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रिसर्च..शहद में पाए जाते है ये खतरनाक कीटनाशक, हो जाइए सावधान
हाल ही में किये गए एक अध्ययन से पता चला है कि दुनियाभर में शहद में कीटनाशक की संख्या बढ़ रही है और यह अध्ययन सुझाव देता है कि मधुमक्खियों और अन्य परागणकों में इन खतरनाक रसायनों से व्यापक रूप से उजागर किया जा रहा है।
आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले कीटनाशक, जिसे निओनिकोटिनोइड्स के रूप में जाना जाता है, उसका पौधों द्वारा अवशोषण किया जाता है और फिर इसके ऊतकों में फैलाया जाता है।
इसका उपभोग करने वाले लोग सीखने और याददाश्त की समस्याओं से पीड़ित हो सकते है।

क्या कहती है रिसर्च
जर्नल साइंस में प्रकाशित एक अधययन के अनुसार, कीटनाशकों से परागणकों के लिए खतरे की एक सीमा का एक विचार प्राप्त करने के लिए, शोधकर्ताओं ने अपने आस पास के क्षेत्रों से शहद एकत्रित किया।
उन्होंने उत्तरी अमेरिका के सैम्पल्स में सबसे अधिक निओनिकोटिनोइड्स पाया, जहाँ इसकी मात्रा 86 प्रतिशत या उस से अधिक थी और सबसे 57 प्रतिशत के साथ कम निओनिकोटिनोइड्स दक्षिणी अमेरिका के शहद के सैम्पल्स में पाया गया था।

सैंपल में निकला ये
विश्व स्तर पर, एक तिहाई सैम्पल्स ने में इस कीटनाशक का स्तर इतना अधिक था जो कि मधुमक्खियों को चोट पहुंचाने के लिए पर्याप्त था।
किसी भी सैम्पल में मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक सांद्रता नहीं थी। शहद के सैम्पल्स में दो प्रकार से अधिक निओनिकोटिनोइड्स 45 प्रतिशत और 10 प्रतिशत चार या पांच थे।

प्रभाव पता नहीं चले है
हालाँकि इस मिश्रण के प्रभाव ज्ञात नहीं है, लेकिन इसकी सम्भावना इससे भी बदतर होने की है।
टीम ने सरकारों से कृषि में इस्तेमाल होने वाले निओनिकोटिनोइड्स की मात्रा का अधिक डाटा उपलब्ध करवाने को कहा है, जो किसानों द्वारा उपयोग की जाने वाली और शहद में पायी जाने वाली मात्रा के बीच सम्बन्ध को स्पष्ट करने में सहायता करेगा।



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