Latest Updates
-
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे
पाइल्स (बवासीर) के लिए प्राकृतिक उपचार
पाइल्स या हेमोराइड्स प्रत्येक उम्र के लोगों की निजी समस्या है। यह पुरुषों और महिलाओं में समान रूप से पाई जाती है। यह एक दर्दनाक स्थिति होती है जिसमें गुदाद्वार के आसपास की नसों में सूजन और जलन होती है।
इसके कारण बहुत अधिक दर्द होता है, विशेष रूप से मलत्याग करते समय तकलीफ अधिक होती है। कुछ मामलों में मलत्याग करते समय ब्लीडिंग की समस्या भी हो सकती है।
पाइल्स में कभी कभी सूजन और खुजली भी होती है जिसके कारण असुविधा महसूस होती है। कई मामलों में आंतरिक ब्लीडिंग होती है। कभी कभी इस समस्या का प्राकृतिक उपचार किया जा सकता है परन्तु अधिक गंभीर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता होती है।

अधिकाँश लोग इस समस्या के उपचार के लिए डॉक्टर के पास जाने से कतराते हैं क्योंकि वे इसे शर्मनाक मानते हैं। यही कारण है कि लोग घर पर ही इसका उपचार कर लेते हैं। लोगों को इस विषय पर संशय होता है कि पाइल्स का घर पर उचित तरीके से उपचार किस प्रकार किया जाए।
जो भी उपचार आप घर पर करें वह पाइल्स का जड़ से इलाज करे केवल उसके लक्षणों का नहीं। अधिकाँश मामलों में लोग प्रासंगिक इलाज करना पसंद करते हैं क्योंकि इससे जल्द आराम मिलता है। वे प्रभावित जगह पर क्रीम लगा लेते है जिस से तुरंत आराम मिलता है। हालाँकि यह आराम बहुत कम समय के लिए होता है तथा कई बार क्रीम लगाने पर भी समस्या वैसी ही बनी रहती है।
दूसरा तरीका यह है कि एक टब में गर्म पानी भरें तथा इसमें सेंधा नमक डालें। इससे सूजन और खुजली से आराम मिलता है। बारी बारी से ठन्डे और गर्म पानी में बैठने से आराम मिलता है। मल त्याग करते समय पैरों को स्टूल का सहारा दें जिस से आप मल त्याग आसानी से कर पायें।
कसरत और योग से रक्त परिसंचरण में सुधार आता है और पाचन भी अच्छे से होता है। इससे उस जगह को ठीक होने में सहायता मिलती है।
इसके अलावा अपने नाखूनों को छोटा रखें तथा उस जगह पर खुजलायें नहीं क्योंकि ऐसा करने से संक्रमण हो सकता है। टॉयलेट की सीट पर अधिक समय तक न बैठें और जोर न लगायें। हमेशा ध्यान रखें कि मल त्याग को टालें नहीं। हमेशा सूती जांघिया ही पहनें।
यदि आप ऊपर बताई गई सावधानियां और उपचार अपनाएंगे तो आप घर पर ही पाइल्स का प्राकृतिक तरीके से उपचार कर पायेंगे। हालाँकि यदि समस्या निरंतर बनी रहती है तो अच्छा होगा कि डॉक्टर की सलाह ली जाए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











