Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग व आरत -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन
त्वचा के लक्षण जो कि यौन संक्रमित बीमारियों का संकेत हैं
यौन संक्रमित बीमारियाँ (एसटीडी) सामान्य हैं। लेकिन इनमें से बहुत सी ऐसी हैं जो कि स्पर्श या आपसी संपर्क से होती हैं। जब वे दिखाई देने लगते हैं तो ये लक्षण अपने चरम पर पहुँच जाता है।
हम आपको त्वचा के कुछ सामान्य लक्षण बता रहे हैं जो कि यौन संक्रमित बीमारियों के संकेत हैं।

त्वचा में खुजली और लाल होना
यह कवक या जीवाणु के द्वारा होता है जिससे कि त्वचा लाल हो जाती है या उसमें खुजली हो जाती है। इसके संक्रमण से योनि और लिंग पर खुजली और जलन होने लग जाती है। एक बार खुजली चलने पर यह तेज हो जाती है और यह रात में ज्यादा चलती है। ट्राइचिमोंनाइसिस एक परजीवी संक्रमण है जिससे जननांगों की खुजली, जलन, लाल होना या सूजन आदि परेशानियाँ होती हैं।
READ MORE: सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज को रोकने के उपाय
लाल या भूरे रंग के चकत्ते, पहले मुह की लचीली स्किन पर होते हैं फिर इसका उपदंश या गर्मी योनि, या गुदा पर देखी जा सकती है। ये हथेलियों या पैरों के तलवों पर भी दिखाई दे सकते हैं। त्वचा की सतह पर दिखने वाले दाद के संक्रमण से होने वाली फुंसी से पहले ये सिहरन और जलन महसूस की जा सकती है।

अल्सर
गुप्तांगो का अल्सर दर्द रहित होता है जो कि ग्रोइन एरिया में ग्रेन्युलोमा के कारण हो सकता है। गुप्तांगों का दर्दभरा अल्सर शैंगक्रॉइड में भी देखा जा सकता है।

फुंसियाँ और घाव
घाव जो कि फुंसियों के झुंड से दिखाई देते हैं या फिर गुप्तांगो के आस-पास मवाद या तरल पदार्थ अगर साफ दिखाई दे तो ये दाद वायरस का संक्रमण हो सकता है। इस तरह के फफोले बहुत संवेदनशील हो सकते हैं, ये कभी भी फूट सकते हैं और इनकी मवाद फैल सकती है। जब यह फफोड़ा फूटता है तो इसके ठीक होने से पहले इस जगह पपड़ी जमा हो जाती है। ये बिना दर्द वाले घाव या फफोले वाली छोटी फुंसियाँ होंठों पर भी देखी जा सकती हैं।
इस प्रकार के उपदंश या गर्मी का शुरुआती लक्षण ये छोटे और दर्दरहित घाव हैं जो कि गुप्तांगो, गुदा, जीभ या होंठों जैसी संक्रमण फैलने वाली जगह पर हो सकते हैं। इस तरह के घाव के 10 दिन बाद लाल या भूरा होना या शरीर में एवं हथेलियों पर कहीं भी बारीक दाग या चकत्ते (कांडिलोमेटा लटा) होना सिफ़लिस (उपदंश या गर्मी) के लक्षण हैं।
READ MORE: गुप्तांगो की बदबू से बचने के जाँचे परखे घरेलू उपाय
दर्द वाले दाद, फुंसी, या फफोड़े जैसा होना शैंगक्रॉइड की निशानी है। एक दिन के अंदर ही यह पिलास लिए हुये ग्रे आवरण से घिरा हुआ अल्सर बन सकते हैं।

मस्सा या गांठ
ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) से जननांगों का मस्सा हो सकता है जो कि त्वचा के संपर्क से फैल सकता है। ये मस्सा छोटा और चमड़ी जैसे या ग्रे रंग की सूजन लिए हुये जननांग पर होता है। ये ओरल सेक्स से एक पार्टनर से दूसरे के मुह में भी हो सकता है। कई बार ये समूह में फूलगोभी जैसे भी दिखाई देते हैं।

पीली त्वचा और आँखें
हैपेटाइटिस संक्रमण में पीली त्वचा और सफ़ेद आँखें भी देखी जा सकती हैं।
पापुलेस
त्वचा पर कुछ छोटे उठे हुये हिस्से (पापुलेस) मोल्लुस्कम कोंटाजियोसम में देखे जा सकते हैं। छोटी लाल गांठें जननांगों पर हर्प्स इन्फ़ैकशन में देखी जा सकती हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
