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जाने क्या है हीमोफीलिया की बीमारी के लक्षण और कारण
हीमोफिलिया एक आनुवांशिक बीमारी है, जो माता-पिता से होने वाले बच्चे में भी जा सकती है।
हीमोफिलिया एक आनुवांशिक बीमारी है, जो माता-पिता से होने वाले बच्चे में भी जा सकती है। गुणसूत्र इस बीमारी की वाहक (आगे भेजने वाली) होते हैं, और यह बीमारी पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलती है।
जब कोई व्यक्ति हीमोफीलिया से पीड़ित होता है, और उन्हें थोड़ी बहुत भी चोट लग जाती है, तो उनका खून बहना रुकता नहीं है, क्योंकि हीमोफिलिया से पीड़ित लोगों में चोट लगने पर रक्त के पर्याप्त थक्के नहीं जमते हैं।
ऐसे में यदि इस तरह के लोगों का एक्सीडेंट हो जाए, तो यह उनकी जिंदगी के लिए घातक भी हो सकता है, क्योंकि एक्सीडेंट में आई चोट के बाद इन लोगों में खून के बहाव को रोकना बहुत मुश्किल हो जाता है।
इन लोगों में थक्के जमने का कारक आठवीं (हीमोफिलिया ए) या IX (हीमोफिलिया बी) नहीं होता है। इसीलिए अगर यह बीमारी परिवार के किसी भी सदस्य को है तो उसे बहुत सावधानी से रहना चाइये।
इसीलिए आज हम इस आर्टिकल के जरिये यह जानने की कोशिश करेंगे कि यह बीमारी इतनी खतरनाक क्यों हैं? यह बीमारी इसलिए खतरनाक है क्योंकि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है।
इस बीमारी को सिर्फ एंटी हेमोफिलिक (एएचएफ) से नियंत्रण में रखा जा सकता हैं, जो कि बहुत महंगी होती हैं और कुछ ही जगहों पर मिलती है। यही कारण हैं कि इस बीमारी के चलते कुछ लोगों की मौत बचपन में ही हो जाती हैं। आइये जानते हैं हीमोफिलिया के लक्षणों के बारे में।

1. आनुवंशिक
हीमोफिलिया एक आनुवांशिकी बीमारी हैं। जो माँ बाप से बच्चों में होती हैं। हीमोफिलिया की बीमारी खून में थक्के ना जम पाने की वजह से होती हैं। जो अधिकतर पुरुषों में देखने को मिलती है।

2. अक्वाइअर्ड हामोफिलिया
अक्वाइअर्ड हामोफिलिया के रोगियों में प्रतिरक्षा प्रणाली एक तरह का आठवा एंटीबॉडी बनता है जिससे खून के थक्के जमना बंद हो जाते हैं और चोट लगने पर खून बहना बंद नहीं होता है। अक्वाइअर्ड हामोफिलिया महिलाओं और पुरुषों दोनों को प्रभावित करता है।

1. नाक से अधिक खून आना
हेमोफिलिया बीमारी का पहला लक्षण है नाक से अधिक खून आना। अगर किसी व्यक्ति को बेवजह नाक से बहुत खून आ रहा हो तो उसे हेमोफिलिया हो सकता है।

2. मसूढ़ों से खून आना
हीमोफिलिया का दूसरा लक्षण है मसूढ़ों से खून आना। अगर किसी व्यक्ति के मसूढ़ों से खून आ रहा है और रूक नहीं रहा है तो यह उसके लिए खतरनाक हो सकता है।

3. चोट लगने पर अधिक खून बहना
अगर किसी व्यक्ति को हल्की चोट लगने पर भी बहुत ज्यादा खून बेहता है तो उसे हेमोफिलिया की बीमारी हो सकती है।

4. जोड़ों में दर्द और खून आना
यदि कोई व्यक्ति हीमोफिलिया से पीड़ित है, तो उसे जोड़ों में दर्द होगा, इसका मुख्य कारण है जोड़ों में आंतरिक खून का बेहना। अगर यह स्थिति खारब हो जाती है तो जोड़ों में सूजन, दर्द और लाल पड़ने लगते हैं।

5. मल और मूत्र में खून आना
गुर्दे और मूत्राशय में आंतरिक खून के आने से मल और मूत्र में खून आने लगता है। जो हेमोफिलिया जैसे बीमारी का प्रमुख लक्षण है।

6. मस्तिष्क में खून आना
हीमोफिलिया के सबसे गंभीर मामलो में से एक है मस्तिष्क में खून आना। इसमें मस्तिष्क के अंदर खून का स्राव होने लगता है जिससे सिरदर्द, गर्दन में दर्द और उल्टी आने लगती है।

7. कमजोरी और डबल विज़न
कमज़ोरी महसूस करना, डबल विज़न यानी हर चीज़ दो दिखना और चलने में मुश्किल होना। यह भी हेमोफिलिया के अन्य प्रमुख लक्षण हैं।



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