Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत
मलाइका अरोड़ा सर्दियों में हिप्स और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए करती है अश्वा संचालासन, जानें इसके
फिटनेस क्वीन और दिवा मलाइका अरोड़ा की फिटनेस का हर कोई दिवाना है, वो आए दिन सोशल मीडिया में अपनी फिटनेस से जुड़ी कोई न कोई पोस्ट अपने प्रंशसकों के लिए शेयर करती रहती है। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम में एक फोटो शेयर की है जिसमें वो 'अश्वा संचालासन' (equestrian pose) करती हुई नजर आ रही है। मलाइका ने इसके साथ ही लिखा है सर्दियां आने के साथ ही इस मुद्रा का अभ्यास करने से शरीर गर्म और मजबूत रहेगा।
मलाइका ने अपनी योग पोस्ट को कैप्शन देते हुए लिखा है, "नमस्ते सब! सर्दी का मौसम आ गया है और अब हमारे पास वर्कआउट करने और खुद को गर्म रखने का एक और कारण है। जबकि हम खुद कंबल के नीचे आराम करते रहते हैं, तो क्यों न #MalaikasMoveOfTheWeek - अश्व संचालनासन वैरिएशन के साथ आगे बढ़ें और मजबूत महसूस करें?"

अश्व संचालनासन के लाभ:
मलाइका ने योग मुद्रा करने के कुछ लाभों को सूचीबद्ध किया। उन्होंने कहा कि अश्व संचालनासन की वैरिएशन कूल्हों और काफ मसल्स को मजबूत बनाती है। अश्व संचालनासन, संस्कृत भाषा के तीन शब्दों से मिलकर बना है। पहला शब्द है 'अश्व' जिसका अर्थ होता है घोड़ा। दूसरा शब्द है 'संचालन' जिसका अर्थ होता है चलाना। जबकि तीसरा शब्द है 'आसन', मतलब बैठना या पोश्चर। इसीलिए इस आसन को इक्वेस्ट्रियन पोज या घुड़सवार आसन कहा जाता है। ये पोज रीढ़ की लंबाई बढ़ाने में मदद करती है और उनके रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मदद करता है। इसके अलावा अश्व संचालनासन से मेटाबॉलिज्म पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
यह कैसे करना है?
* प्रत्येक हथेली पर ईंट के साथ नीचे की ओर मुंह करके शुरू करें।
* जैसे ही आप सांस लेते हैं, दाहिने पैर को छत की ओर उठाएं, और सांस छोड़ते हुए दाहिने पैर को अपनी हथेलियों के बीच आगे की ओर ले जाएं।
*आपके पैरों के बीच की दूरी आपके लचीलेपन के आधार पर अलग-अलग हो सकती है लेकिन आप उदारता से शुरुआत कर सकते हैं और अगर आपको कोई खिंचाव या परेशानी महसूस होती है तो अंतराल को हमेशा बाद में समायोजित कर सकते हैं।
* अपने दाहिने घुटने को 90 डिग्री के कोण पर मोड़ें।
*सुनिश्चित करें कि आपका दाहिना घुटना दाहिने टखने के साथ संरेखित है।
* अपने पैरों को चटाई में टिकाएं। जैसे ही आप साँस छोड़ते हैं अपने कोर को संलग्न करें। सांस भरते हुए, अपनी बाहों को ऊपर की ओर फैलाएं और एक ऊंचे लंज तक पहुंचें।
* जैसे ही आप श्वास लेते हैं, अपनी छाती का विस्तार करें, अपनी रीढ़ को लंबा करें और अपने धड़ को अपनी दाहिनी जांघ की ओर गिरने दें, और प्रत्येक हाथ में एक ईंट के साथ अपनी बाहों को अपने कंधे के स्तर तक ले जाएं।
* सुनिश्चित करें कि अपनी छाती को पूरी तरह से दाहिनी जांघ पर न गिराएं।
* पांच सांसों तक इसी मुद्रा में रहें।
ये लोग अवॉइड करें
घुटने की चोट, गर्दन की समस्या वाले लोगों को मुद्रा के बारे में सावधान रहना चाहिए या इससे पूरी तरह बचना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
