Latest Updates
-
Telegram Ban in India: NEET परीक्षा से पहले सरकार ने क्यों उठाया यह बड़ा कदम? जानें फायदे और नुकसान -
Chef's Secret Method Chicken Biryani Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी लजीज बिरयानी -
Muharram 2026: मुहर्रम कब है? 16 या 17 जून, जानें भारत में कब दिखेगा नया चांद और क्या है इसका महत्व -
सांतवा बड़ा मंगल आज: हनुमान जी की कृपा पाने के लिए तुरंत करें ये 5 महाउपाय, दूर होंगे सभी संकट और कर्ज -
International Day of Family Remittances 2026: आज के दिन क्यों मनाते है अंतर्राष्ट्रीय पारिवारिक प्रेषण दिवस -
10 Minute Instant Rava Upma Recipe: झटपट बनाएं खिला-खिला और हेल्दी नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 16 June 2026: मंगलवार को इन राशियों पर होगी धन की वर्षा, हनुमान जी की कृपा से दूर होंगे कष्ट -
Five Dal Power Mix Panchratan Dal Recipe: पांच दालों के मेल से बनाएं ढाबे जैसा स्वाद -
ग्लोइंग और यंग स्किन पाने के लिए रोज करें ये 5 योगासन, कुछ ही दिनों में चमकने लगेगा चेहरा -
Nirjala Ekadashi कब है? जानें इसे क्यों कहा जाता है 'भीमसेनी एकादशी' और क्या है इसका महाभारत कनेक्शन
पद्मासन करने के लाभ और विधि
पद्मासन को अंग्रेजी में लोटस पोज भी कहते हैं। यह आसन पेट को दुरुस्त और दिमाग की एकाग्रता बढाने के लिये लाभकारी माना जाता है। इसे पद्मासन इसलिये कहते हैं क्योंकि इस आसन में बैठने के बाद हमारी मुद्रा बिल्कुल कमल की भांति बन जाती है। इसलिए इसे कमलासन भी कहते हैं। इस आसन को करना बड़ा ही आसान है, इसलिये आप इसे बिस्तर पर बैठे - बैठे भी कर सकते हैं। यह आसन मन को प्रसन्न करता है तथा चिंता को दूर कर एकाग्रता के प्राप्ति में लाभकारी होता है। गर्दन में दर्द रहता है तो करें ये आसन
पुराने जमाने में योगी और ऋषिमुनि आदि इसी आसन में बैठ कर अपना ध्यान लगया करते थे। यह आसान उन लोगों को नहीं करना चाहिये जिसके पैरों में दर्द हो। साइटिका अथवा रीढ़ के निचले भाग के आसपास किसी प्रकार का दर्द हो या घुटने की गंभीर बीमारी में इसका अभ्यास न करें। एक बात जरुर ध्यान रखें कि पैरों में किसी भी प्रकार का अत्यधिक कष्ट हो तो यह आसन न करें। आँखे दीर्घ काल तक खुली रहने से आँखों की तरलता नष्ट होकर उनमें विकार पैदा हो जाने की संभावना रहती है।

विधि: जमीन पर बैठकर बाएँ पैर की एड़ी को दाईं जंघा पर इस प्रकार रखते हैं कि एड़ी नाभि के पास आ जाएँ। इसके बाद दाएँ पाँव को उठाकर बाईं जंघा पर इस प्रकार रखें कि दोनों एड़ियाँ नाभि के पास आपस में मिल जाएँ।
मेरुदण्ड सहित कमर से ऊपरी भाग को पूर्णतया सीधा रखें। ध्यान रहे कि दोनों घुटने जमीन से उठने न पाएँ। तत्पश्चात दोनों हाथों की हथेलियों को गोद में रखते हुए स्थिर रहें। इसको पुनः पाँव बदलकर भी करना चाहिए। फिर दृष्टि को नासाग्रभाग पर स्थिर करके शांत बैठ जाएँ।
लाभ :
- पद्मासन करने से हमारी रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी रहती है यानी पॉश्चर सुधरता है।
- कुछ देर पद्मासन में बैठने के बाद आसन खोलने पर जोड़ों में रक्त का प्रवाह तेज़ हो जाता है।
- जमा विषैले पदार्थ और संक्रमण खून के तेज़ प्रवाह के साथ बह जाते हैं जिससे बीमारियों का ख़तरा कम हो जाता है।
- माहवारी की तकलीफों को दूर करने में सहायक है।
- यह आसन लगाने से रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से पर जो प्रभाव पड़ता है, वह पूरे तंत्रिका तंत्र के लिए आरामदायक होता है।
- पद्मासन से एकाग्रता बढ़ती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications