Latest Updates
-
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी पर चाय पी सकते हैं या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सभी जरूरी नियम -
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि
रातों को नींद ना आती हो तो करें ये प्रभावशाली योगासन
रात में नींद नहीं आ रही? क्या आप दिन भर थकान और ठहरा हुआ महसूस करते हैं? यह तनाव या अन्य किसी कारण से हो सकता है जिसके कारण आप असुविधा महसूस कर रहे हैं। परंतु क्या आप जानते हैं कि रात में नींद न आना अनिद्रा का लक्षण है। यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति को रात को नींद नहीं आती तथा जिसके कारण वह दिन भर थकान और चिडचिडापन महसूस करता है। बाल झड़ने की समस्या को दूर करे ये योगआसन
अनिद्रा एक ऐसी स्थिति है जो हर 20 भारतीयों में से एक को प्रभावित करती है। अनिद्रा को दूर करने के लिए हम यहाँ योग के कुछ आसन बता रहे हैं जिसके द्वारा आप रात में अच्छी और गहरी नींद में सो सकते हैं।

पश्चिमोत्तासन :
इस आसन से दिमाग शांत होता है तथा आप आराम महसूस करते हैं। इस आसन को करने के लिए अपने पैरों को सीधा फैलाकर ज़मीन पर बैठें। अब अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाएँ तथा धीरे धीरे आगे की ओर झुकें। अपने हाथों की उँगलियों से अपने पैरों की उँगलियों को छूने का प्रयास करें तथा अपने सिर को घुटनों से लगाने का प्रयास करें। इस आसन का उद्देश्य आपको आराम पहुँचाना है आपको तनाव में लाना नहीं। अत: इसे आराम से करें। हो सकता है कि आप अपने पैरों की उँगलियों को न छू पायें परंतु समय के साथ साथ इसमें सुधार हो जाएगा। जब आप आगे की ओर झुकें तो सांस छोड़ें तथा ऊपर उठते समय सांस लें

उत्तनासना :
इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े रहें। अपने हाथों को आगे की ओर से सिर के ऊपर ले जाएँ तथा धीरे धीरे सांस लें। फिर अपने कूल्हों को पीछे की ओर धकेलते हुए आगे की ओर झुकें तब तक झुकें जब तक आपकी हथेलियाँ ज़मीन को और आपका माथा आपके घुटनों को न छूने लगे। यदि आप पूर्ण रूप से झुकने में असमर्थ हैं या आपके घुटने के पीछे की नस खिंच रही है तो अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ लें। इस स्थिति में तब तक रहें जब तक आपको कोई असुविधा न हो। इस मुद्रा से रक्त आपके सिर में तीव्रता से पहुँचता है जिससे आपके शरीर का तंत्रिका तंत्र अनुकंपी से सहानुकम्पी प्रणाली में आ जाता है जिससे आपको आराम पहुँचता है। फिर से खड़े होने के लिए सांस लेते हुए अपने हाथों को अपने सिर के ऊपर ले जाएँ और अपने शरीर के ऊपर के भाग को उठायें। फिर जैसे ही आप सांस छोड़ें अपने हाथों को चेहरे के सामने से नीचे की ओर लायें। झटका न दें। याद रखें कि मांसपेशियों को तनाव दिए बिना कूल्हों को ऊपर उठायें।

अपनासना :
आपकी पीठ, और गर्दन तथा जांघ की मांसपेशियों को को आराम दिलाने के लिए यह एक उत्तम आसन है। आपको सिर्फ इतना करना है कि अपनी पीठ पर लेट जाएँ और अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर रखें। जैसे ही आप सांस छोड़ें अपने पैरों को धीरे धीरे छाती की ओर ले जाएँ। अपनी जाँघों पर ज़ोर देकर पैरों को उठायें न कि अपने हाथों पर ज़ोर देकर। जब आप सांस लेते हैं तो अपनी पकड़ ढीली रखें जिससे आपके पैर आसानी से आपके पेट से दूर हो सकें। कुछ समय के लिए इसे अपनी गति से करें। अपनी साँसों के अनुसार ही हलचल करें। कुछ समय के लिए इसी स्थिति में रहें। अपनी आँखें बंद करें और यदि आपका दिमाग शांत नहीं है तो अपनी साँसों को गिनना शुरू करें। इससे दिमाग पर ज़ोर पड़ता है तथा दिमाग शांत भी होता है। जब आप शांत महसूस करें तब अपने पैरों को धीरे धीरे ज़मीन पर रखें और आराम करें।

सुप्त बड्डकोनासना :
इस आसन से आपके दिमाग और शरीर को आराम मिलता है। इससे पीठ और पैर की मांसपेशियों में खिंचाव भी होता है। इस आसन को करने के लिए ज़मीन पर सीधे लेट जाएँ। फिर धीरे धीरे अपने घुटनों को मोड़ें तथा अपनी एड़ियों को अपने कूल्हों के पास लायें। धीरे धीरे सांस लेते हुए अपने घुटनों को खोलें तथा तथा उन्हें ज़मीन की ओर ले जाएँ तथा अपने हाथों को ऊपर उठाते हुए उन्हें ज़मीन पर टिका दें। इस स्थिति में आप कुछ लंबी साँसे ले सकते हैं। पुन: प्रारंभिक स्थिति में आने के लिए अपने हाथों को सामान्य अवस्था में लाएं, साथ में घुटनों को भी खींचें तथा फिर पैरों को फैलाएं और लेटी हुई अवस्था में आ जाएँ। खड़े होने के लिए अपनी बायीं करवट पर जाएँ तथा अपने हाथों का उपयोग करते हुए उठें।

शवासन :
इस आसन में अपनी पीठ के बल लेट जाएँ। अपनी हथेलियों को अपने शरीर के बाजू में ऊपर की ओर खुली अवस्था में रखें। शांत पड़े रहें और लंबी लंबी साँसे लें।



Click it and Unblock the Notifications











