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क्या होगा अगर पूरी दुनिया से मच्छरों को खत्म कर दिया जाए ?
मच्छरों का नाम सुनते ही हम सबके दिमाग में मलेरिया और डेंगू जैसे गंभीर रोगों का चित्र उभरने लगता है। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोग मच्छरों की वजह से ठीक से सो भी नहीं पाते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि इनसे निपटने के लिए ऐसी दवा बना देनी चाहिये जिससे पूरी धरती से इनकी प्रजाति ही खत्म हो जाए।
आपको बता दें कि हाल में वैज्ञानिकों ने इस विषय पर सोचा भी कि मच्छरों का हमारे इकोसिस्टम में क्या रोल है और अगर ये पूरी तरह खत्म हो जाते हैं तो इसका क्या प्रभाव पड़ेगा। रिसर्चर की टीम ने बताया कि बेशक ये इंसानों के लिए किसी काम के नहीं हैं लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि ये कई अलग तरह की स्पीसीज के लिए एक खाद्य सामग्री भी है। अगर इन्हें पूरी तरह से खत्म कर दिया जायेगा तो कई और जीव प्रजातियों के खान-पान पर बुरा असर पड़ेगा।

यूएस स्टेट ऑफ़ इंडिआना के परड्यू यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर कैथरीन हिल बताती है कि हमारे इकोसिस्टम के कई जीव, मच्छरों को खाकर ही जी रहे हैं ऐसे में अगर ये पूरी तरह खत्म हो गये तो उनके जीवन पर भी संकट में बादल मंडराने लगेंगे।
इसलिए ऐसा कोई नॉन लेथल पेस्टिसाइड बनाना जो मच्छरों की प्रजाति को खत्म कर देगा वो बाकियों के लिए भी हानिकारक हो सकता है। उनका मानना है कि मच्छरों की प्रजाति खत्म करने की तुलना में बीमारियों को एक से दूसरे में फैलाने की उनकी क्षमता को खत्म करना ज्यादा कारगर और प्रभावी तरीका है। इससे इंसानों को फिर मच्छरों से कोई नुकसान नहीं होगा।

इस समय दुनिया के कई हिस्सों में छोटी मछलियाँ मच्छरों को भोजन के रूप में ग्रहण करती हैं वहीँ कई तरह के पक्षी, मेंढक और कीडेमकोडे भी मच्छरों को खाकर जिंदा रहते हैं। इसलिए इन्हें पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है।
कैथरीन हिल का कहना है कि पूरी दुनिया में मच्छरों की हजारों प्रजातियां हैं और उनमें से बस कुछ ही ऐसी हैं जो बीमारियों को एक जगह से दूसरी जगह फैलाती हैं। बाकी प्रजातियों से इंसानों को कोई नुकसान नहीं है इसलिए इनके समूचे खात्मे की बात करना गलत है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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