खुद को हमेशा स्वस्थ रखना हो तो आयुर्वेद में बतायी गई इन 6 आदतों को अपनाएं

By Lekhaka
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आयुर्वेद में पूरी तरह से स्वस्थ रहने के हर एक पहलू के बारे में बताया गया है। चाहे वह सही तरीके से खाने की बात हो या रोजाना सुबह उठने और मेडिटेशन करने की आदत के बारे में।

आयुर्वेद के अनुसार बीमारियों से दूर रहने के लिए हमारे शरीर और दिमाग को एक हेल्दी रूटीन की जरूरत पड़ती है। इन सामान्य से नियमों का पालन करके व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

आयुर्वेद का जन्म भारत से ही हुआ है इसके बाद यह पूरी दुनिया में फैल गया। जीवन जीने का आयुर्वेदिक तरीका व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए सबसे सर्वोत्तम है।

 6 Ayurvedic Habits You Must Adopt To Help You Thrive

आयुर्वेद में सही समय पर खाने की आदत डालने से तुरंत कोई फर्क नहीं दिखता है। यह शरीर और दिमाग के बीच बिल्कुल धीरे-धीरे काम करता है और अंत में स्थायी परिणाम देखने को मिलता है।

आजकल खराब जीवन शैली, अधिक तनाव और ज्यादा समय तक बैठे रहने से डायबिटीज, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं। आज के समय में अच्छे स्वास्थ के लिए हम सभी को इन आदतों को डालना चाहिए।

जल्दी और हल्का डिनर लें :

एक पुरानी कहावत है- राजा की तरह नाश्ता और भिखारी की तरह डिनर करना चाहिए। इसका मतलब यह है कि रात का खाना सबसे हल्का होना चाहिए। अधिक खाना खाने की बजाय ज्यादा सलाद खाएं। आठ बजे तक हर हाल में खाना खा लें। रात में अधिक खाना खाने से बचने के लिए दोपहर का खाना संतुलित मात्रा में खाएं।

रात में जल्दी सोएं :

रात में देर तक जगने से शरीर का बॉयोलॉजिकल प्रोसेस गड़बड़ हो सकता है। सोते समय फोन और सोशल मीडिया के प्रयोग से दूर रहना चाहिए। सोने से पहले ध्यान भटकाने वाली सभी चीजों से दूर रहें और अपने शरीर और दिमाग को आराम दें। कमरे की लाइट बंद करने से मैलटोनिन रिलीज होता है जिससे धीरे-धीरे नींद आने लगती है। जब आप जल्दी सोते हैं तो सुबह जल्दी उठने की भी संभावना ज्यादा होती है क्यों कि तब तक आपकी नींद अच्छी तरह से पूरी हो चुकी होती है।

सुबह जल्दी उठें :

सुबह जगने के बाद भगवान को धन्यवाद कहें और मिरर में खुद को देखकर मुस्कुराएं। अब कुछ समय के लिए अपनी मसल्स को स्ट्रेच करें और प्राणायाम करें। अगर आपको योगा पसंद है तो आसन करके आप अपने दिन की शुरूआत कर सकते हैं। मेडिटेशन करें, किताब पढ़ें इसके अलावा संगीत सुनने से भी आप खुद को एनर्जेटिक महसूस कर सकते हैं। सूरज निकलने से पहले ब्रह्म मुहूर्त (चार से छह बजे) के बीच उठना सबसे ज्यादा फायदेमंद है।

अपने बॉडी को सही ढंग से प्रशिक्षित करें :

सुबह नाश्ते से पहले अपने पेट को पूरी तरह खाली रखें और नाश्ते के बाद गुनगुने पानी से स्नान करें। हमें स्वस्थ रखने में हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम का सबसे बड़ा रोल होता है। अपना दिन शुरू करने से पहले रोजाना मल त्याग और पेशाब करने की आदत डालें।

हेल्दी भोजन करें :

अपने भोजन में पोषक तत्वो जैसै हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, सलाद और हल्का प्रोटीन लें। वसायुक्त और रिफाइंड खाद्य पदार्थों से परहेज करें और आहार में साबुत अनाज लें। भोजन में मसालों को भी शामिल करें इससे हमारा इम्यून सिस्टम बेहतर होता है।

मसाज करें :

नहाने से पहले नारियल, शीशम या ऑलिव ऑयल से अपने शरीर की मसाज करें। इससे शरीर फुर्तीला रहता है। लिंफ से पानी को बाहर निकालने से लेकर एंटी एजिंग में शरीर का मसाज काफी फायदेमंद होता है। व्यक्ति को आराम से बैठकर अपने शरीर को अच्छे से देखना चाहिए और यदि किसी तरह का घाव हो तो इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नियमित मसाज करने से आपको सुकून महसूस होगा और आपके शरीर में निखार आएगा।

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    English summary

    खुद को हमेशा स्वस्थ रखना हो तो आयुर्वेद में बतायी गई इन 6 आदतों को अपनाएं | 6 Ayurvedic Habits You Must Adopt To Help You Thrive

    The habits and diet practices in Ayurveda don’t yield instantaneous results because it works slowly and thoroughly with the body and mind to yield lasting results.
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