लिवर खराब होने के 10 लक्षण

By Super

लिवर कई कारणों से खराब हो सकता है जैसे हेरिडिटी (परिवार के किसी सदस्य से प्राप्त), विषाक्तता (किसी केमिकल या वायरस के कारण) या किसी लंबी बीमारी के कारण जो आपके लिवर को पूरी ज़िन्दगी के लिए प्रभावित कर सकती है।

लिवर शरीर को भोजन के पाचन में, पोषक तत्वों के अवशोषण में तथा विषारी तत्वों को शरीर से बाहर निकालने में सहायक होता है। पेट में स्थित इस अंग के बिना आप जीवित नहीं रह सकते।

यहाँ दस लक्षण बताए गए हैं जो लिवर खराब होने का संकेत देते हैं....

 1. पेट पर सूजन

1. पेट पर सूजन

सिरोसिस लिवर की एक गंभीर बीमारी है जिसमें पेट में एक द्रव्य बन जाता है (इस स्थिति को अस्सिटेस कहा जाता है) क्योंकि रक्त और द्रव्य में प्रोटीन और एल्बुमिन का स्तर रह जाता है। इसके कारण ऐसा लगता है कि रोगी गर्भवती है।

2. पीलिया

2. पीलिया

जब त्वचा रंगरहित तथा आँखें पीली दिखती हैं तब यह लिवर खराब होने का लक्षण होता है। त्वचा तथा आँखों का इस प्रकार सफ़ेद और पीला होना यह दर्शाता है कि रक्त में बिलीरूबिन ( एक पित्त वर्णक) का स्तर बढ़ गया है तथा इसके कारण शरीर से व्यर्थ पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते।

3. पेट में दर्द

3. पेट में दर्द

पेट में दर्द, विशेषत: पेट के ऊपरी दाहिने भाग में या पसलियों के नीचे दाहिने भाग में दर्द लिवर के खराब होने का लक्षण है।

4. मूत्र में परिवर्तन

4. मूत्र में परिवर्तन

शरीर में बहने वाले रक्त में बिलीरूबिन का स्तर बढ़ जाने के कारण मूत्र का रंग गहरा पीला हो जाता है, तथा जिसे खराब लिवर किडनी के द्वारा बाहर निकलने में असमर्थ होता है।

5. त्वचा में जलन

5. त्वचा में जलन

त्वचा में खुजली जो जाती नहीं है तथा त्वचा पर रैशेस (लालिमा) लिवर खराब होना का एक अन्य लक्षण है क्योंकि त्वचा की सतह पर पाए जाने वाले द्रव्य में कमी आ जाती है जिसके कारण त्वचा मोटी, छिलके वाली हो जाती है तथा त्वचा पर खुजली वाले चकत्ते आ जाते हैं।

6. मल में परिवर्तन

6. मल में परिवर्तन

लिवर खराब होने के कारण मल उत्सर्जन में बहुत परिवर्तन होता है जैसे कब्ज़, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम या मल के रंग में परिवर्तन, काले रंग का मल या मल में रक्त आना।

7. जी मिचलाना

7. जी मिचलाना

पाचन से संबंधित समस्याएं जैसे अपचन और एसिडिटी के कारण लिवर खराब हो सकता है जिसके कारण उल्टियां भी हो सकती हैं।

8. भूख कम लगना

8. भूख कम लगना

लिवर खराब होने के कारण लिवर फेल भी हो सकता है तथा उपचार न करवाने पर भूख कम लगती है जिसके कारण वज़न कम होता जाता है। ऐसे मामलों में जहाँ रोगी बहुत अधिक अशक्त हो जाता है उन्हें नस के माध्यम से पोषक तत्व दिए जाते हैं।

9. द्रव प्रतिधारण

9. द्रव प्रतिधारण

सामान्यत: तरल पदार्थ पैरों, टखनों और तलुओं में जमा होता है। इस स्थिति को ऑएडेम कहा जाता है जिसके कारण लिवर गंभीर रूप से खराब हो सकता है। जब आप त्वचा के सूजे हुए भाग को दबाते हैं तो आप देखेंगे कि उंगली उठाने के बाद भी बहुत देर तक वह स्थान दबा हुआ रहता है।

10. थकान

10. थकान

लिवर खराब होने के बाद जब फेल होने की स्थिति में आता है तो चक्कर आना, मांसपेशियों की तथा दिमागी कमज़ोरी, याददाश्त कम होना तथा संभ्रम (कन्फ्यूज़न) होना तथा अंत में कोमा आदि समस्याएं हो सकती हैं।

Story first published: Monday, October 28, 2013, 9:02 [IST]
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