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बाल झड़ने की समस्या को दूर करे ये योगआसन
योग और ध्यान करने से न केवल बाल झड़ने की समस्या दूर होती है तथा बाल स्वस्थ होते हैं बल्कि इससे आपके पूरे सिस्टम को शारीरिक और मानसिक तौर पर लाभ होता है। संक्षेप में योग से आपके सिर की त्वचा में रक्त परिसंचरण बढ़ता है, पाचन सुधरता है और चिंता और तनाव कम होता है जिसके कारण बालों का झड़ना कम हो जाता है। चमकीली त्वचा चाहिये तो योग अपनाइये
आसन जो बालों को झड़ने से रोकने में सहायक हैं:
ऐसे सभी आसन जिनमें आगे की ओर झुकना होता है सिर की त्वचा में रक्त परिसंचरण बढ़ने में मदद करते हैं। इससे बालों की जड़ों को पोषण मिलता है जिसके परिणामस्वरूप समय के साथ बालों में बदलाव दिखने लगता है। यहाँ कुछ आसन बताए गए हैं जिन्हें करने की कोशिश अवश्य करनी चाहिए!

1. अधोमुख शवासन
कुत्ते की तरह नीचे झुकी हुई अवस्था से सिर में परिसंचरण अच्छे से होता है तथा साइनस और सर्दी के लिए यह एक अच्छा इलाज है। यह दिमागी थकान, तनाव और नींद न आने जैसी समस्याओं को दूर करने में भी सहायक है। यहाँ दिखाया गया है कि आप अधोमुख आसन कैसे कर सकते हैं।

2. उत्थान आसन
बालों की त्वचा में संचरण बढ़ने के अलावा इस आसन से थकान और चिंता दूर होती है। यह रजोनिवृत्ति के लक्षणों से आराम दिलाता है तथा पाचन में भी सुधार लाता है।

3. वज्रासन
इसे डाइमंड पोज़ भी कहा जाता है। यह अन्य आसनों से अलग है क्योंकि इसे खाना खाने के तुरंत बाद भी किया जा सकता है। इसमें आगे की ओर झुकना होता है जिसके कारण सिर की त्वचा में रक्त परिसंचरण बढ़ता है। यह मूत्र विकार के उपचार में सहायक होता है, वज़न कम करने में सहायक होता है, पाचन को बढ़ाता है तथा पेट से गैस कम करने में भी सहायक होता है। अच्छे पाचन के कारण शरीर में संतुलन बढ़ता है तथा इससे बालों का गिरना भी कम हो जाता है। यहाँ बताया गया है कि आप वज्रासन कैसे कर सकते हैं।

4. कपालभारती प्राणायाम
इस प्राणायाम के कारण आपके मस्तिषक की कोशिकाओं को अधिक मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है जो आपके तंत्रिका तंत्र के लिए बहुत अच्छा है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकलता है तथा मोटापे और मधुमेह को दूर करने में भी सहायक है। यह शरीर में संतुलन बनाए रखता है जिसके कारण बालों का झड़ना कम हो जाता है।

5. पवनमुक्तासन
इससे गैस कम होती है तथा पाचन अच्छे से होता है। पीठ के निचले हिस्से की मांस पेशियाँ मज़बूत होती हैं। इससे पेट और नितम्बों पर जमा हुआ वसा भी कम होता है। अच्छे पाचन के कारण संतुलन बढ़ता है और बाल भी बढ़ते हैं।

6. सर्वांग आसन
यह थायराइड ग्रंथि के पोषण में सहायक है जिसके कारण आपका श्वसन, पाचन, जननांग और तंत्रिका तंत्र स्वस्थ तरीके से कार्य करते हैं। इस आसन में सिर नीचे की ओर झुका हुआ होता है जिसके कारण सिर की त्वचा में रक्त का परिसंचरण अच्छे से होता है जिससे बालों का गिरना कम हो जाता है।



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