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घुटने के दर्द को पूर्ण रूप से ठीक करने के लिए तुलासन या स्केल पोज़
तुलासन संस्कृत शब्द “तुला” से बना हुआ है जिसका अर्थ है स्वयं को तुला के समान संतुलित करना। जब आप इस आसन को करना प्रारंभ करते हैं तो आपको इतना वज़न कम करने की आवश्यकता होती है कि आप बैठकर भी आराम से अपने शरीर को उठा सकें। धीरे-धीरे आप इस आसन को आसानी से कर लेंगे। अधीर न हों तथा प्रकृति के खिलाफ न जाएँ। यह योग का पहला नियम है। केवल उतना ही करें जितने की अनुमति आपका शरीर आपको देता है। और हाँ!
एक अन्य महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको पहले यह कला सीखनी चाहिए तथा बाद में स्वयं इसका अभ्यास करना चाहिए। शुरुआत में आप अपने दोनों ओर ठोस ब्लॉक रखकर उस पर हाथ रख सकते हैं और अपने शरीर को धीरे से उठा सकते हैं। इस स्थिति में बहुत अधिक देर तक न रहें। इंतज़ार करें और योग के इस आसन आनंद लें। जल्द ही आप इसे आसानी से कर लेंगे।

इस आसन को करने के कदम दर कदम निर्देश
स्टेप 1: ज़मीन या चटाई पर सामन्य तरीके से बैठ जाएँ।
स्टेप 2: पालथी मारकर कमल की मुद्रा में बैठे।
स्टेप 3: अपने हाथों को ज़मीन पर या चटाई पर अपने कूल्हों के बगल में रखें। आपकी कलाईयां आगे की ओर और उंगलियाँ फ़ैली हुई होनी चाहिए। इसके बाद सांस लें।
स्टेप 4: सांस निकालते समय अपने कंधो को ऊपर की ओर ले जाते हुए एक दूसरे से अलग करते हुए फैलाएं।
स्टेप 5: जैसे जैसे सांसों को निकाले वैसे ही अपने शरीर को हाथों की मदद से ऊपर उठाएं।
स्टेप 6: इस मुद्रा में 3-5 साँसों तक रहें तथा फिर सांस छोड़ें। इस आसन को 5-7 बार दोहरायें।
कदम 7: पहली बार में यह आसन करने में आसान नहीं होगा। जब आप योग करना शुरू करें तो अपने शरीर को लचीला बनाने का प्रयत्न करें जो एक दिन में नहीं होगा। शांत रहें। अपने हाथों और कूल्हों के साथ खिलवाड़ न करें।

इस आसन को करने के लाभ
- भुजाओं, कलाईयों और पेट को मज़बूत बनाता है
- शरीर के संतुलन को बढ़ाता है
- कंधों को मज़बूत बनाता है
- मांसपेशियों से तनाव दूर करता है तथा दिमाग को शांत करता है
- पेट की मांसपेशियों में कसाव लाता है तथा पेट को सपाट बनाता है
सावधानी
- यदि कलाई या कंधे में कोई चोट है तो यह आसन न करें
- इसके अलावा यदि आपको घुटने या एड़ी में कोई चोट लगी है तो भी यह आसन न करें
- यदि आपके जाँघों या कूल्हों में जकड़न है तो यह आसन न करें
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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