Latest Updates
-
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
ग्लोइंग स्किन चाहते हैं तो देर रात खाने से बचें- स्टडी
सनबाथ लेने वाले अगर देर रात में कुछ खाते हैं, तो सावधान हो जाएं। आपकी इस आदत से आपकी त्वचा को नुकसान हो सकता है। सूर्य की अल्ट्रावायलट किरणों के कारण सन बर्न से लेकर स्किन कैंसर तक की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
चूहों पर किए अध्ययन में पाया कि बे-समय खाना खाने से त्वचा के बायोलॉजिकल क्लॉक (जैविक घड़ी) में बाधा आ जाती है। इसके साथ ही सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी विकिरण से बचाने वाला दिन के समय निकलने वाला एंजाइम भी प्रभावित होता है।
शोधकर्ता जोसेफ एस ताकाहाशी ने कहा कि इस बारे में आगे शोध की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शोध में यह संकेत दिया गया कि रात में खाने वाले लोग सनबर्न, त्वचा की उम्र बढ़ने और स्किन कैंसर जैसे लंबे समय तक पड़ने वाले प्रभाव के लिए अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।

चूहों पर किए गए अध्ययन के दौरान उन्हें दिन के समय में भोजन दिया गया। रात में जगने वाले जीव के लिए यह असमान्य समय था। इसके बाद उन्हें पराबैंगनी बी (यूवीबी) प्रकाश के संपर्क में लाया गया, तो पता चला कि उनकी त्वचा में अधिक नुकसान हुआ था।
उन्होंने बताया कि यूवी-क्षतिग्रस्त त्वचा की मरम्मत के लिए निकलने वाला एंजाइम- एक्सरोडर्मा पिग्मेंटोसम ग्रुप ए (एक्सपीए) ने अपने डेली साइकिल को बदल दिया था और वह दिन में कम सक्रिय रह रहा था।
तकाहाशी ने कहा कि इस परिणाम के आधार पर हम कह सकते हैं कि यदि लोग अपना खाने का शेड्यूल सामान्य रखते हैं, तो यूवी रेज से वे अधिक सुरक्षित रह सकते हैं। यदि आपके खाने का समय असमान्य है, जो आपकी स्किन क्लॉक में खतरनाक बदलाव हो सकते हैं, जैसे उस चूहे में हुए थे।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications