Latest Updates
-
Bael Ka Juice: भयंकर गर्मी और लू से बचाएगा बेल का जूस, नोट करें बनाने की विधि और इसे पीने के लाभ -
इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए आम, स्वाद के चक्कर में सेहत हो सकती है खराब -
क्यों मनाते हैं World Laughter Day? जानें इस साल की थीम, इतिहास और हंसने से मिलने वाले 10 लाभ -
सच हो रही है बाबा वेंगा की डरावनी भविष्यवाणी? बेमौसम बरसात गर्मी से देगी राहत या मचाएगी तबाही? -
AC Tips: रिमोट का ये एक बटन आधा कर देगा बिजली का बिल, 90% लोग नहीं जानते इसका सही इस्तेमाल -
मुनव्वर फारूकी बने पिता, घर आई नन्ही परी, देखें मुस्लिम बेटियों के लिए 100+ लेटेस्ट और मीनिंगफुल नाम -
Narad Jayanti 2026: नारायण-नारायण जपो और बाइट के लिए भागो, पत्रकारों के लिए फनी मैसेजेस और शायरी -
Narad Jayanti 2026: गूगल-विकिपीडिया से भी तेज नेटवर्क, क्यों नारद मुनि कहलाए ब्रह्मांड के पहले जर्नलिस्ट? -
Aaj Ka Rashifal 2 May 2026: आज इन 5 राशियों पर भारी पड़ सकता है शनिवार, पढ़ें अपना भाग्यफल -
मलेरिया से जल्दी रिकवर होने के लिए खाएं ये फूड्स, जानें किन चीजों से करना चाहिए परहेज
ज्यादा देर तक शोर-शराबे के सम्पर्क में रहने से पुरुषों में बढ़ सकती है फर्टिलिटी
शोधकर्ताओं ने पाया कि रात के शोर का स्तर 55 डेसिबल (डीबी) के बराबर या उसके बराबर होता है और यह बांझपन में वृद्धि कर सकता है।
ऐसे पुरुष जिनका घर एक ऐसे रोड के पास है जहां बहुत ज्यादा शोर होता है, उन्हें बांझपन यानि इनफर्टिलिटी का अधिक खतरा होता है। ऐसा दावा जर्नल एनवायरनमेंटल पोल्यूशन में प्रकाशित एक अध्ययन में किया गया है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि रात के शोर का स्तर 55 डेसिबल (डीबी) के बराबर या उसके बराबर होता है और यह बांझपन में वृद्धि कर सकता है। आपको बता दें कि शोर अन्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे हृदय रोग और मानसिक बीमारी से भी जुड़ा हुआ है।

सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी के मुख्य शोधकर्ता के अनुसार,स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य व्यय पर अप्रत्याशित प्रतिकूल प्रभावों के कारण बांझपन एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा बन रहा है।
अगर ऐसा ही रहा, तो भविष्य में मनुष्य सामान्य गर्भावस्था और प्रसव के लिए सक्षम नहीं होंगे। अगर आप पुरुष हैं और आप इनफर्टिलिटी से पीड़ित हैं, तो आपको पर्यावरण प्रदूषण के जोखिम पर विचार करना चाहिए।

अध्ययन के लिए, टीम ने 20-59 आयु वर्ग के 206,492 पुरुष का विश्लेषण किया। उन्होंने पुरुषों के डाक कोड के साथ मिलकर नेशनल नॉइज़ इन्फोर्मेशन सिस्टम से जानकारी का उपयोग करते हुए नॉइज़ एक्सपोजर लेवल की गणना की।
साल 2006 से 2013 यानि आठ सालों तक किये गए इस अध्ययन में यह पता चला कि 3,293 व्यक्तियों का इनफर्टिलिटी की समस्या का इलाज किया गया।
आयु, आय, बीएमआई और धूम्रपान जैसे डेटा को इकठ्ठा करने के बाद, उन्होंने पाया कि इनफर्टिलिटी का निदान होने की संभावना रात में 55 डीबी से अधिक शोर से निकले पुरुषों में काफी अधिक थी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications