क्‍या तनाव लेने से मोटापा बढता है?

इस बात को तो कबूलना ही होगा कि हम तनाव से कभी मुक्‍ती नहीं पा सकते। अगर बच्‍चा है तो उसे अपनी पढ़ाई और एक्‍जाम की चिंता होगी और अगर बूढा है तो उसे अपनी जिन्‍दगी की चिंता। हमने अक्‍सर सुना है कि लोग चिंता में दुबले हो जाते हैं, लेकिन क्‍या यह भी काफी हद तक सच है कि तनाव के कारण लोग मोटे भी हो जाते हैं? यह सच है कि हमारा शरीर शारीरिक और मानसिक तनाव में अलग-अलग तरह की व्‍यावहार करता है। अगर आप भी चिंता में मोटे हो रहे हैं, तो इसके पीछे का कारण जरूर जानिये।

Can stress lead to body fat?

तनाव और मोटापा किस तरह से मेल खाते हैं?

जब भी आप किसी स्‍ट्रेसफुल टाइम से गुजर रहे होते हैं, तो उस समय आपके दिमाग को अनुभव हो जाता है कि आपका शरीर किसी मुसीबत में हैं और उस समय वह शरीर को निर्देश देता है कि वह एक प्रकार का हार्मोन रीलीज करे। उसके बाद इससे अचानक एड्ररलिन को फ्लो बढ जाता है और जिसे कॉर्टिसोल शरीर की एनर्जी को बढाने लगता है। जिससे आपको तेज भूख लगने लगती है। और जब तक आपको स्‍ट्रेस रहता है उतनी देर तक आपका शरीर कॉर्टिसोल को पंप करता जाता है, जिससे भूख तेज होती जाती है।

साइंस डेली की स्‍टडी के अनुसार, सामाजिक तनाव को खतरनाक फैट के इकठ्ठा होने और हार्ट की बीमारियों से जोडा जाता है। इस स्‍टडी ने इस बात को प्रूफ किया है कि तनाव लेने से पेट पर चर्बी जमा हो जाती है और इंसान मोटापे का शिकार हो जाता है।

दूसरे शोध में पाया गया कि ऐसे बंदर जो कि आहार पर जीते थे, उन्‍के मुकाबले ऐसे बंदर जिन्‍हें क्रोनिक स्‍ट्रेस में रखा गया, वह मोटापे का शिकार हो गए। यह शोध तकरीबन दो साल तक के लिये चला, जिससे यह बात सामने आयी कि ज्‍यादा मोटे लोगो को मैटाबॉलिक सिंड्रोम, धमनियों का ब्‍लॉकेज और बढती हुई तोंद की समस्‍या पैदा होती है।

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट?

दिल्‍ली की जानी मानी डयटीशियन बताती हैं, कि हार्मोन कॉर्टिसोल का काम भूख को बढाना और पेट के निचले हिस्‍से में चर्बी जमाना होता है। इसलिये हमेशा तनाव मुक्‍त रहें जिससे पेट पर चर्बी ना जम सके। इसके अलावा अगर तनाव कम करना है, तो कुद की एक हेल्‍दी डाइट चार्ट बनाएं और दिन में 45 मिनट व्‍यायाम या योग करें।

पेट के निचले भाग पर चर्बी जमने का कारण, कोई पुरानी चिंताओ का होना और लाइफस्‍टाइल में बदलाव से होता है। क्‍योंकि पेट की चर्बी से इंसुलिन रेजिस्‍टेंट होता है जिससे ब्‍लड शुगर और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल बढता है। इन्‍हीं सब कारणों से डयबीटिज टाइप 2, हाइपर टेंशन और हार्ट की बीमारियां होती हैं। इस पेट की चर्बी की वजह से सिर दर्द हो सकता है क्‍योंकि दिमाग में ग्‍लूकोज का फ्लो कम हो जाता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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