Latest Updates
-
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Mother's Day पर मां का मुंह कराएं मीठा, बिना ओवन और बिना अंडे के घर पर तैयार करें बेकरी जैसा मैंगो केक -
Budh Nakshatra Gochar 2026: 7 मई से बुध का भरणी नक्षत्र में गोचर, इन 3 राशियों की खुलेगी सोई हुई किस्मत -
World Athletics Day 2026: 7 मई को ही क्यों मनाया जाता है 'विश्व एथलेटिक्स दिवस'? जानें इतिहास और महत्व -
Mother's Day 2026 पर मां को दें प्यार भरा सरप्राइज, आपके लिए लाए हैं 1,000 से कम में ये 5 गिफ्ट आइडियाज -
गर्मी में बीपी हाई और लो क्यों होता है? डॉ. शालिनी सिंह सोलंके से जानें कारण व बचाव के 5 जरूरी टिप्स
आपका रक्त परीक्षण बताएगा कब तक जीएंगे आप!
आईएएनएस, यदि आपको पता चल जाए कि आप कितने साल तक जिंदा रहेंगे तो सोंचिये कितना अच्छा लगेगा। ऐसा करने से हम अपनी पूरी उम्र की सारी त्यारियां पहले से ही कर लेगें। अगर आप सोंचते हैं कि ऐसा नहीं हो सकता तो आप गलत हैं क्योंकि एक रिसर्च के अनुसार ये बात सामने आ गई है कि अब आप अपने खुद के रक्त परीक्षण से अपने बचे हुए जीवनकाल का पता लगा सकते हैं।
अभी तक रक्त परीक्षण से विभिन्न रोगों और शरीर में पोषक तत्वों की मात्रा के बारे में ही जान सकते थे, लेकिन अब एक सस्ते रक्त परीक्षण से जीवनकाल का पता भी लगाया जा सकेगा। हाल ही में हुए एक अध्ययन में बताया गया है कि एक सस्ते से रक्त परीक्षण से पता चल सकता है कि किस व्यक्ति को दिल की बीमारी बढ़ने का खतरा है, यहां तक कि इससे भावी जीवनकाल का भी पता चल सकता है।

उटा के मुरे स्थित इंटरमाउंटेन मेडिकल सेंटर हार्ट इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने हारवर्ड के ब्रिघम और बोस्टन के महिला अस्पताल के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर संपूर्ण रक्त गणना (सीबीसी) के रिस्क स्कोर का एक नया अध्ययन किया, जिसका प्रयोग सामान्य रक्त परीक्षण में होता है।
साइंस डेली के मुताबिक, इंटरमाउंटेन मेडिकल सेंटर हार्ट इंस्टीट्यूट में हृदय और आनुवांशिक रोग विज्ञान के निदेशक और मुख्य शोधकर्ता बेंजामिन हॉर्न ने बताया कि चिकित्सक सालों से सीबीसी लैब परीक्षण का प्रयोग
करते आ रहे हैं, लेकिन वे यह नहीं जान पाए कि इसके सभी घटक जीवन प्रत्याशा की जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने कहा, "सीबीसी को मानक विधि के तौर पर प्रयोग करके चिकित्सक , भविष्य में रोगी की मौत का कारण बनने वाली बीमारियों का आकलन करके उन्हें बेहतर चिकित्सा उपलब्ध करा सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "स्वस्थ लोगों के अलावा यह रिस्क स्कोर अधिक जोखिम वाले मरीजों की पहचान करने के साथ-साथ किस मरीज पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, इसकी पहचान करने में भी चिकित्सकों की मदद करेगा।
स्कोर से चिकित्सक उन मरीजों की भी पहचान कर सकेंगे जिन पर ज्यादा ध्यान देने और गहन परीक्षण की जरूरत नहीं है।"
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications