विश्‍व जल दिवस 2014: आयुर्वेद के हिसाब से भोजन करने के बाद क्‍या पियें ?

Posted By:
Subscribe to Boldsky

आयुर्वेद के हिसाब से आप जो कुछ भी पीते हैं, उसका असर हमारे शरीर की कार्य प्रणाली पर जरुर पड़ता है। आपको भोजन करने के बाद कौन सा तरल पदार्थ पीना चाहिये, इसके बारे में भी आयुर्वेद में काफी कुछ लिखा जा चुका है। भोजन करने के बाद जो पेय पिया जाता है उसे आयुर्वेद में अनुपमा कहते हैं।

यह पेय भोजन की पाचन क्रिया को स्‍वस्‍थ्‍य बनाते हैं और दवाओं में चिकित्सीय मूल्‍य में भी वृद्धि करते हैं। आइये जानते हैं कि पानी के अलावा भी आपको भोजन करने के बाद कौन-कौन से तरल पदार्थ पीने चाहिये! क्‍या है गरम पानी पीने का फायदा?

इसका यह मतलब है कि भोजन करने के बाद ऐसे कौन से तरल पदार्थ हैं, जो आपकी खाई हुई चीज़ों के साथ एकदम फिट बैठते हैं। ये पेय आपके शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे अगर आप इन्‍हें सोंच समझ कर पियेगें।

 1. ठंडा पानी:

1. ठंडा पानी:

यह तब पीना चाहिये जब आप भोजन में जौ, दही, गेहूं, शहद या वाइन आदि खा या पी चुके हों।

2. गरम पानी:

2. गरम पानी:

जब खाने में बहुत सारा कार्बोहाइड्रेट, स्टार्च, क्रीम आदि मिला हो तो आपके लिये गरम पानी अच्छा माना जाता है।

3. मठ्ठा :

3. मठ्ठा :

जब खाने में बहुत सारी सब्जियां और दाल हो तो मठ्ठा पीने से शरीर में गर्मी नहीं होगी।

4. बीयर:

4. बीयर:

जौ से बनी बीयर पीने से कम वजन वाला इंसान वजन बढ़ा सकता है।

5. शहद और पानी:

5. शहद और पानी:

जिन लोगों को अपना वजन कम करना हो, वह खाने के बाद शहद और पानी जरुर पियें।

6. मीट से तैयार सूप:

6. मीट से तैयार सूप:

यह उनके लिये है जिन लोगों का वजन किसी बीमारी की वजह से कम हो चुका है या फिर जिन लोगों का पाचन तंत्र ठीक नहीं रहता उन्हें मीट सूप पीना चाहिये।

7. दूध-

7. दूध-

जो लोग दुबले हैं या फिर जो लोग बहुत ज्यादा पैदल चलते हैं, बहुत देर तक बोलते हैं या फिर घंटों गाना गाते हैं, उनके लिये यह पौषिटक है। जिन्हें किसी बीमारी से उबरना हो , उनके लिये दूध अच्छा है। यहां तक कि सेक्स करने के बाद भी दूध पीना चाहिये।

English summary

World Water Day 2014: After food Drinks-according to Ayurveda

The drinks which are consumed after food or after medications are known as “anupana” in ayurveda. These drinks help in healthy digestion of food and also enhance the therapeutic value of medications.
Please Wait while comments are loading...