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आपके शरीर से आती है इस तरह की गंध तो आप होने वाले है इस बीमारी के शिकार
कभी-कभी नहाने में अधिक आलस आता है और पूरे दिन कमरे में बैठकर बर्गर जैसी चीजें खाते रहने का मन करता है। लेकिन इसके बाद एक ऐसी स्थिति आती है कि सुस्ती हमें घेर लेती है तब हल्के स्नान, डियो की खुशबू या टूथपेस्ट की सनसनाहट पाकर हम खुद को तरोताजा महसूस करने लगते हैं।
लेकिन कुछ मामलों में किसी भी तरह की महक हमारे मूड को तरोताजा नहीं कर पाती है। क्योंकि हमारे शरीर से भी एक खास तरह की गंध निकलती है जो हमारे अच्छे या खराब मूड को निर्धारित करती है।
शरीर से निकलने वाली ये गंध कुछ विशेष बीमारियों की तरफ भी संकेत करती है। हम यहां आपको शरीर से आने वाली कुछ ऐसे गंध के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप बीमारियों का पता आसानी से लगा सकते हैं।

सांसों में खूशबू डायबिटीज का लक्षण हो सकता है
डायबिटीज की समस्या को डायबेटिक किटोएसिडोसिस (डीकेए) कहते हैं। जब शरीर में इंसुलिन और ब्लड शुगर का स्तर कम हो जाता है तो डायबिटीज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। खून में किटोन्स बनने के कारण सांसों में फलों की तरह महक आने लगती है। यह इसका एक अन्य कारण हो सकता है।

पैरों के दुर्गंध से पैरों में संक्रमण हो सकता है
पैरों में फंगल इंफेक्शन के कारण यह समस्या उत्पन्न हो सकती है। यदि पैर की उंगलियां ज्यादा ड्राई हो गई हों और इसमें लालीपन के साथ परतें निकल रही हो तो आपके पैरों में दाद हो सकता है। पैरों की त्वचा में बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन के कारण पैरों से गंध आने लगती है।

मल में गंध लैक्टोज न पचने का लक्षण है
जब हमारी छोटी आंत में पर्याप्त मात्रा में लैक्टोज नामक एंजाइम नहीं बन पाता है तो यह डेयरी उत्पादों में मौजूद लैक्टोज को आसानी से नहीं पचा पाता है। इसलिए छोटी आंत सीधे ब्लडस्ट्रीम के बजाय कोलोन में लैक्टोज को भेज देता है। यहां पेट के बैक्टीरिया इसे अधिक उत्तेजित कर देते हैं जिससे मल में गंध आती है।

पेशाब में तीक्ष्ण गंध यूटीआई का लक्षण हो सकता हैं
जब ई-कोलाई नामक बैक्टीरिया मूत्रद्वार और मूत्रनली में चला जाता है तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) में रसायन की तरह तीक्ष्ण गंध जैसी पेशाब निकलती है। ब्लैडर में ये बैक्टीरिया काफी अधिक संख्या में उत्पन्न हो जाते हैं जिससे हमारे यूरिन में इंफेक्शन हो जाता है।

सांसों में बदबू से स्लीप एप्निया हो सकता है
चाहे भले ही आप रात को अच्छी तरह से ब्रश करते हों लेकिन यदि सुबह आपकी सांसों में दुर्गंध आती है तो आपको स्लीप एप्निया की समस्या हो सकती है। स्लीप एप्निया होने की दूसरी वजह यह है कि अधिक धूम्रपान करने से इसकी दुर्गंध सोते वक्त मुंह के जरिए सांसों में पहुंच जाता है इससे मुंह अधिक ड्राई हो जाता है जिससे सांसों में दुर्गंध की समस्या हो जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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