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करीना की डायटीशियन ने बताया लोहे की कड़ाही में क्या पकाएं और क्या नहीं, जानें जरुरी बातें
पुराने जमाने में मिट्टी या लोहे के बर्तनों में खाना बनाने की परांपरा थी। गांवों में तो आज भी लोहे के बर्तनों में खाना बनाया जाता है। इसमें न सिर्फ खाना टेस्टी बनता है बल्कि हेल्दी भी होता है। लोहे की कड़ाही में लोहे की कड़ाही में बनी सब्जी और अन्य भोजन से शरीर को पर्याप्त मात्रा में आयरन मिलता है। आयरन न केवल शरीर की कोशिकाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है बल्कि यह हीमोग्लोबिन का भी निर्माण करता है। इसके साथ ही यह लाल रक्त कोशिकाओं के विकास में मदद करता है।
मॉड्यूलर किचन के जमाने में लोहे के बर्तनो की जगह नॉनस्टिक बर्तनों ने ले लिया। नॉन स्टिक बर्तनों में पका खाना लोहे के बर्तन में पके खाने की तुलना में कम पौष्टिक होते हैं। आइए न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर से जानते हैं लोहे के बर्तन में कौन सी सब्जी पकानी चाहिए और लोहे के बर्तन में बना खाना कितना फायदेमंद है और इसमें खाना पकाते समय जानें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

लोहे की कड़ाही में किन सब्जियों को पका सकते हैं?
सेलेब्रिटी नूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर की मानें, तो लोहे की कड़ाही में सभी तरह की सब्जियों को पकाया जा सकता है। जैसे कि
- पालक
- बीन्स
- गोभी
- शिमला मिर्च
- ब्रोकली
- फ्रायड चिकन: फ्रायड चिकन लोहे की कड़ाही में बनाना शरीर के अच्छा है। दरअसल, लोहे की कड़ाही में गर्मी होती है और इसमें आपको ज्यादा तेल इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती। फ्रायड चिकन बनाने में आपको तेल ज्यादा इस्तेमाल करना होता है, तो इसकी खपत को कम करने के लिए लोहे के बर्तन का इस्तेमाल करें
-टोफू: आप टाफू को लोहे के बर्तनों में बना कर इसके प्रोटीन के साथ इसमें आयरन की मात्रा को बढ़ा सकते हैं।

इन चीजों को न पकाएं कड़ाही में
लोहे की कड़ाही में आमतौर पर खट्टी सब्जियों को पकाने से बचना चाहिए। जैसे कि इमली, कोकम, टमाटर इत्यादि हैं। ऐसी सब्जियों के लिए आप कांस्य की कड़ाही का उपयोग कर सकते हैं जिसमें कि इनका स्वाद सही रहेगा। दरअसल, खट्टी चीजों का पीएच एसिडिक होता है और जब ये लोहे के बर्तनों में बनाया जाता है, तो ये दोनों आपस में रिक्शन कर लेते हैं, जो कि शरीर में पॉइजिंग का कारण बन सकते हैं। इसलिए जरूरी ये है कि हर दिन लोहे के बर्तन में खाना न बनाएं और सप्ताह में दो से तीन बार ही इसे बनाएं वो इस बात का ध्यान रख कर कि आपको खट्टी चीजों को इसमें नहीं बनाना है।

लोहे के कड़ाही में खाना पकाते हैं तो सब्जियां काली क्यों हो जाती हैं?
आयरन के कारण लोगों के खाने में धातु जैसा स्वाद आता है और इसके कारण आपका भोजन काला हो जाता है। पर ये होना सही नहीं है क्योंकि भोजन "काला" होने का मतलब है कि दो चीजों में से एक गलत है। या तो आपके बर्तन की सही से सफाई नहीं हुई है या फिर आपने खाना पकाने के बाद उसे बाहर नहीं निकाला और उसे कड़ाही में ही छोड़ दिया है।

खाना पकाने के बाद उसे लोहे के बर्तन में न छोड़े
अगर आप लोहे के बर्तन में खाना पका रहे हैं, तो आपको ध्यान रखना चाहिए कि जैसे ही आप खाना पका लेते हैं कुकवेयर से भोजन निकालें। फिर गर्म पानी और ब्रश के साथ अपने बर्तनों को तुरंत साफ करें। फिर इसे अच्छी से सूखा कर ही दोबारा इसका इस्तेमाल करें, नहीं तो आप जब इसमें खाना पकाएंगे वो काला हो जाएगा। अगर आप इन्हीं बर्तनों में खाना स्टोर करना चाहते हैं, सब्जी को इसमें रखने से पहले बर्तन में तेल लगा लें फिर इसमें स्टोर करें। ध्यान रखें कि बर्तन को ढक कर कुछ भी स्टोर न करें। एक सूखी जगह में खुला स्टोर करें।

ह्यूमिडिटी में इसे स्टोर न करें
जलवायु का भी आपके खाने पर अच्छा खासा असर पड़ता है। वो ऐसे कि आर्द्र जलवायु लोहे के साथ रिएक्ट करके इसे काला बना देती है। साथ ही जब आप ढक्कन लगाकर इसमें कुछ भी बंद करके रखेंगे, तो इसमें जंग लग सकता है। अपने बर्तन को ऐसी जगह पर साफ, सूखी हवा दें जहां तापमान काफी स्थिर हो। हालांकि कोशिश करें कि स्टेनलेस स्टील में खाना स्टोर करें या कांच के बर्तनों में। नहीं आपको एलर्जी हो सकती है।
लोहे के चीजों की देखभाल कैसे करें?
लोहे के बर्तनों के उपयोग के बाद इन्हें अच्छे से धोएं और उसे पूरा सूखा कर ही किसी सूखी जगह स्टोर करें। साथ इन बर्तनों को नमी और हवा के संपर्क से दूर रखें। आप लोहे के बर्तन की सतह पर तेल की एक छोटी मात्रा का उपयोग कर सकते हैं या उन्हें कागज या मलमल के कपड़े में लपेट कर रखसकते हैं।



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