Latest Updates
-
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम
जानिये छींक को कभी क्यों नहीं रोकना चाहिये
छींक शरीर में प्रवेश करने वाले संक्रमण से बचने का एक प्राकृतिक तरीका है। जब हम छींकते हैं तो शरीर में प्रवेश करने का प्रयत्न करने वाले बैक्टीरिया या हानिकारक कण 160 किमी./घंटा की गति से बाहर आ जाते हैं। इस प्रकार छींक आपको गंभीर संक्रमण से बचाती है। लोगों के बीच छींकने से न केवल छींकने वाला व्यक्ति असुविधाजनक महसूस करता है बल्कि उसके आसपास के लोगों को भी इससे तकलीफ होती है। यही कारण है कि जब हम छींकते हैं तो “एक्सक्यूज़ मी” कहते हैं।
हालाँकि क्या कभी आपने सोचा है कि जब आप छींकते हैं तो सामने वाला व्यक्ति “गॉड ब्लेस यू” क्यों बोलता है। इसका कारण यह है कि यदि हम छींक को रोकते हैं तो हमारी जान भी खतरे में आ सकती है। जी हाँ, यह सच हैं।
कान में जमी मैल को साफ करने के 7 घरेलू तरीके
छींक को कभी भी रोकने की कोशिश न करें क्योंकि इससे आपके शरीर के अंगों को नुकसान हो सकता है। छींक रोकने से जो दबाव आता है वह शरीर के अन्य अंगों जैसे कान, ब्रेन, गर्दन, डायफ्राम आदि को अधिक नुकसान पहुंचा सकता है। छींक को रोकने से होने वाले स्वास्थ्य को होने वाले नुकसानों के बारे में जानने के लिए यह लेख पढ़ें। तो अगली बार जब छींक आए तो उसे रोकने का प्रयत्न न करें।

छींक को रोकना नुकसान दायक क्यों है?
छींक के कारण नाक से 160 किमी./घंटा की गति से हवा निकलती है। जब आप छींक को रोकते हैं तो यह दबाव शरीर के अन्य भागों की ओर चला जाता है जिसके कारण ईयरड्रम फट सकता है और आपको सुनाई देना बंद हो सकता है। छींक को रोकने से अन्य कई नुकसान भी हो सकते हैं। छींक शरीर में प्रवेश करने वाले कई हानिकारक बैक्टीरिया को रोकने का काम भी करती है। यदि आप अपनी छींक रोकते हैं तो ये रोगाणु शरीर के अंदर ही रह जाते हैं और बीमारी का कारण बनते हैं।

छींक रोकने से होने वाले अन्य नुकसान
जब आप अपनी छींक रोकते हैं तो हवा अंदर ही रह जाती है जिसके कारण आँखों को नुकसान हो सकता है क्योंकि बढे हुए दबाव के कारण आँखों की रक्त केशिकाओं को नुकसान पहुँच सकता है तथा आप सुनने की क्षमता भी खो सकते हैं। इसके कारण गरदन में भी तकलीफ हो सकती है तथा डायफ्राम को भी नुकसान पहुँच सकता है। कुछ मामलों में मस्तिष्क की नस भी फट सकती है।

हम छीन कब रोकते हैं?
जब हम किसी सार्वजनिक स्थान पर या ऐसे स्थान पर होते हैं जहाँ छींकना लज्जाजनक हो सकता है वहां हम अपनी छींक को रोकते हैं। छींक को रोकना दिखने में बहुत अच्छा और सभ्य लगता है क्योंकि इससे दूसरों का बचाव होता है। हालाँकि यह आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता। छींक को कभी भी न रोकें क्योंकि इससे जान को खतरा हो सकता है। यदि आपको छींकने में शर्म महसूस हो रही हो तो अपनी नाक पर रुमाल रख लें तथा फिर छींकें। आप छींकने का तरीका भी बदल सकते हैं जैसे बहुत धीमी आवाज़ में छींके। आप अपने हाथ से भी नाक और मुंह को ढंक सकते हैं। इस प्रकार से आप महसूस करेंगे कि आपका छींकने का तरीका अनुचित नहीं है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications