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बासमती की खुशबू पहुंची ब्रिटेन तक, कहीं आपके घर में तो नहीं पक रहा नकली प्लास्टिक वाला चावल?
How to identify real basmati Rice : भारत और ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत अब भारत की मशहूर बासमती चावल बिना कस्टम ड्यूटी के ब्रिटेन भेजी जा सकेंगी। इससे 95% से ज्यादा कृषि और प्रोसेस्ड फूड पर टैक्स खत्म हो जाएगा इससे भारतीय किसानों और निर्यातकों को अच्छा मुनाफा मिलेगा।
खासकर से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के किसानों को सीधा फायदा होगा।
बासमती की बढ़ती मांग के चलते बाजार में नकली बासमती चावल भी बिक रहे हैं, जिनमें प्लास्टिक या सस्ते चावल मिलाए जाते हैं। FSSAI ने असली और नकली बासमती की पहचान के लिए दिशानिर्देश तय किए हैं, क्योंकि लोग सिर्फ लंबाई देखकर धोखा खा जाते हैं, जानें कैसे बासमती की शुद्धता का पता करें।

दुनियाभर में पसंद किए जाते हैं बासमती चावल
फूड और ट्रेवल गाइड 'टेस्ट एटलस' ने 2023-24 में बासमती चावल को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ चावल घोषित किया है। दूसरे नंबर पर इटली का आर्बेरियो और तीसरे पर पुर्तगाल का कैरोलिना चावल है। APEDA (एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी) के अनुसार, बासमती वही चावल है जिसकी लंबाई कम से कम 6.61 मिमी और मोटाई करीब 2 मिमी हो।
नकली बासमती चावल से रहें सावधान
बढ़ती मांग के चलते बाजार में नकली बासमती चावल भी धड़ल्ले से बिक रहा है, जिसमें प्लास्टिक या सस्ते चावल मिलाए जाते हैं। FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने बासमती की शुद्धता के लिए मानक तय किए हैं।
FSSAI के मानकों के अनुसार असली बासमती की पहचान
दाने की लंबाई: पकने से पहले 8.44 मिमी तक होता है, और पकने पर दोगुना लंबा हो जाता है।
खुशबू: प्राकृतिक और तेज़ सुगंध होती है।
नुकीला सिरा: हर दाने के एक सिरे पर हल्का नुकीलापन होता है।
PCR टेस्ट: डीएनए आधारित लैब टेस्ट से असली बासमती की पुष्टि होती है।

नकली बासमती की घरेलू पहचान के तरीके
पानी टेस्ट: कटोरी में पानी में चावल डालें। असली चावल डूब जाता है, नकली तैर सकता है।
जलाने का टेस्ट: चावल जलाएं। प्लास्टिक जैसी बदबू आए तो वह नकली हो सकता है।
चूना टेस्ट (Lime Test): चूना पानी डालने पर अगर रंग लाल हो जाए, तो मिलावट है।
तेल टेस्ट: गरम तेल में डालने पर असली चावल नहीं पिघलता, नकली पिघल सकता है।
उबालने पर फर्क: असली बासमती पकने पर लंबा और अलग-अलग रहता है, नकली चिपकता है।
ऐसे तैयार करते हैं नकली बासमती
कुछ लोग आलू और प्लास्टिक मिलाकर ऐसे चावल बनाते हैं जो देखने में बासमती जैसे लगते हैं। ये पोषणहीन और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होते हैं। पकने पर इनमें स्वाद नहीं होता, और यह रबर जैसे लचीले हो जाते हैं।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- असली बासमती में तेज और प्राकृतिक खुशबू होती है, जबकि नकली में हल्की या कृत्रिम सुगंध होती है।
- असली चावल लंबे और पतले होते हैं, नकली छोटे या असमान होते हैं।
- पकने पर असली चावल अलग-अलग रहते हैं, नकली चिपक जाते हैं।
- जलाने पर असली में सामान्य गंध, नकली में प्लास्टिक जैसी बदबू आती है।
- असली स्वादिष्ट होता है, नकली बेस्वाद लगता है।
खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
- FSSAI प्रमाणित ब्रांड का ही चावल लें।
- स्थानीय विश्वसनीय विक्रेता से खरीदें।
- पैकेजिंग पर दी गई जानकारी ध्यान से पढ़ें।
- बहुत सस्ते चावलों से सावधान रहें।



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