिए आज हम जानेंगे कि जानते है जापानी लोगों के यंग और एक्टिव रहने की पीछे असल वजह क्या हैं।

ब्रेड की जगह चावल
जापानी अपने भोजन में चावल को मुख्य स्थान देते हैं, वो ब्रेड खाने से ज्यादा चावल खाना पसंद करते है। क्योंकि चावल में कम फैट और कार्बोहाइड्रेड होता है साथ ही वो आपकी लॉअर कैलोरी जितनी आवश्कता पूरी कर आपको ज्यादा भूख से बचाता है।

प्रोटीन से भरा किचन
जापानी लोग अपने हेल्थ को लेकर काफी कॉन्शियस होते हैं, उनकी रसोई में हमेशा डेली रुटीन के हिसाब से वैरायटी मिलेगी। जैसे कि फिश, सी वेजिटेबल, कंद मूल, सोया, चावल, फ्रूटस और ग्रीन टी। यह सभी वैरायटी शरीर में प्रोटीन की आवश्यकता को पूरी करता है।

80 प्रतिशत तक ही पेट भरना
जापानी में एक कहावत है.. " हारा हाची बुनमें " यह आइडिया जापानी लोगों को जोर देता है कि वो थोड़े थोड़े हिस्सों में प्रोटीन खाते रहें। लंच हो या डिनर जापानी इस बात का खास ख्याल रखते है कि जब तक उनका पेट 80 प्रतिशत तक नहीं भर जाता है, तब वे खाना बंद कर देते हैं। वे कम खाना पसंद करते हैं और कभी पेट को पूरा नहीं भरते। स्टडी में देखा गया है कि ऐसा करने से उनकी उम्र धीरे-धीरे घटती है। वो अपनी खुराक को थोड़ा थोड़ा करके खाकर पूरा करता है। जिससे उन्हें भूख भी नहीं लगती है और वो फिट भी रहते हैं।

ग्रीन टी
ग्रीन टी में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जिससे त्वचा पर झुर्रियां नहीं पड़ती हैं। इसे रोज़ पीने से वजन भी कम होता है साथ ही इससे कैंसर और हृदय रोग नहीं होते हैं। जापानी लोग दिन कम से कम 1-2 कप ग्रीन टी पीते हैं

मीट की जगह मछली खाते है
मटन या बीफ़ से ज्यादा जापानी लोग सी फ़ूड पसंद करते हैं। लाल मांस खाने से इन्फ्लैमटॉरी, कोलेस्ट्रॉल और मोटापा बढ़ता है। लेकिन सैल्मन, ट्यूना और श्रिम्प में प्रोटीन और ओमेगा 3 फैटी एसिड अच्छी मात्रा में पाया जाता है।

फर्मेन्टड फ़ूड
किम्ची, टेम्पेह, मिसो, साउरकेराट, कोम्बच और केफिर कुछ ऐसी ही फर्मेन्टड फ़ूड हैं जो जापानी बहुत प्रेम से खाते हैं। फर्मेन्टड फ़ूड में एंजाइम, विटामिन और प्रोबायोटिक्स होते है जिससे आतों में स्वस्थ बैक्टीरिया बढ़ते हैं।

ज्यादा सब्जियां खाते हैं
जापानी लोग अपने भोजन में चार से पांच सब्जियों को जरुर शामिल करते हैं। ताकि शरीर को पोष्टिक तत्व मिलें, इसके अलावा वो ज्यादा मात्रा में सलाद भी खाते हैं।

बहुत चलते हैं
अध्ययन से पता चलता है कि औसत जापानी नियमित रूप से पैदल चला करती है। पैदल चलने से तनाव कम होता है साथ ही आपका वजन भी कम होता है।

सोया प्रॉडक्ट पर देते है ध्यान..
जापानी लोग सोया प्रॉडक्ट पर भी बहुत ध्यान देते है जैसे टोफू और सेम की फलियां जो कि प्रोटीन से भरपूर होते है। यह शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प होता है।

सीजनल फ्रूट्स पर ध्यान देते हैं
जापानी लोग हर मौसम के अनुसार फ्रूट्स खाना ज्यादा पसंद करते हैं। क्योंकि मौसमी फल खाने से मौसम के अनुसार शरीर की हर आवश्यकता पूरी होती है। इसलिए जापानी मौसम के अनुसार और लोकल सब्जियां और फल खाने के आदी होते हैं।

मार्शल आर्ट
जापान में पुरुष और महिला दोनों ही जूडो, कराटे और अकिदो जैसे मार्शल आर्ट्स सीखते हैं। यही कारण है कि वे इतने स्वस्थ रहते हैं। इसी से उनकी शक्ति, लचीलापन और सहनशक्ति बढ़ती होती है। जिससे वे कभी भी बूढ़े नहीं होते हैं। यह रूल है कि उन्हें योगा, कराटे या मार्शलआर्ट की क्लास में जाना ही जाना है। इन तरह के व्यायामों से उनका दिमाग शांत रहता है और बॉडी फिट रहती है। बूढ़े हो जाने तक भी वे इन्हें नहीं छोड़ते।

साफ-सफाई रखना
जापान दुनिया के सबसे साफ सुथरे देशों में से एक माना जाता है। जापानी अपनी सुरक्षा संक्रामक रोगों से अतिरिक्त देखभाल कर के करते हैं। यहां तक कि जो पुस्तके वे लोग पुस्तकालयों में वापस करने जाते हैं, उसे वापस लेते वक्त किताबों से कीटाणुओं को मारने के लिये यूवी तकनीक का प्रयोग किया जाता है।

नो रिटायरमेंट
लंबे समय तक एक्टिव रहते हैं जापान में रिटायर होने की कोई उम्र नहीं है। 60 साल की उम्र पार करने के बाद तक वे काम करना पसंद करते हैं। उन्हें घर पर खाली बैठना या सोना पसंद नहीं होता इसलिये वे कहीं न कहीं खुद को बिजी रखते हैं

मेडिटेशन
मेडिटेशन जापानियों का लाइफस्टाइल का एक अहम हिस्सा है। सभी पुरुष, महिला, युवा और बूढ़े लोग जापान में ध्यान करते हैं। ध्यान करने से तनाव कम होता है जिससे आयु बढ़ती है।



Click it and Unblock the Notifications











