फेफड़ों को स्वस्थ रखना है तो इस ख़ास चीज का करें इस्तेमाल

By Lekhaka

Yoga for healthy lung function | Ashtang Namaskar Yoga | अष्टांग नमस्कार | Boldsky

पर्यावरणविदों के लिये प्रदूषण एक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। कई सालों से प्रदूषण को दूर करने के लिए तरह तरह की डिबेट हो रहीं हैं। वातावरण को बचाने के कई तरीकों के बावजूद भी हमारे स्वास्थ्य के लिए प्रदूषण एक बहुत बड़ा खतरा है। वैसे तो कई तरह के प्रदूषण होते हैं जिनमे जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण मुख्य हैं लेकिन आपके श्वशन तंत्र के लिए वायु प्रदूषण ही जिम्मेदार होता है।

रिसर्च के अनुसार ज्यादातर ह्रदय संबंधी और सांस से सम्बंधित समस्याएं इस होने वाले प्रदूषण की वजह से होती हैं। ये आपके फेफड़े पर बहुत बुरा असर डालते हैं और आपके श्वशन तंत्र की कोशिकाओं को ख़त्म कर देते हैं, जिसकी वजह से आपके फेफड़े अच्छी तरह से अपना काम नहीं कर पाते हैं।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि फेफड़े मनुष्य के शरीर का एक अहम अंग होते हैं और इसका काम बाधित होने से आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए यह बहुत जरुरी है कि अपने फेफड़े को साफ़ सुथरा रखने के लिए इस पप्रदूषण से बचने के बारे में गंभीरता से सोंचे। आज के इस प्रदूषण भरी लाइफ में यूकेलिप्टस का तेल फेफड़ों को साफ़ रखने के लिए बहुत उपयोगी है तो आइये हम इस तेल से होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।

यूकेलिप्टस का तेल अपने औषधीय गुणों की वजह से जाना जाता है

यूकेलिप्टस का तेल अपने औषधीय गुणों की वजह से जाना जाता है

सदियों से यूकेलिप्टस का तेल अपने औषधीय गुणों की वजह से लोगों के बीच इस्तेमाल होता आया है। हालांकि यह तेल ऐरोमेटिक नहीं होता है फिर भी इसमें से दूसरे ऐरोमेटिक तेलों के जैसी खुशबू आती है। इसमें एंटी-इन्फ्लामेट्री, एंटी-स्पाज्मोडिक, एंटी-सेप्टिक, और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो इस तेल बहुत ही ख़ास बनाते हैं। यह तेल कई तरह से फायदेमंद होता है।

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• एंटी-सेप्टिक गुण होने की वजह से यह तेल जले, कटे और कई तरह के घावों को आसानी से भर देता है। यह त्वचा में होने वाले कई तरह के इन्फेक्शन से भी बचाता है।

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• अगर आप मानसिक रूप से थक चुके हैं या कोई तनाव है या फिर आप बहुत ज्यादा चिंतित हैं तो यूकेलिप्टस का यह तेल आपके स्वास्थ्य के लिए हर तरह से आरामदायक है।

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• यूकेलिप्टस का यह तेल आपके मांसपेशियों के दर्द के लिए बहुत ही अच्छा होता है। इस तेल का मसाज करने से बहुत जल्दी आराम मिलता है।

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• आप दांतों में होने वाली कैविटी, प्लेक्स या फिर और भी कई तरह के इन्फेक्शन को इस तेल से आसानी से दूर कर सकते हैं क्योंकि इसमें वैसे ही जर्मीसिडल गुण होते हैं जोकि आपके माउथवाश और टूथपेस्ट में होते हैं।

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• यह आपके त्वचा के लिए एक नेचुरल बग की तरह काम करता है और दुसरे केमिकल प्रोडक्ट की तुलना में यह स्किन के इन्फेक्शन को दूर करने में ज्यादा असरदार होता है।

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• यूकेलिप्टस का तेल आपकी आंतो में मौजूद कीटाणुओं को दूर करने साथ आपकी त्वचा की भी अच्छे से देखभाल करता है।

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• यह बुखार, डायबिटीज और टीबी जैसी बीमारियों को भी ठीक करने के लिए बहुत ही सहायक होता है। इतने सारे लाभदायक गुणों के अलावा यह तेल सांस संबंधी समस्याओं को भी ठीक करने में उपयोगी है। सर्दी, खांसी, आस्थमा और ब्रोंकाइटीस से लेकर यह आपके फेफड़ों को भी साफ करने में कारगर है।

फेफड़ों के लिये यूकेलिप्टस के तेल का कैसे इस्तेमाल करें:

फेफड़ों के लिये यूकेलिप्टस के तेल का कैसे इस्तेमाल करें:

यूकेलिप्टस के तेल में प्राकृतिक औषधीय गुण होते हैं जिसकी वजह से यह वायु प्रदूषण की वजह से फेफड़ों में होने वाली दिक्कतों को दूर करने में मददगार होता है। स्वस्थ और एक्टिव लाइफस्टाइल के लिए यह जरुरी है कि आप अपने फेफड़े को ठीक से रखें। यहाँ हम आपको यूकेलिप्टस का तेल कैसे इस्तेमाल करें, उसका तरीका बताने जा रहें हैं।

STEPS:

STEPS:

स्टेप 1: एक बड़े कटोरे में पानी को लेकर उसे गर्म करें।

स्टेप 2: उस गर्म पानी में यूकेलिप्टस के तेल की 4 से 5 बूंदे डालें।

स्टेप 3: फिर हफ्ते में दो या तीन बार उसका गर्म पानी का भाप लें।

ऐसा करने से आपके फेफड़ों से टॉक्सिक पदार्थ और म्यूकस बाहर निकल जायेगा और आपका फेफड़ा ठीक तरह से काम करेगा। इसके साथ ही इसका भाप लेने से आपको फ्लू, ब्रोंकाइटीस और सर्दी के अलावा सांस संबधी और भी दिक्कतों से आराम मिलेगा।


Story first published: Saturday, November 18, 2017, 9:00 [IST]
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