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Nipah Virus, इन चीजों का रखे ध्यान, छूने से भी फैलती है ये बीमारी

केरल में निपाह वायरस फैलने से पूरे देशभर में हड़कंप मचा हुआ है। इस वायरस से मरने वालों की संख्या 11 हो चुकी है। केरल के कोझीकोड में यह वायरस तेजी से फैलता जा रहा है और इसके डर से आसपास के लोग इलाके छोड़कर जा रहे है क्योंकि ये रोग संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से फैलता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस चमगादड़ से फलों में और फलों से इंसानों और जानवरों में फैलता है। इस वायरस की रोकथाम के लिए अभी तक किसी तरह के प्रभावी वैक्सीन का ईजाद नहीं हुआ है। इसी कारण से 2018 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने निपाह वायरस को मनुष्यों के लिए खतरनाक साबित कर दिया था।

आइए जानते है कि इस जानलेवा बीमारी से बचने के लिए क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए। High Alert! केरल में फैला Nipah Virus, जानिए कितना खतरनाक है ये वायरस
क्या है निपाह वायरस
निपाह मनुष्यों और जानवरों में फैलने वाला एक गंभीर इंफेक्शन (वायरस) है। यह वायरस एन्सेफलाइटिस का कारण होता है, इसलिए इसे 'निपाह वायरस एन्सेफलाइटिस' भी कहा जाता है! 'निपाह वायरस' हेंड्रा वायरस से संबंधित है। यह इंफेक्शन फ्रूट बैट्स यानी फल खाने वाले चमगादड़ के जरिए फैलता है। शुरुआती जांच के मुताबिक खजूर की खेती से जुड़े लोगों को ये इंफेक्शन जल्द ही अपनी चपेट में ले लेता है। इस वायरस की वजह से 2004 में बांग्लादेश में काफी लोग प्रभावित हुए थे। पहले इसका असर सुअरों में भी देखा गया था।
फैलता है ये वायरस
जैसा कि इस वायरस से निपटने के लिए कोई वैक्सीन का ईजाद नहीं किया है, ये वायरस फैलने वाला संक्रमण है, इसलिए इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर चलना चाहिए। इस वायरस से बचाव के लिए रिबावायरिन नामक दवाई का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब सेक्स के ज़रिये भी फैलने लगा है जीका वायरस
इन बातों का रखे खास ख्याल
- खाना खाते हुए इस बात का ध्यान रखें कि आप जो खाना खा रहे हैं वह किसी चमगादड़ या उसके मल से दूषित नहीं हुआ हो। चमगादड़ के कुतरे हुए फल न खाएं।
- खजूर के पेड़ के पास खुले कंटेनर में बनी टोडी शराब पीने से बचें।
- बीमारी से पीड़ित किसी भी व्यक्ति से संपर्क न करें। यदि मिलना ही पड़े तो बाद में साबुन से अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें।
- इस बीमारी से बचने के लिए फलों, खासकर खजूर खाने से बचना चाहिए। पेड़ से गिरे फलों को नहीं खाना चाहिए।
- बीमार सुअर और दूसरे जानवरों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
- आमतौर पर शौचालय में इस्तेमाल होने वाली चीजें, जैसे बाल्टी और मग को खास तौर पर साफ रखें।
- निपाह बुखार से मरने वाले किसी भी व्यक्ति के मृत शरीर को ले जाते समय चेहरे को ढंकना महत्वपूर्ण है। मृत व्यक्ति को गले लगाने से बचें और उसके सम्पर्क में आने से बचें क्योंकि उसमें वायरस के अवशेष मौजूद होंगे। और उसके अंतिम संस्कार से पहले शरीर को स्नान करते समय सावधानी बरतें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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