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रसभरे जीवन में जहर घोल सकती हैं अवसाद रोधी दवाएं
(आईएएनएस)| अवसाद दूर भगाने वाली दवाएं भले ही अवसाद कम कर दें, लेकिन ये दवाएं आपके रसभरे जीवन में जहर घोल सकती हैं। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।
सैन डिएगो स्थित युनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के हैगोप एस.अकिस्कल ने कहा, "मनुष्य की सेरोटोनिन प्रणाली को प्रभावित कर अपने काम को अंजाम देने वाली सेलेक्टिव सेरोटोनिन रिअपटेक इनहिविटर्स (एसएसआरआई) दवाएं पुरुषों की भावनाओं को प्रभावित करती हैं, जबकि ट्राइसाइक्लिक अवसाद रोधी दवाएं महिलाओं की भावनाओं को प्रभावित करती हैं।" ..तो इसीलिए महिलाएं होती हैं अधिक अवसादग्रस्त

अध्ययन के दौरान उक्त दोनों दवाओं का पुरुषों और महिलाओं पर तुलनात्मक अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि वैसे पुरुष जो एसएसआरआई दवाओं का सेवन करते हैं, वे अपनी भावनाओं को अपने जीवनसाथी से बेहतर ढंग से साझा नहीं कर पाते।
दूसरी ओर, वैसी महिलाएं जो ट्रायसाइक्लिक दवाओं का सेवन करती हैं, उन्हें ट्रायसाइक्लिक दवाओं का सेवन करने वाले पुरुषों की तुलना में सेक्स लाइफ में काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। अकिस्कल ने कहा, "वैसे भी अवसाद के दौरान व्यक्ति की यौन इच्छा में कमी आ जाती है।"
यह अध्ययन पत्रिका 'अफेक्टिव डिजॉर्डर' में प्रकाशित हुआ है। क्या बादाम सच - मुच दिमाग को तेज बनाता है ?
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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