ब्लड शुगर लेवल को मैनेज कर सकती है हाइपोग्लाइसीमिया डाइट

कहते हैं कि पहला सुख निरोगी काया, अर्थात् व्यक्ति का पहला सुख उसका स्वस्थ शरीर है। हालांकि, हेल्दी रहने के लिए व्यक्ति को सबसे पहले अपने आहार पर ध्यान देना चाहिए। अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए व्यक्ति अलग-अलग तरह की डाइट फॉलो करते हैं। इन्हीं में से एक है हाइपोग्लाइसीमिया डाइट। यह एक ऐसी डाइट है, जो आपके ब्लड शुगर लेवल को रेग्युलेट करने में मददगार साबित होती है। यही कारण है कि इसे मधुमेह रोगियों के लिए लाभदायक माना जाता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको हाइपोग्लाइसीमिया डाइट के बारे में विस्तारपूर्वक बता रहे हैं-

हाइपोग्लाइसीमिया डाइट क्या है?

हाइपोग्लाइसीमिया डाइट क्या है?

हाइपोग्लाइसीमिया डाइट को फॉलो करने से पहले आपको इसके बारे में जानना चाहिए। हाइपोग्लाइसीमिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को लो शुगर लेवल की समस्या का सामना करना पड़ता है। आमतौर पर, यह समस्या मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति में देखी जाती है, लेकिन अगर आपको मधुमेह नहीं है तो भी आपको लो ब्लड शुगर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यह रोग कुछ खास प्रकार के लिवर रोग और ट्यूमर के कारण हो सकता है। ऐसे लोगों के लिए हाइपोग्लाइसीमिया डाइट को फॉलो करना काफी अच्छा माना जाता है। हाइपोग्लाइसीमिया डाइट एक पर्सनलाइज्ड डाइट होती है जिसे रक्त शर्करा के स्तर को प्रबंधित करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

हाइपोग्लाइसीमिया डाइट किस तरह काम करती है?

हाइपोग्लाइसीमिया डाइट किस तरह काम करती है?

हाइपोग्लाइसीमिया डाइट की खासियत यह है कि यह आपको दिनभर में तीन मील्स लेने के स्थान पर चार या पांच बार कम मात्रा में भोजन करने पर फोकस करती है। जिसके कारण व्यक्ति के पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है और ऐसे में व्यक्ति के लिए पाचन प्रक्रिया अधिक आसान हो जाती है।

हाइपोग्लाइसीमिया डाइट में इन चीजों का करते हैं परहेज

हाइपोग्लाइसीमिया डाइट में इन चीजों का करते हैं परहेज

जब बात हाइपोग्लाइसीमिया डाइट को फॉलो करने की होती है, तो आपको कुछ चीजों का सेवन बिल्कुल खत्म कर देना चाहिए। मसलन-

• प्रोसेस्ड और रिफाइंड फूड का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।

• हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित व्यक्ति को शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।

• लोगों को ऐसे फलों के रस का सेवन भी नहीं करना चाहिए, जिसमें शुगर कंटेंट काफी अधिक होता है। इसके स्थान पर फलों का सेवन किया जा सकता है।

• कैफीन से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे एड्रेनालाईन का उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है।

• हाइपोग्लाइसीमिया डाइट को फॉलो करते समय हाई कार्बोहाइड्रेट फूड्स का भी बेहद सोच-समझकर करना चाहिए।

• जूस के अलावा शुगरी आइटम्स जैसे कपकेक, कुकीज और आइसक्रीम आदि का सेवन करने से भी बचना चाहिए। दरअसल, जब आप ऐसे फूड्स का सेवन करते हैं तो यह आपके शरीर को अधिक इंसुलिन का उत्पादन करने के लिए ट्रिगर कर सकते हैं।

अन्य जरूरी टिप्स

अन्य जरूरी टिप्स

अगर आप हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित हैं या फिर हाइपोग्लाइसीमिया डाइट को फॉलो कर रहे हैं, तो यह टिप्स आपके काम आएंगे-

• दिन में तीन बार बड़े भोजन करने के बजाय, दिन भर में हर 3 से 4 घंटे में थोड़ा-थोड़ा भोजन करें।

• जिन पदार्थों में सैचुरेटिड फैट या ट्रांस फैट उच्च होता है, उनसे बचने का प्रयास करें।

• ऐसे फूड्स को चुनें, जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स स्कोर कम हो।

• अपने आहार से प्रोसेस्ड और रिफाइंड शुगर को जितना हो सके, बाहर रखने का प्रयास करें।

• सिंपल कार्बोहाइड्रेट के स्थान पर कॉम्पलैक्स कार्बोहाइड्रेट का चयन करें।

• लीन प्रोटीन खाएं। यह आपके लिए अधिक लाभदायक रहेगा।

• ऐसे फूड्स का चयन करें, जिनमें घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में हों।

नोट- हर व्यक्ति की स्वास्थ्य समस्या अलग होती है, इसलिए हाइपोग्लाइसीमिया डाइट को फॉलो करने से पहले एक बार आहार विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

Story first published: Monday, September 26, 2022, 11:00 [IST]
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