Latest Updates
-
Harela Wishes In Pahadi Or Hindi: 'जी रया, जागि रया' कहकर अपनों को दें हरेला पर्व की शुभकामनाएं -
रथ यात्रा में सबसे पहले राजा ही क्यों लगाते हैं झाड़ू? जानिए छेरा पहरा की परंपरा -
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: रथ यात्रा पर शेयर करें भक्तिमय शुभकामना संदेश, मिलेगा प्रभु का आशीर्वाद -
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान?
शमिता शेट्टी ने ग्लूटेन फ्री डाइट को बिगबॉस में बनाया पॉप्युलर, जानें इस डाइट की खासियत
बिग बॉस को आमतौर पर सेलिब्रेटी और विवादों से जोड़कर देखा जाता है। यहां आए दिन किसी न किसी बात पर बहस होती हुई देखी जाती है। हाल के दिनों में यहां सेलिब्रेटी को कुछ गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों पर बात करते हुए देखा गया था। बिग बॉस 15 के घर में जहां अफसाना खान मानसिक रुप से टूटने, मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-देखभाल के मुद्दों पर बात करती हुई नजर आई। वहीं , शमिता शेट्टी एक खास किस्म की डाइट को फॉलों करने और अपने भोजन को लेकर लगातार मनमुटाव करती हुई नजर आई। जिसके बाद हर कोई उनके इस डाइट के बारे में जानने में उत्सुकता दिखा रहा है। दरअसल शमिता शेट्टी एक मेडिकल कंडीशन से जूझ रही है, जिस वजह से वो सामान्य खाना खाने से परहेज करती है। इसलिए वो ग्लेटून फ्री डाइट को फॉलो करती हैं, आइए जानते है इस बारे में।

सामान्य खाना नहीं खा सकती है शमिता शेट्टी
बिग बॉस ओटीटी के एक एपिसोड में, शमिता और भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह के बीच ग्लूटेन-फ्री ग्रेन्युल को लेकर एक कहासुनी हो गई थी, जिसे विशेष रूप से शमिता और नेहा भसीन के लिए भेजा गया था। बाद में, ये मुद्दा इतना बढ़ गया कि शमिता ने अपना आपा खो दिया, जिसके बाद शमिता ने अपनी मेडिकल स्थिति के बारे में बताया कि, वो एक समस्या से वर्षों से जूझ रही थी और यही वजह है कि वह 'सामान्य भोजन नहीं खा सकती है'।
इस स्थिति को कोलाइटिस कहा जाता है, ये एक इंफ्लेमेंटरी बाउल डिसीज (आईबीडी) है, जो किसी के पाचन तंत्र में सूजन और घावों की वजह से होती है और कोलन या बड़ी आंत की आंतरिक परत में ऐंठन, पेट में दर्द, बुखार, ठंड लगना, खून के साथ दस्त जैसी स्थिति पैदा कर सकती है।
कथित तौर पर, अपनी इस स्थिति के कारण, शमिता शेट्टी एक ग्लूटेन-फ्री डाइट का सेवन करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्सरेटिव कोलाइटिस वाले लोगों में ग्लूटेन संवेदनशीलता एक बढ़ती हुई समस्या है। हाल के वर्षों में लोगों में पाचन संबंधी जटिलताओं और ग्लूटेन इंटोलेरेंस की समस्या बढ़ती जा रही है। यहां तक कि ज्यादा ग्लूटेन के सेवन से बिना किसी लक्षणों के सीलिएक रोग, जो एक तरह का ऑटोइम्यून विकार है वो भी बढ़ रहा है।
जर्नल इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, आईबीडी से पीड़ित 65 प्रतिशत रोगियों ने ग्लूटेन-मुक्त आहार लेने पर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षणों से कुछ राहत मिलती है।

क्या है ग्लूटेन फ्री डाइट
"ग्लूटेन एक प्रोटीन है जो गेहूं, जौ और राई जैसे अनाज में पाया जाता है। यह विभिन्न प्रकार की ब्रेड, फुल्का / चपाती, पास्ता, केक, बिस्कुट, राई, जौ, सूप बेस, बीयर, कैंडी, आदि में मौजूद होता है। बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई अस्पताल, की वरिष्ठ आहार विशेषज्ञ "एडविना राज के अनुसार, कई व्यक्ति अपनी वर्तमान स्थिति के आधार पर एक पोषण विशेषज्ञ से गेहूं के सही विकल्प को समझे बिना ग्लूटेन को पूरी तरह से छोड़ देते हैं और अंत में उनकी स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ जाती है।
हालांकि, विशेषज्ञ ग्लूटेन संवेदनशीलता, सीलिएक रोग, गंभीर पेट फूलना जैसी समस्या होने पर त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेने के लिए गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से पूरी तरह से जांच करने की सलाह देती है, जिससे पोषण विशेषज्ञ ग्लूटेन मुक्त आहार की आवश्यकता को समझ सकें।

ये कितना सुरक्षित है?
डॉ गारविन ब्लिस सुझाव देते हैं कि सीलिएक रोग के लक्षणों और लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए ग्लूटेन मुक्त आहार लेना सुरक्षित है।
हालांकि, यह एक प्रतिबंधात्मक आहार है और गेहूं और गेहूं के उत्पादों जैसे खाद्य पदार्थों से बचा जाता है, इसलिए कई विटामिन और खनिजों में कमी हो सकती है। ग्लूटेन फ्री डाइट, इसलिए फाइबर में भी कमी हो सकती है, जो पाचन स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी है।

ये डाइट कैसे मदद करती है
इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज के सभी रोगियों को तब तक ग्लूटेन फ्री आहार की आवश्यकता नहीं होती है जब तक कि उन्हें सीलिएक रोग या ग्लूटेन सेंसिविटी की जांच नहीं की जाती है।
इस बीमारी की गंभीरता को समझने के लिए आईबीडी में सलाह दी जाती है कि बेहतर व्यक्तिगत सलाह के लिए चिकित्सा और पोषण विशेषज्ञों की तलाश करें, लेकिन सीलिएक रोग या ग्लूटेन इंटोलेरेंस वाले व्यक्ति को ग्लूटेन से बचना चाहिए, क्योंकि ग्लूटेन आगे नुकसान पहुंचाता है और छोटी आंत में सूजन का कारण बनता है और एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया जो दस्त, सूजन, कब्ज, मतली और उल्टी के साथ-साथ वजन घटाने से जुड़ी थकान को बढ़ा सकता है।



Click it and Unblock the Notifications