Latest Updates
-
Teacher's Day 2026: 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस? जानिए क्या है इसका इतिहास और महत्व -
Teacher's Day 2026 Sanskrit Wishes: इन संस्कृत श्लोकोंं के जरिए गुरुजनों को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Teacher’s Day 2026 Wishes: गुरु का ज्ञान...इन संदेशों के साथ अपने टीचर्स को भेजें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं -
Dahi Handi 2026: 5 या 6 सितंबर, कब है दही हांडी? जानें क्यों और कैसे मनाते हैं ये पर्व -
Janmashtami 2026: धन, प्रेम विवाह और संतान प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी पर करें ये अचूक उपाय, पूरी होगी मनोकामना -
Happy Krishna Janmashtami 2026 Wishes: नंद के घर खुशियां आईं...जन्माष्टमी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर तुलसी तोड़ सकते हैं या नहीं? जानें क्या हैं धार्मिक नियम -
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, दिखेगा कृष्ण भक्ति का खास रंग -
Janmashtami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी पर इन आसान तरीकों से सजाएं अपना पूजा घर, यहां देखें 10 डेकोरेशन आइडियाज -
World Coconut Day 2026: सूखा या ताजा नारियल, सेहत के लिए कौन सा ज्यादा फायदेमंद? जानें दोनों में अंतर
रिसर्च..शहद में पाए जाते है ये खतरनाक कीटनाशक, हो जाइए सावधान
हाल ही में किये गए एक अध्ययन से पता चला है कि दुनियाभर में शहद में कीटनाशक की संख्या बढ़ रही है और यह अध्ययन सुझाव देता है कि मधुमक्खियों और अन्य परागणकों में इन खतरनाक रसायनों से व्यापक रूप से उजागर किया जा रहा है।
आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले कीटनाशक, जिसे निओनिकोटिनोइड्स के रूप में जाना जाता है, उसका पौधों द्वारा अवशोषण किया जाता है और फिर इसके ऊतकों में फैलाया जाता है।
इसका उपभोग करने वाले लोग सीखने और याददाश्त की समस्याओं से पीड़ित हो सकते है।

क्या कहती है रिसर्च
जर्नल साइंस में प्रकाशित एक अधययन के अनुसार, कीटनाशकों से परागणकों के लिए खतरे की एक सीमा का एक विचार प्राप्त करने के लिए, शोधकर्ताओं ने अपने आस पास के क्षेत्रों से शहद एकत्रित किया।
उन्होंने उत्तरी अमेरिका के सैम्पल्स में सबसे अधिक निओनिकोटिनोइड्स पाया, जहाँ इसकी मात्रा 86 प्रतिशत या उस से अधिक थी और सबसे 57 प्रतिशत के साथ कम निओनिकोटिनोइड्स दक्षिणी अमेरिका के शहद के सैम्पल्स में पाया गया था।

सैंपल में निकला ये
विश्व स्तर पर, एक तिहाई सैम्पल्स ने में इस कीटनाशक का स्तर इतना अधिक था जो कि मधुमक्खियों को चोट पहुंचाने के लिए पर्याप्त था।
किसी भी सैम्पल में मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक सांद्रता नहीं थी। शहद के सैम्पल्स में दो प्रकार से अधिक निओनिकोटिनोइड्स 45 प्रतिशत और 10 प्रतिशत चार या पांच थे।

प्रभाव पता नहीं चले है
हालाँकि इस मिश्रण के प्रभाव ज्ञात नहीं है, लेकिन इसकी सम्भावना इससे भी बदतर होने की है।
टीम ने सरकारों से कृषि में इस्तेमाल होने वाले निओनिकोटिनोइड्स की मात्रा का अधिक डाटा उपलब्ध करवाने को कहा है, जो किसानों द्वारा उपयोग की जाने वाली और शहद में पायी जाने वाली मात्रा के बीच सम्बन्ध को स्पष्ट करने में सहायता करेगा।



Click it and Unblock the Notifications