वजन बढ़ाने के लिए अपने डेली रुटिन में शामिल करें ये योगासन, जल्द मिलेगा फायदा

आजकल जहां ज्यादातर लोग अपने बढ़े वजन के कारण परेशान है, तो वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए वजन बढ़ाना भी मुश्किल हो रहा है। पतले शरीर के कारण मिलने वाली प्रतिक्रिया से भा अक्सर उनका आत्मविश्वास कमजोर पड़ जाता है। लेकिन जहां लोगों के लिए वजन कम करना मुश्किल है, वहीं वजन बढ़ाना भी कोई खेल नहीं है।

Yoga

कई बार अच्छा खानपान भी आपके वजन को बढ़ाने के लिए काफी नहीं होता है। जैसे वर्कआउट करने से आपको वजन कम करने में मदद करता है, ठीक वैसे ही वजन बढ़ाने के लिए भी मदद करता है। आज इस लेख के जरिए हम आपके सामने 8 ऐसे योगासन लेकर आए है, जिसे करने से आपको वजन बढ़ाने में मदद मिलेगी। इन योग आसन को अपने डाइट के साथ शामिल करने में आपको जल्द ही इसका असर दिखेगा।

1. चक्रासन

1. चक्रासन

यह आसन शरीर के सभी हिस्सों में अच्छा रक्त संचार सुनिश्चित करता है, और रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाता है। यह बाहों, कंधों, कूल्हों, जांघों और कलाई को भी मजबूत करता है। यह शरीर की सभी प्रक्रियाओं को नियंत्रण में रखते हुए हार्मोन को संतुलित करता है।

कैसे करें

सबसे पहले आप अपनी पीठ के बल लेट जाएं। , फिर अपने हाथों को अपने कंधों के पीछे रखें। अपनी हथेलियों और पैरों के सहारे अपने शरीर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं, अपने पैरों के बीच लगभग 12 इंच का फासला रखें। हथेलियों को सिर के ऊपर से ले जाते हुए जमीन पर सटाएं। अब आप सांस लें और धीरे-धीरे सिर को उठाते हुए पीठ को मोड़ने की कोशिश करें। अपनी बांहों और पैरों को तान लें। इस दौरान धीरे-धीरे सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया जारी रखें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें। फिर अपने शरीर को धीरे-धीरे नीचे लाएं और लेट जाएं।

2. धनुरासन

2. धनुरासन

धनुरासन पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है। यह थायरॉयड ग्रंथि की मालिश करता है, पाचन में सुधार करता है। यह सभी मांसपेशियों को खींचकर तनाव और थकान को भी कम करता है।

कैसे करें

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने पेट के बल लेट जाएं। अब घुटनों को मोड़ें और हाथों से टखनों को मजबूती से पकड़ लें। अब सांस लेते हुए अपने सिर, छाती और जांघ को ऊपर की ओर उठाएं। लेकिन इस दौरान ध्यान रहे कि इस मुद्रा में आपके शरीर का आकार किसी धनुष के समान लगना चाहिए। जब तक रह सकते हैं, इस मुद्रा में रहे और धीरे-धीरे सांस लेने और छोड़नी की प्रक्रिया जारी रखें।

3. भुजंगासन

3. भुजंगासन

यह मुद्रा कंधे, पीठ, पेट और गर्दन के क्षेत्र में मांसपेशियों को फैलाती है, साथ ही आपको तनाव से राहत देती है। इस मुद्रा से पाचन में सुधार होता है, चयापचय में सुधार होता है। यह शरीर में रक्त और ऑक्सीजन परिसंचरण को भी बढ़ाता है।

कैसे करें

इस मुद्रा को करने के लिए सबसे पहले आप अपने पेट के बल लेट जाएं। पैरों को एक साथ रखें, और सीधा रखें। अब अपनी हथेलियों को कंधे के सीध में लाएं। इसके बाद सांस लेते हुए छाती से लेकर नाभि तक शरीर को ऊपर उठाएं। कुछ देर इसी पोज में बने रहे और धीरे-धीरे सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया जारी रखें।

4. वज्रासन

4. वज्रासन

यह आसन मन को शांत करता है और जांघों, पिंडलियों और पेट की मांसपेशियों को शक्ति देता है। यह शरीर के चारों ओर रक्त परिसंचरण में सुधार करता है। इस योगासन से चयापचय में सुधार, कब्ज से राहत और भूख में वृद्धि होती है।

