ब्रेन ट्यूमर के 10 सामान्य लक्षण जो आपको जानने चाहिए

By Gauri Shankar sharma

क्या आपको लगातार सिरदर्द, मितली, धुंधला दिखाई देना और शारीरिक संतुलन में परेशानी हो रही है? इन लक्षणों को नजर अंदाज ना करें, यह ब्रेन ट्यूमर जैसी बड़ी समस्या हो सकती है।

ब्रेन ट्यूमर में दिमाग में कोई बहुत सी कोशिकाएं या कोई एक कोशिका असामान्य रूप से बढ़ती है। सामान्यतः दो तरह के ब्रेन ट्यूमर होते हैं कैंसर वाला (घातक) या बिना कैंसर वाला (सामान्य) ट्यूमर।

दोनों ही मामलों में दिमाग की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं, जो कि कई बार घातक सिद्ध होता है। इसके साथ सबसे बड़ी परेशानी है कि इसके कोई विशेष कारण नहीं हैं, केवल कुछ शोधकर्ताओं ने इसके कुछ रिस्क फैक्टर्स का पता लगाया है।

ब्रेन ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन उम्र के अनुसार इसका जोखिम बढ़ जाता है। कई मामलों में तो यह आनुवांशिक कारण हो सकता है और कई बार किसी केमिकल के ज्यादा इस्तेमाल या रेडिएशन से हो सकता है। बहुत से लोगों को पता ही नहीं चलता है कि उन्हें ब्रेन ट्यूमर है क्यों कि उनमें कोई लक्षण दिखाई ही नहीं देते हैं।

जब या ट्यूमर बड़ा हो जाता है और स्वास्थ्य पूरी तरह बिगड़ जाता है तब लोग चैक-अप करवाते हैं और तब इसका पता चलता है। वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे पर हम आपको इसके 10 लक्षणों से अवगत करा रहे हैं, जिनको जानने की आवश्यकता है। आइये देखते हैं:

 1. सिरदर्द:

1. सिरदर्द:

यह ब्रेन ट्यूमर का सबसे बड़ा लक्षण है। यह दर्द मुख्यतः सुबह होता है और बाद में यह लगातार होने लगता है, यह दर्द तेज होता है। यदि ऐसा लक्षण दिखाई दे तो जांच कराएं।

2. उबाक या उल्टी का मन होना:

2. उबाक या उल्टी का मन होना:

सिरदर्द की तरह यह भी सुबह होता है, खास तौर पर जब व्यक्ति एक जगह से दूसरी जगह जाता है तब यह ज्यादा होता है।

 3. कम दिखना:

3. कम दिखना:

जब किसी को आक्सिपिटल के आस पास ट्यूमर होता है तो चीजें कम दिखाई देती हैं। उन्हें धुंधला दिखाई देने लगता है और रंगों व चीजों को पहचानने में परेशानी होती है।

 4. संवेदना कम महसूस होना:

4. संवेदना कम महसूस होना:

जब किसी व्यक्ति के दिमाग के पराइअटल लोब पे ट्यूमर होता है तो उसे अपनी बाजुओं और पैरों पर संवेदना कम महसूस होती है, क्यों कि ट्यूमर से कोशिकाएं प्रभावित होती हैं।

 5. शरीर का संतुलन बनाने में परेशानी:

5. शरीर का संतुलन बनाने में परेशानी:

जब किसी को ट्यूमर होता है तो उसके शरीर का संतुलन नहीं बन पाता है, क्यों कि यदि सेरिबैलम में ट्यूमर है तो वह मूवमेंट को प्रभावित करता है।

6. बोलने में परेशानी:

6. बोलने में परेशानी:

यदि किसी को टैंपोरल लोब में ट्यूमर होता है तो बोलने में परेशानी होती है, सही तरह बोला नहीं जाता है।

7. रोजाना के कामों में गड़बड़ी करना:

7. रोजाना के कामों में गड़बड़ी करना:

पराइअटल लोब में ट्यूमर होने पर संवेदना प्रभावित होती है, इससे व्यक्ति को दैनिक क्रियाओं में परेशानी होती है।

8. व्यक्तिगत और व्यवहारिक बदलाव:

8. व्यक्तिगत और व्यवहारिक बदलाव:

जिन्हें फ्रन्टल लोब में ट्यूमर होता है वे अपने व्यवहार पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं। इन्हें नई चीजें सीखने में परेशानी होती है।

9. दौरे पड़ना:

9. दौरे पड़ना:

ब्रेन ट्यूमर में दौरे पड़ना एक आम समस्या है। जब भी दौरा पड़ता है तो व्यक्ति बेहोश हो जाता है।

10. सुनने में समस्या:

10. सुनने में समस्या:

जिन लोगों को दिमाग के टैंपोरल लोब में ट्यूमर होता है उन्हें सुनने में परेशानी होती है, कभी कभी सुनना पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।

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