खुशखबरी! पुरुषों के लिए जल्‍द आएगी बिना साइडइफेक्‍ट की गर्भनिरोधक दवा..

बर्थ कंट्रोल करने की जिम्‍मेदारी केवल महिलाओं की ही नहीं होती। आप सोंचते हैं कि महज कंडोम के इस्‍तेमाल से आपकी जिम्‍मेदारी खत्‍म हो जाती है। अगर पुरुष नहीं चाहते की उनकी पार्टनर को अन वांटेड प्रेगनेंसी का रिस्‍क झेलना पड़े, तो उन्‍हें भी गोलियां लेने की आदत डालनी पड़ेगी।

हालांकि कई पुरुष गर्भनिरोधक दवाईयां लेने से इसलिएबचते है उन्‍हें लगता है कि ये तो महिलाओं का काम है और मेल कॉन्ट्रासेप्शन पिल्‍स के साइडइफेक्‍ट से डरकर इन दवाओं का सेवन करने से बचते है। लेकिन पुरुषों के लिए एक खुशखबरी है कि अब जल्‍द ही बाजार में पुरुषों के लिए ऐसी गर्भनिरोधक दवा मिलने वाली है जिससे कि उन्‍हें कोई साइडइफेक्‍ट नहीं होगा।

अमेरिका के ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी स्थित ओरेगन नेशनल प्राइमेट रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं ने ऐसे यौगिक की खोज की है जो शुक्राणु की गतिशीलता पर नियंत्रण रख सकता है। आइए जानते है इस दवा के बारे में-

नहीं होगा साइड इफेक्‍ट

नहीं होगा साइड इफेक्‍ट

इस दवा की खास बात ये है कि इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है। ये हम नहीं हाल ही में हुई एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि ईपी055 नामक यह फार्मूला शुक्राणु की गतिशीलता को शिथिल कर देता है, लेकिन इससे हार्मोन पर इसका कोई असर नहीं होता है। इसका इस्तेमाल करके पुरुषों के लिए भी अब निरोध की गोली बनाई जा सकती है, जो आबादी नियंत्रण के लिए कारगर उपाय साबित हो सकती है।

 क्या है ये यौगिक -

क्या है ये यौगिक -

ये ईपी055 नामक यौगिक है जो शुक्राणु की गतिशीलता को शिथिल कर देता है और इससे हार्मोन पर भी कोई असर नहीं होता है। यह यौगिक निषेचन की क्षमता को कम कर सकता है। इस यौगिक का इस्तेमाल करके पुरुषों के लिए भी अब निरोध की गोली बनाई जा सकती है जो आबादी नियंत्रण के लिए कारगर उपाय साबित हो सक

कौन ले सकता है?

कौन ले सकता है?

इसको न लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता, यह पिल किसी भी पुरुष द्वारा ली जा सकती है। जो अनचाही प्रेगनेंसी से बचना चाहते है। लेकिन यह कंडोम से भी दोगुनी तेजी से फायदा भी पहुंचाती है।

पुरुषों के लिए हैं ये कंट्रासेप्शन-

पुरुषों के लिए हैं ये कंट्रासेप्शन-

वर्तमान में पुरुषों के लिए कंडोम और नसबंदी के उपाय उपलब्ध हैं। इसके अलावा कुछ ओरल पिल्‍स मौजूद है। लेकिन कुछ पुरुषों में कभी-कभार वजन बढ़ जाता है। वहीं पर औरतों की पिल लेने से उनमें चक्‍कर, सिरदर्द और थकान जैसी समस्‍याएं पैदा होने लगती हैं।

इस शोध में दावा किया गया है कि इस यौगिक से 'पुरुष-गोली' बनाई जा सकती है जो जन्म दर को नियंत्रित करने में कारगर साबित होगी और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होगा। इसलिये पुरुषों के लिये यह एक अच्‍छा बर्थ कंट्रोल मेथर्ड साबित हो सकता है।

 एसटीडी और एड्स में कारगर?

एसटीडी और एड्स में कारगर?

हालांकि अभी तक इस बात का दावा किया जा रहा है कि इस गर्भनिरोधक दवाई को लेने से पुरुषों में किसी तरह का साइडइफेक्‍ट देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि ये दवा एड्स और एसटीडी आदि जैसी यौन संचारित बीमारियों से बचाव करती है कि नहीं? गर्भनिरोधक के लिए कंडोम इस्‍तेमाल करने का बस यही एक फायदा होता है कि आप ऐसी भंयकर बीमारियों से बच सकते हैं।

पुल आउट मेथड

पुल आउट मेथड

इसे पुल आउट मेथड भी कहा जाता है। इसके नाकाम होने की संभावना सिर्फ 4 प्रतिशत होती है। इस तकनीक में ईजैक्यूलेशन (स्खलन) योनि के अंदर न करके बाहर किया जाता है। यानी सेक्स के दौरान जब ईजैक्यूलेशन होने वाला होता है, तो पेनिस को बाहर निकाल लिया जाता है। इससे स्पर्म अंदर प्रवेश नहीं करता है। हालांकि इसमें रिस्क बहुत ज्यादा होता है।

आउटरकोर्स

आउटरकोर्स

अपने जीवनसाथी की प्रेगनेंसी को रोकने के लिए पुरुष आउटरकोर्स का भी सहारा ले सकते हैं। इसमें इंटरकोर्स की सारी क्रियाएं होती है, पर एक्चुअल पेनिट्रेशन नहीं होता है। वैसे तो यह प्रेगनेंसी रोकने में 100 प्रतिशत सक्षम है, पर इस दौरान आपको ध्यान रखना होगा कि एक्चुअल पेनिट्रेशन न हो।

पीरियड के दौरान

पीरियड के दौरान

मासिक धर्म के दौरान आप सेक्स कर और बाकी दिनों में इससे दूरी बनाकर प्रेगनेंसी को रोक सकते हैं। आप चाहें तो इस दौरान भी सेक्स कर सकते हैं, पर इसके लिए आप कंडोम और विथड्राउल टेक्निक का इस्तेमाल जरूर करें।

 कंडोम

कंडोम

यह सबसे चर्चित गर्भनिरोधक है, क्योंकि इसे आसानी से इस्तेमाल में लाया जा सकता है। अगर सावधानी से इसका इस्तेमाल किया जाए तो यह बहुत ज्यादा प्रभावी होता है। कंडोम के लोकप्रिय होने की एक वजह यह भी है कि इसके जरिए जरिए अंतरंग प्रेम के सभी आनंद की प्राप्ति की जा सकती है।

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