रमजान में रख रहे हैं रोजा तो सेहरी और इफ्तार के लिए फॉलो करें ये हेल्दी डाइट टिप्स, दिनभर रहेंगे एनर्जेटिक

Ramadan 2026: रमजान इस्लाम का बेहद पवित्र महीना है। रमजान में मुसलमान पूरे महीने रोजे रखते हैं और इबादत करते हैं। यह महीना हमें सब्र, अनुशासन और आत्मचिंतन की सीख देता है। सुबह सूर्योदय के बाद से लेकर सूर्यास्त तक रोजा रखना सिर्फ इबादत नहीं, बल्कि मन और शरीर दोनों की परीक्षा भी है। हालांकि, लंबे समय तक बिना खाना-पानी के रहने से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है और ब्लड शुगर लेवल में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है। ऐसे में, रमजान में रोजा रखने के दौरान सही खानपान अपनाना बहुत जरूरी हो जाता है, ताकि आप पूरे महीने स्वस्थ और ऊर्जावान रह सकें। आज इस लेख में 750AD हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ, मिथुन मजूमदार से जानते हैं इफ्तार और सेहरी के लिए 5 हेल्दी डाइट टिप्स -

Ramadan Healthy Diet Tips

सहरी में क्या खाएं?

रोजे की शुरुआत सुबह सहरी से होती है। आप सहरी में जो कुछ भी खाते-पीते हैं, उससे आपको पूरे दिन के कामों के लिए ऊर्जा मिलती है। इसलिए सहरी को कभी भी छोड़ना नहीं चाहिए। अगर आप सहरी को छोड़ देंगे, तो इसके कारण आपको सिरदर्द, कमजोरी, थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। इसके साथ ही ध्यान रखें कि सहरी में हमेशा हल्का लेकिन पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। इससे शरीर को ऊर्जा मिलेगी और पाचन तंत्र भी ठीक करेगा। आप सहरी में साबुत अनाज जैसे ओट्स, बाजरा या गेहूं की रोटी शामिल कर सकते हैं, जो धीरे-धीरे ऊर्जा देते हैं। इसके अलावा, दाल, अंडा, दही या मेवे जैसे प्रोटीन युक्त फूड्स का सेवन करें। ये शरीर को मजबूती देते हैं और लंबे समय तक पेट को भरा हुआ रखते हैं। सहरी में ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें, जो पाचन को बेहतर बनाती हैं। सुबह के समय तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे दिनभर प्यास ज्यादा लगती है।

इफ्तार के समय क्या खाएं?

सूर्यास्त के समय रोजा खोलने को इफ्तार कहते हैं। दिनभर भूखे-प्यासे रहने के बाद, इफ्तार में सही खानपान होना बहुत जरूरी है। परंपरा के अनुसार 1-2 खजूर और पानी से रोजा खोलना बेहतर होता है। खजूर शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और दिनभर की थकान कम करता है। इसके बाद धीरे-धीरे हल्का भोजन जैसे फल, सलाद या सूप लें। एकदम से ज्यादा तला-भुना या मीठा खाने से बचें, क्योंकि यह शरीर पर बोझ डाल सकता है। खासकर, डायबिटीज के मरीजों को इफ्तार के समय अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए और भारी भोजन तुरंत नहीं करना चाहिए। आप इफ्तार की थाली में हरी सब्जियां, दाल या कोई प्रोटीन, साबुत अनाज और थोड़े फल जरूर शामिल करें। इसके अलावा, सूखे मेवे, अलसी या चिया सीड्स डालकर स्मूदी भी पी सकते हैं। खाना बनाने के लिए सरसों, तिल या मूंगफली का तेल इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

पानी भरपूर पिएं

रमजान में रोजा रखते समय शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन सबसे बड़ी समस्या बन सकती है। इसलिए इफ्तार से लेकर सहरी तक के समय में थोड़ा-थोड़ा करके पर्याप्त पानी पिएं। पैकेट वाले जूस, कोल्ड ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक का सेवन न करें, क्योंकि ये प्यास बढ़ा सकते हैं और सेहत के लिए नुकसानदायक भी होते हैं।

संतुलन और संयम रखें

सबसे जरूरी बात यह है कि रोजा खोलते समय संयम रखें। पूरे दिन भूखे रहने के बाद ज्यादा खाने का मन करना स्वाभाविक है, लेकिन जरूरत से ज्यादा खाना शरीर पर दबाव डाल सकता है। इसलिए धीरे-धीरे, कम मात्रा में और ध्यान से खाएं। रमजान सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन और शरीर को संतुलित करने का समय होता है। अगर आप सही और संतुलित आहार अपनाते हैं, तो यह पवित्र महीना आपके लिए आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ अच्छी सेहत और भी लेकर आएगा।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, February 27, 2026, 18:00 [IST]
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