कैसे करें

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पैरों को जमीन पर फैलाकर बैठें। अब दाहिना पैर को घुटने से मोड़ें और दाहिने कूल्हे के नीचे रखें। इसी तरह से बाएं पैर को मोड़ें और अपने बाएं कूल्हे के नीचे रखें। अब नितम्बों को एड़ियों के बीच में लाएं। हाथों को घुटनों पर रखें और रीढ़ की हड्डी सीधी रखें।

5. सर्वांगासन

5. सर्वांगासन

इस आसन को करने से अच्छा रक्त संचार सुनिश्चित होता है। यह अपच और कब्ज से राहत दिलाता है। रीढ़ के लचीलेपन में भी सुधार करता है। यह थायराइड ग्रंथि की कार्यक्षमता के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।

कैसे करें

इस मुद्रा को करने के लिए सबसे पहले आप पीठ के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को जांघों के पास रखें। अब पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाते हुए 90 डिग्री तक ले जाएं। इस दौरान हथेलियों के सहारे नितंब को सहारा दें। शरीर को इस तरह सीधा करें कि ठोड़ी आपकी छाती से छुए। कुछ देर इस मुद्रा में रहें फिर धीरे-धीरे पहले वाली अवस्था में आ जाएं।

6. मत्स्यासन

6. मत्स्यासन

मत्स्यासन पेट, छाती और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को फैलाता है। यह तनाव से राहत देता है, पाचन और हृदय प्रणाली की कार्यक्षमता में सुधार करता है। यह बेहतर पोषक तत्वों का अवशोषण भी करता है, जिससे वजन बढ़ाने में मदद मिलती है।

कैसे करें

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पद्मासन में बैठ जाएं। अब धीरे-धीरे पीछे झुकना शुरू करें और पीठ के बल लेट जाएं। इसके बाद आपको अपने दाएं हाथ से बाएं पैर और बाएं हाथ से दाएं पैर को पकड़ना होगा। अब दोनों कोहिनियों को जमीन पर टिकाकर रखें और घुटनों को जमीन से सटा दें। सांस लेते हुए जितना हो सकता है, सिर को पीछे की ओर ले जाएं। इस अवस्था में सांस धीरे-धीरे लें और धीरे-धीरे छोड़ें। अब आप लंबी सांस लेते हुए अपनी पहली वाली अवस्था में आ जाएं।

7. पवनमुक्तासन

7. पवनमुक्तासन

यहां मुद्रा एसिडिटी, अपच, कब्ज और पेट फूलने सहित किसी भी तरह की पाचन संबंधी समस्याओं वाले व्यक्ति के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह मुद्रा पीरियड के समय होने वाली महिलाओं की समस्याओं के लिए भी बहुत अच्छी है। यह पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को ताकत भी देता है।

कैसे करें

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप अपनी पीठ के बल लेट जाएं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आपके हाथ शरीर के साथ चिपके रहने चाहिए। अब गहरी सांस लेते हुए दाएं पैर को मोड़ें। अब आप अपने दोनों हाथों से घुटनों को पकड़ें और उन्हें छाती से लगाने की कोशिश करें। इसके बाद आपको सांस छोड़ते हुए सिर को उठाना होगा और नाक से घुटने का छुना है। इस पोज में कुछ सेकंड रहें। अब सांस छोड़ते हुए अपने पैरों और सिर को पहले वाली अवस्था में ले आएं।

8. शवासन

8. शवासन

इस आसन का अभ्यास आमतौर पर आखिर में किया जाता है। इस योग से आपके शरीर और दिमाग को शांति मिलती है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं जैसे रक्तचाप कम करना, थकान कम करना और तनाव कम करना।

कैसे करें

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप पीठ के बल लेट जाएं। अपने हाथों को शरीर से लगभग एक फुट दूर रखें। पैरों के बीच की दूरी लगभग 2 फुट होनी चाहिए। हथेलियों की दिशा ऊपर की ओर होनी चाहिए। अब आंखें बंद करें और सांस को धीरे-धीरे अंदर-बाहर करें।

नोट: लेख में बताएं गए सभी योगासन करने से पहले ये जरुर सुनिश्चित करे लें की आप इन्हें करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार हैं या नहीं।

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