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हथेलियों और तलवों में जब आए अधिक पसीना तो हाइपरहाइड्रोसिस की है बीमारी
कई लोगों को बेवजह ही हथेलियों और तलवों में ढेर सारा पसीना आता है। गर्मियों में अगर शरीर से पसीना निकलता है, तो यह कोई समस्या की बात नहीं होती है। पसीना आने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है।
पर अगर आपको हाइपरहाइड्रोसिस नामक बीमारी है तो सर्दियों में भी आपकी हथेलियों और तलवों से पसीना आएगा। पसीना पूरे शरीर से भी निकल सकता है या फिर यह किसी खास स्थान से भी आ सकता है। हाइपरहाइड्रोसिस से ग्रस्त लोगों में पसीने की ग्रंथि बहुत अधिक सक्रिय होती है।
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हाइपरहाइड्रोसिस दो भागों में बंटा हुआ है, एक प्राइमरी और दूसरा सेकेंड्री। प्राइमरी हाइपरहाइड्रोसिस में कोई कारण नज़र नहीं आता और बेवजह पसीना बहता है।
वहीं सेकेंड्री हाइपरहाइड्रोसिस में पसीना निकलने के बहुत सारे कारण सामने आ सकते हैं जैसे, मधुमेह, मेनोपॉज़, लो ग्लूकोज़ या हाइपरथायराइडिज्म। अब आइये जानते हैं इस बीमारी के बारे में थोड़ा और अधिक...

क्या हैं लक्षण
इस बीमारी में व्यक्ति को बिना तनाव या घबराहट के भी पसीना आता है। मौसम गर्म ना हो तो भी वह पसीने का अनुभव करता है। इसमें इतना ज्यादा पसीना आएगा कि कपड़े तक गीले दिखाई देने लगेंगे।

कहां आता है पसीना
इस स्थति में शरीर के बाजू, चेहरे, हथेलियां, पांव और गुप्तांग पर पसीना आएगा।

क्या है इसका इलाज
मरीज़ को इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिये डॉक्टर सर्जरी करते हैं, जिसमें पसीने की ग्रंथि को नियंत्रित करने वाले सिम्पेथेटिक चेन को या तो काट दिया जाता है या फिर उसमें क्लैप लगा दिया जाता है। दूसरी तरीका है, दवाई, इंजेक्शन और मरहम। ये चीज़ें पसीने की ग्रंथि को सक्रिय रहने से रोकती हैं।

कर सकते हैं एंटीपर्सपिरेंट का यूज़
बाजुओं में पसीने के शुरुआती इलाज के लिए 10 से 20 प्रतिशत अल्युमीनियम क्लोराइड हेक्साहाइड्रेट की मात्र वाले उत्पादों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

घरेलू उपचार
- रोज़ाना नहाएं
- कॉटन, ऊन और रेशम के कपड़े पहनें। इससे त्वचा आराम से सांस ले सकेगी।
- जूतों को धूप दिखाएं, मोजों को नियमित बदलें। जितना हो सके बिना जूतों के रहें जिससे पैरों में पसीना ना आए।
- मेडिटेशन और योगा करें, जिससे मन में तनाव ना आए और पसीना कम बहे।

बहुत ज्यादा पसीना
अगर इंसान को बहुत ज्यादा पसीना आता है और इससे उसे शर्मिंदगी का एहसास होता है या फिर उसके रोजाना के काम में परेशानी आती है, तो उसे डॉक्टर के पास जाना चाहिये। वे लोग जिन्हें हाइपरहाइड्रोसिस की समस्या है उनकी त्वचा पर हर वक्त पसीने की एक लेयर सी रहती है, जो कि बैक्टीरिया आदि को पनपने की जगह दे देती है। इससे त्वचा का संक्रमण भी हो सकता है।



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