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Fat To Fit: हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज से दीपिका ने घटाया 37 किलो, जानें उनकी बॉडी और माइंड ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी
Fat To Fit: आजकल मोटापा एक गंभीर समस्या बन चुका है। मोटापा न केवल देखने में बेकार लगता है, बल्कि डायबिटीज, हाई बीपी, हृदय और लिवर रोग जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। मोटापे के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे गलत खानपान, खराब जीवनशैली, एक्सरसाइज की कमी और तनाव। इसके अलावा, कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद भी इस समस्या से जूझना पड़ता है। कुछ महिलाएं डिलीवरी के लंबे समय बाद भी अपना वजन कम नहीं कर पाती हैं। इंदौर की रहने वाली दीपिका महेश्वरी की कहानी भी कुछ ऐसी ही थी। प्रेगनेंसी के बाद दीपिका अपने बढे हुए वजन से काफी परेशान थीं। दो डिलीवरी के बाद उनका वजन 104 किलो तक पहुंच गया था। उन्हें जेस्टेशनल डायबिटीज, थायराइड और हाई ब्लड प्रेशर जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। एक समय ऐसा आया जब उन्हें अपने बच्चे को गोद में उठाना भी मुश्किल लगने लगा। तभी उन्होंने ठान लिया कि अब वह वजन कम करके रहेंगी। हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज की मदद से दीपिका ने कुछ ही महीनों में लगभग 37 किलो वजन कम कर लिया। Boldsky की 'फैट तो फिट' सीरीज में आज दीपिका महेश्वरी से जानेंगे उनकी वेट लॉस जर्नी के बारे में -

कैसे शुरू हुई फिटनेस जर्नी?
अपनी बैंकिंग जॉब के साथ घर और परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए दीपिका खुद पर ध्यान नहीं दे पा रही थीं। अपने बीजी शेड्यूल के कारण वह अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पा रही थीं, जिसके कारण उनका वजन काफी बढ़ गया था। दीपिका बताती हैं, " जब मैं पहली बार प्रेग्नेंट हुई, तो मेरा वजन तेजी से बढ़ने लगा। फिर बेटी को जन्म देने के बाद मेरा वजन लगभग 20 किलो बढ़ गया। उस समय मैं 94 किलो तक पहुंच गई थी। जब मेरी बेटी 3 साल की हुई, तो मैंने वजन कम करने का सोचा और थोड़ा-सा वेट लॉस भी किया। लेकिन इसी दौरान मेरी मां का निधन हो गया और मैं तनाव में आ गई। फिर से मेरा वजन बढ़ने लगा। इसके बाद, 2021 में दूसरी प्रेग्नेंसी में मुझे जेस्टेशनल डायबिटीज भी हो गया था। इसके साथ ही, हाइपोथायरायडिज्म और हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत भी हो गई थी। ऐसे में दूसरी डिलीवरी के बाद मेरा वजन 104 किलो तक पहुंच गया था। मोटापे की वजह से मेरे लिए अपने बच्चे को गोद में उठाकर घूमना भी मुश्किल हो गया था। फिर जब डिलीवरी के बाद मेरी दिक्कतें बढ़ने लगी, तो मैंने वजन कम करने का ठान लिया।"
दीपिका ने घटाया 37 किलो वजन
वह आगे बताती हैं, "एक रात मैं अपने मोटापे से इतनी परेशान हो गई थी कि मुझे नींद ही नहीं आ रही थी। फिर मैं लोगों के वेट लॉस से जुड़े आर्टिकल्स पढ़ने लगी। अपनी फिटनेस जर्नी के दौरान मैं फेसबुक पर फिटर ग्रुप से जुड़ी और यहां से मुझे कोच मिले, जिन्होंने मुझे पूरा वेट लॉस डाइट और एक्सरसाइज के बारे में बताया। फिर इसी डाइट और एक्सरसाइज रूटीन को फॉलो करके मैंने अपना 37 किलो वजन घटाया।"
वजन घटाने के लिए क्या किया?
दीपिका बताती हैं कि वजन घटाने के लिए उन्होंने अपनी डाइट सुधारी, चीनी और चावल छोड़ दिया, फास्ट फूड से दूरी बनाई और रोजाना वर्कआउट शुरू किया। डंबल, स्क्वाट्स और नियमित वॉक को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। कुछ ही महीनों में उन्होंने करीब 37 किलो वजन कम कर लिया और आज उनका वजन 67 किलो है। वजन घटने के साथ उनकी सेहत में भी बड़ा सुधार आया, जैसे शुगर, बीपी और थायराइड कंट्रोल हुआ, नींद बेहतर हुई और शरीर में ऊर्जा बढ़ी।
अब दूसरों का मार्गदर्शन कर रही हैं दीपिका
दीपिका बताती हैं कि यह सफर सिर्फ वजन कम करने तक सीमित नहीं रहा। इस बदलाव ने उन्हें मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया। इसी आत्मविश्वास ने उन्हें अपनी बैंक की नौकरी छोड़कर अपने मन की राह चुनने की हिम्मत दी। आज वह दो प्री-स्कूल की संस्थापक हैं, जिन्हें वह जागरूक नेतृत्व के साथ चला रही हैं। दीपिका का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली के प्रति उनका अनुशासन लगातार बना रहा। इसी दौरान उन्होंने Mrs India Inc में भाग लेने के लिए आवेदन किया और लॉ ऑफ अट्रैक्शन व लाइफ कोचिंग के क्षेत्र में कदम रखा। अब वह दूसरों को संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन देती हैं।

नई ताकत और नया लक्ष्य
दीपिका का मानना है कि असली बदलाव शरीर से शुरू होकर मन और आत्मा तक पहुंचता है। फिलहाल वह अपने कोच के मार्गदर्शन में मसल गेन जर्नी पर हैं। उनका कहना है कि असली बदलाव एक मजबूत और स्पष्ट निर्णय से शुरू होता है। उनका कहना है कि हेल्थ सिर्फ वजन कम करने का नाम नहीं है। यह मन, शरीर और आत्मा के संतुलन की नींव है। जब शरीर स्वस्थ होता है तो मन अनुशासित बनता है और जब मन अनुशासित होता है तो जीवन को सही दिशा मिलती है। दीपिका की कहानी यह सिखाती है कि स्वास्थ्य कोई अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि बेहतर और संतुलित जीवन की पहली सीढ़ी है।
वेट लॉस और मेंटल हेल्थ के बीच कनेक्शन
वजन कम करना सिर्फ शरीर को फिट बनाने के लिए नहीं है, बल्कि यह मानसिक मजबूती, आत्मसम्मान और सकारात्मक सोच विकसित करने का भी एक शक्तिशाली तरीका है। इससे निम्नलिखित फायदे मिलते हैं -
नियमित व्यायाम से एंडोर्फिन बढ़ते हैं, जिससे मूड बेहतर होता है और स्ट्रेस कम महसूस होता है।
1. कई स्टडीज बताती हैं कि शारीरिक गतिविधि डिप्रेशन के हल्के और मध्यम लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है।
2. वेट लॉस से आत्मविश्वास और सेल्फ-इमेज बेहतर होती है। दरअसल, जब शरीर में सकारात्मक बदलाव दिखते हैं, तो व्यक्ति खुद को लेकर ज्यादा आत्मविश्वासी और संतुष्ट महसूस करता है।
3. वजन कम होने और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाने से स्लीप क्वालिटी बेहतर होती है, जो मानसिक स्थिरता के लिए जरूरी है।
4. एक्टिव लाइफस्टाइल दिमाग में ब्लड फ्लो बढ़ाती है, जिससे ध्यान और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है।
5. हेल्दी रूटीन अपनाने से अनुशासन और कंट्रोल की भावना आती है, जो भावनात्मक मजबूती को बढ़ाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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