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घर में इस्तमाल किये जाने वाले बर्तन बिगाड़ सकते हैं सेहत
हर कोई वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण के बारे में जानता है, गाडियों से निकलने वाले धुएं से होने वाले खतरों के बारे में भी जानता है, लेकिन उन खतरों से कोसों दूर है जो आपके अपने किचन में ही है। किचेन में इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तनों से भी सेहत को कई खतरे हो सकते हैं।
ज्यादातर घरों में खाना पकाने के लिये एल्यूमिनियम और नॉन स्टिक के बर्तनों का इस्तमाल किया जाता है। एल्युमिनिय के बर्तन के उपयोग से कई तरह के गंभीर रोग होते है। जैसे अस्थमा, बात रोग, टी बी, शुगर, दमा आदि।
बोल्डस्काई के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि घरेलू किचन के बर्तनों से क्या-क्या खतरे हो सकते हैं। अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपको बर्तनों के बारे में पूरी जानकारी रखनी आवश्यक है।

नॉन-स्टिक कोटेड / टेफ्लॉन:
आजकल हर घर में नॉन स्टिक बर्तनों की बहार है, ये धुलने में आसान होते हैं, खाना आसानी से बिना जले बन जाता है और ऑयल की खपत भी कम होती है। लेकिन टेफ्लॉन परत वाले बर्तन, स्वास्थ्य के लिए अच्छे नहीं होते हैं। इनमें खाना बनाने से कई तरह के कैमिकल, शरीर में पहुंच जाते हैं जिसकी वजह से काफी समस्या होती है।

स्टेनलेस स्टील:
घर में स्टील के कई बर्तन होते हैं। कढ़ाई से लेकर गर्म करने वाली भगोनी भी स्टील की होती है। बाजार में बिकने वाले कई स्टील के बर्तनों में निकील चढ़ी हुई होती है जो खाना बनाते समय भोजन में शामिल हो सकती है। इसलिए आपको ध्यान रखना होगा कि आप जिस भी स्टील के बर्तन में खाना बना रही हों, वह हाई-ग्रेड सर्जिकल स्टेनलेस स्टील हों।

कास्ट आयरन:
छन्नी, छलनी, कछुली आदि बर्तनों को कास्ट आयरन से बनाया जाता है ताकि इनमें आसानी से छेंद किया जा सकें। बहुत सारे लोगों का मानना होता है कि कास्ट आयरन बर्तनों से उन्हे आयरन मिलेगा, लेकिन वास्तविकता यह है कि ऐसा नहीं होता है। आपके शरीर को कास्ट आयरन से आयरन नहीं मिलता है बल्कि इससे जो भी शरीर में जाता है वह लाभप्रद नहीं होता है।

सीसा/ एनामेल कोटेड:
अगर किसी बर्तन में सीसा या एनामेल कोटेड बर्तन है तो वह स्वासथ्य के लिए लाभप्रद नहीं है। इससे शरीर में हानिकारक तत्व पहुंचते हैं। ऐसे बर्तन सिर्फ सजावट के लिए अच्छे लगते हैं।

एल्युमिनियम:
एल्युमिनियम बहुत नरम धातु होती है, इसलिए भोजन पकाने की प्रक्रिया में इसमें ऐसे तत्व उत्पन्न हो जाते हैं जो शरीर के लिए अच्छे नहीं होते है। इससे पेट में अल्सर और कोलाइटिस होने की संभावना होती है। कई देशों में एल्युमिनियम से बने बर्तनों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम, ग्रेट ब्रिटेन, स्विटजरलैंड, हंगरी और ब्राजील में इस धातु से बने बर्तनों का बिकना स्वीकृत नहीं है।

316 टीआई स्टेनलेस स्टील:
यह स्टील का सर्वोत्तम ग्रेड होता है जिसे कुकवेयर इंडस्ट्री में इस्तेमाल किया जाता है। यह छिद्र रहित होता है यानि आप बिना ऑयल के भी खाने को पका सकते हैं और इसे साफ करना बेहद आसान होता है।



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