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खमण ढोकला या उपमा क्या है ज्यादा पौष्टिक, जानें वेटलॉस के लिए क्या खाएं बेसन या सूजी
आप जो खाते हैं उससे आपका वजन मैंटेन होता है। ज्यादात्तर भारतीय रसोईयों में सुबह के नाश्ते में बेसन या सूजी का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। दोनों खाद्य पदार्थों में कैलोरी कम होती है और पेट जल्दी भर जाता है, यही वजह है कि इन्हें नाश्ते का सबसे अच्छा विकल्प कहा जाता है। हालांकि, लोग अक्सर बहस करते हैं कि सूजी और बेसन दोनों में से खाने में ज्यादा पौष्टिक और सेहत के लिए बेहतर क्या है? आइए दोनों के पोषण मूल्य को देखें और पता लगाए कि सूजी या बेसन दोनों में से क्या है आपके लिए सही नाश्ते का विकल्प।

सूजी की न्यूट्रिशियनल वेल्यू
सूजी साबुत गेहूं को दरदरा पीसकर बनाई जाती है। इसकी पोषण सामग्री की बात करें तो 100 ग्राम सूजी लगभग आपको 360 कैलोरी देती है। सूजी में 72.83 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। साथ ही इसमें 3.9 ग्राम डाइट्री फाइबर होता है। सूजी आयरन से भरपूर होती है और इसमें फैट की मात्रा कम होती है। साथ ही सूजी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है।

बेसन का न्यूट्रिशियनल वेल्यू
बेसन चने से बना आटा है। बेसन की एक अच्छी बात यह है कि यह ग्लूटेन फ्री होता है। इसके पोषक तत्वों की बात करें तो 100 ग्राम लगभग आपको 387 कैलोरी देता है। इसके अलावा बेसन में 50% से ज्यादा फैट होता है। इसमें 10 ग्राम चीनी के साथ ही 10 ग्राम डाइट्री फाइबर होता है। इसमें सूजी की तुलना में फैट की मात्रा थोड़ी अधिक होती है। साथ ही बेसन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है।

केलोरी
अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) के अनुसार, 100 ग्राम सूजी या सूजी में 360 कैलोरी होती है और इतनी ही मात्रा में बेसन में 387 कैलोरी होती है। सूजी और बेसन दोनों कैलोरी के मामले में वजन प्रबंधन के लिए बेहतर विकल्प है। उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ कई कारणों से वजन घटाने के लिए फायदेमंद होते हैं। ये दोनों ही खाद्य पदार्थ कैलोरिज में ज्यादा होने के वजह से ज्यादा स्नैक खाने की इच्छा को कम करते हैं।
आम तौर पर, महिलाओं के लिए प्रतिदिन 2,000 कैलोरी और पुरुषों के लिए 2,500 कैलोरिज का सेवन करना चाहिए।

कौन सा बेहतर है?
अगर हम दोनों आटे की पोषण सामग्री को देखें, तो सूजी फिटनेस प्रेमियों के लिए बेसन की तुलना में एक बेहतर विकल्प है। चूंकि सूजी में आहार फाइबर अधिक होता है जो पाचन को आसान बनाता है। साथ ही, सूजी में बेसन की तुलना में वसा और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है। अपने आहार में सीमित वसा और कार्बोहाइड्रेट सामग्री होना महत्वपूर्ण है। हालांकि, मधुमेह वाले लोगों को बेसन का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसमें सूजी की तुलना में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है। सूजी में ग्लूटेन भी होता है जो इसे ग्लूटेन के प्रति संवेदनशील लोगों को इससे खाने से बचना चाहिए।
वेटलॉस के लिए क्या खाएं
बेसन और सूजी दोनों ही वजन घटाने के लिए बेहतर विकल्प हैं। सूजी में सूजी का उपमा, सूजी हलवा और सूजी का डोसा नाश्ते में बेहतर ऑप्शन है। वहीं बेसन का चीला और खमण ढोकला खाना लोग बेहद पसंद करते हैं। इन व्यंजनों को बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता है। दोनों ही बेहद स्वादिष्ट होते हैं और शरीर को जरूरी पोषण प्रदान करते हैं। तो आप दोनों का सेवन कर सकते हैं। बेहतर है कि आप अलग-अलग दिन इन दोनों को ट्राई करें, ताकि आप एक ही चीज खाकर बार-बार बोर न हों।



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