LADIES... बार-बार लगती है पेशाब तो कहीं इसका कारण ये तो नहीं....

रात की नींद किसे पसंद नहीं है, लेकिन अगर यही नींद किसी कारण से ख़राब होने लगे तो इससे आपकी सेहत पर असर पड़ता है। सोचिये आप गहरी नींद में हों और अचानक आपको पेशाब लग जाए, तो आपको उठना ही पड़ेगा, और यही नहीं पेशाब कई बार लगे। तो इससे आपकी नींद भी टूटती है और आप ठीक से सो भी नहीं पाएंगे। अगर आपके साथ यह रोज़ होता है तो इसे हलके में मत लीजिये।

रात में पेशाब जानाऔर कई बार जाना सिर्फ पानी पीने से नहीं होता है बल्कि इसके कई कारण हो सकते हैं। बहुत ज्यादा पेशाब लगना उम्र के साथ हॉर्मोन्स में तब्दीलियां आने से भी होता है। इसी कारण रात में ज़्यादा पेशाब होता है। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के प्रोस्टेट ग्रंथि अक्सर बढ़ने लगती है। बड़ा प्रोस्ट्रेट ट्यूब पर दबाव बना सकता है और इससे पेशाब भी ज़्यादा होता है। आइये जानते हैं ऐसे ही अन्य कारण।

बार-बार लगती है पेशाब तो कहीं इसका कारण ये तो नहीं....

स्लीप एपनिया से पीड़ित हैं?
स्लीप एपनिया में व्यक्ति को सोते वक़्त सांस लेने में दिक्कत होती है जिससे उसकी नींद बीच में ही टूट जाती है। इससे दिन भर नींद आने से ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी दिक्कत के साथ दिल की बीमारी व मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है। यह देखा गया इस बीमारी से 50% लोग पीड़ित हैं।

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रात में सोने से पहले कैफीन पीना
जिन लोगों को भी कॉफी पसंद हैं वो इसे जरूर पढ़ें। कॉफ़ी पीने से आप सिर्फ सुबह ताज़गी महसूस ही नहीं करते बल्कि इससे पेशाब भी लगती है। शराब और कॉफ़ी दोनों से शरीर में पेशाब की मात्रा बढ़ जताई है। और अगर आप उनमें से है जो रात में खाना खाने से बाद कॉफ़ी पीते हैं तो यह खतरे की निशानी है।

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इंटररिस्टशियल सिस्टाइटिस से रहें सतर्क
इंटररिस्टशियल सिस्टाइटिस एक स्थिति है जिसकी वजह से मूत्राशय में तकलीफ या पीड़ा होती है और बार-बार मूत्र त्याग की जरुरत महसूस होती है। यह पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा सामान्य है। इसके लक्षण सभी लोगों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों को मूत्र त्याग की तीव्र जरुरत के बिना दर्द हो सकता है। अन्य लोगों को केवल दर्द हो सकता है। मासिक धर्म के दौरान महिलाओं की स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है। उन्हें संभोग के दौरान भी दर्द हो सकता है।

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दवाइयों का सेवन
अगर आप सर्दी की दवा खा रहें है तो रात में बार बार पेशाब करने के लिए तैयार रहें। ठंड लगने की दवाओं को इस तरह की बनाया जाता है कि वे किसी भी तरह के अतिरिक्त तरल पदार्थ को मूत्राशय के द्वारा बाहर निकलती है। जिससे बार बार पेशाब लगती है।

यूटीआई भी कारण हो सकता है
यूटीआई तब होता है, जब बैक्टीरिया या फंगस हमारे पाचन तंत्र से निकल कर या फिर किसी अन्य माध्यम से पेशाब मार्ग की दीवारों पर चिपक जाते हैं और तेजी से बढ़ते चले जाते हैं। यही नहीं पेशाब करतेवक़्त जलन, खुजली, और वजाइनल डिस्चार्ज होता है। इससे पेशाब बेवक़्त लगती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, November 10, 2017, 16:12 [IST]
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