टॉन्सिल से छुटकारा पाने के लिए जानिए इसके लक्षण, प्रभाव और घरेलू इलाज

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अक्सर बदलते मौसम में की तरह की बीमारियां देखने को मिलती है। आपने कई बार देखा होगा कि सर्दी का मौमस आते ही कई लोगों के जबड़े के आसपास दर्द होता है और वो खाना भी नहीं पाते है। इसको हम टॉन्सिल कहते है। इसके होने के बाद आप बोल भी नहीं सकते है।

टॉन्सिल गले के दोनों ओर स्थित लिम्फेटिक टिश्यु या ऊत्तक होते हैं। ये ऊत्तक बैक्टीरिया और संक्रमण से लड़कर सुरक्षा का कार्य करते हैं। ये उन बैक्टीरिया और वायरस को अपने में अवशोषित करते हैं जो शरीर के किसी अंग या भीतरी हिस्से को क्षति पहुंचा सकते हैं।टोंसिलाइटिस होने पर सूजन और दर्द का अनुभव होता है।

यह खासकर बदलते हुए मौसम में बच्चों को प्रभावित करता है। यह अवस्था तब दिखाई देती है जब टोंसिल कीटाणुओं या बैक्टीरिया का सामना नहीं कर पाते और इसमें सूजन आ जाती है।

लेकिन इसका इलाज संभव है आइए जानते है कि इसके लक्षण, कारण और घरेल इलाज क्या क्या होते है।

टॉन्सिल के लक्षण

टॉन्सिल के लक्षण

आपको बता दें कि इसमें सूखा बलगम, उच्च शरीर ताप या ज्वर के साथ कंपकपी होती है। सांसों में दुर्गन्ध भी इसका एक खास लक्षण है। शुरूआती दिनों में सूजन और लालिमा मुंह और जीभ में भी दिखाई देती है। अगर आपको ऐसे लक्षण दिखे तो आपको इलाज कराने की जरूरत है।

इतने दिन प्रभाव रहता है

इतने दिन प्रभाव रहता है

आपको बता दें कि इसका प्रभाव 12 से 13 दिनों तक रहता है और इसके दोबारा लौटने की संभावना भी हो सकती है। ठंडे या मौसम के बदलने के दौरान यह फिर अपना प्रभाव दिखा सकता है। गले में भयानक सूजन होती है और आप बोलने के साथ साथ खाना भी नहीं खा पाते है। अगर खाते है तो बहुत तकलीफ होती है।

ऐसे होता है टेस्ट

ऐसे होता है टेस्ट

आपको बता दें कि जब डॉक्टर इसके टेस्ट के लिए भेजता है तो आप देखेगे कि रोगी डॉक्टर के पास जाये तो उसे गले में एक तरह की पट्टी लगा कर टेस्ट के लिए भेजा जाता है। इससे रोगी को राहत मिलती है। ये टेस्ट का तरीका होता है।

इसके कारण और प्रभाव

इसके कारण और प्रभाव

अगर आपको इसके प्रभाव और कारण जानना है तो जान लें कि इसमें वायरस होते है जिस कारण इसमें सूजन हो जाती है। जब टोंसिल वायरस का सामना कर उन्हें अवशोषित नहीं कर पाते तो यह प्रभावित होकर सूज जाते हैं। इस रोग में बात करने में परेशानी होती है। यह स्थिति गले में दर्द से भी बदतर होती है जिसमें मुंह की लार को निगलना भी तकलीफदेह होता है। इसके मुख्य लक्षण गले में दर्द ही होता है।

ठंडी चीजें खाने में दर्द होता है

ठंडी चीजें खाने में दर्द होता है

आपको बता दे कि रोगी को इतनी तकलीफ होती है कि वो कुछ खा नहीं पाता है। अगर ये बीमारी किसी को हो जाए तो ठंडी के मौसम में उसको ठंडी चीजे खाने में बहुत दिक्कत होती है। इसलिए इसका सही होना बहुत जरूरी है।

यहां भी होता है दर्द

यहां भी होता है दर्द

आपको बता दें कि ना केवल गर्दन बल्कि इसका दर्द बढ़ते हुए कान के पास तक पहुंच जाता है और देखते ही देखते सिर दर्द भी होने लगता है। ये दर्द बहुत ही असहनीय होता है

इसके घरेलू उपाय

इसके घरेलू उपाय

गर्म पानी

इसके लिए गर्म पानी बहुत ज्यादा फायदेमंद है। ऐसे में आपको पानी गर्म करके इससे लगातार गरारा करना चाहिए और इससे कुल्ला करना चाहिए। ऐसा करने से आपको आराम मिलता है। ये इसके लिए कारगर उपाय है।

हल्दी

हल्दी

आपको बता दें कि हल्दी बहुत ज्यादा फायदेमंद होती है। हल्दी में दर्दनिवारक गुण भी होते हैं। हल्दी का प्रयोग गर्म पानी में मिलाकर गरारे के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा हल्दी का एक और प्रयोग भी है। ऐसा करने से इसके दर्द से आराम मिल जाता है।

काली मिर्च

काली मिर्च

अगर आप टॉसिल का दर्द है तो आपको बता दें कि ऐसे में काली मिर्च भी आपके लिए बहुत फायदेमंद है। इसको आप महीन पीस लें और अलग अलग तरह से इसका सेवन करें। ऐसा करने से आपको इसमें आराम मिलेगा।

काढ़ा बनाएं

काढ़ा बनाएं

अगर आपको इससे जल्द आराम चाहिए तो आपको तुलसी, अदरक और काली मिर्च की चाय बनाकर पीनी चाहिए। इसका काढा बनाए और रात में सोने से पहले इसका सेवन करें।

Story first published: Tuesday, October 31, 2017, 13:00 [IST]
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