Latest Updates
-
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं -
Sawan Somwar Vrat 2026: क्या पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखा जा सकता है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Lung Cancer Day 2026: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकता है लंग कैंसर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव -
August 2026 Vrat Tyohar: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, देखें अगस्त में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट -
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव
बायोटिन के ओवरडोज से हो सकते है सेहत को ये खतरें
बायोटिन, जिसे विटामिन एच या बी 7 भी कहा जाता है, यह बी कॉम्पलेक्स विटामिन के परिवार से संबंधित पानी में घुलनशील विटामिन है।
बायोटिन शब्द ग्रीक शब्द 'बायोटोस' से निकलता है, जिसका अर्थ है 'जीवन' या 'जीवित। यह शरीर को वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट तथ्यों को मेटाबॉलिजिंग करके ऊर्जा में परिवर्तित करने में मदद करता है।

पानी में घुलनशील विटामिन शरीर में संग्रहित नहीं होते हैं, और इसलिए, उनका दैनिक सेवन आवश्यक है। चूंकि विटामिन बी 7 मानव कोशिकाओं द्वारा संश्लेषित नहीं होता है और शरीर में आंतों के बैक्टीरिया द्वारा उत्पादित किया जाता है, हमें स्वस्थ आहार खाने और बायोटिन प्राप्त करने के लिए विभिन्न खाद्य स्रोतों पर निर्भर रहने की आवश्यकता पड़ती है।
बायोटिन आपके बालों, आंखों, लीवर, त्वचा और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। गर्भावस्था के दौरान यह भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गर्भवती महिलाएं इससे स्वस्थ शिशुओं को जन्म देती हैं।
माना जाता है कि बायोटिन थेरेपी कुछ बीमारियों का भी इलाज करती है। हालांकि इस विटामिन की कमी त्वचा संबंधी समस्याओं, बालों का झड़ना और नाजुक नाखूनों का कारण बन सकती है। बायोटिन की कमी से थकावट, अवसाद, मतिभ्रम और हाथ-पांवों में सिहरन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
यद्यपि हम में से अधिकांश को स्वस्थ आहार लेने से बायोटीन की आवश्यक मात्रा मिलती रहती है, कुछ लोग मानते हैं कि बायोटिन दवाएं लेने से भी मदद मिल सकती है, लेकिन बायोटीन दवाओं का इस्तेमाल करने के लिये कोई प्रमाण नहीं है। इसलिये हमारे शरीर में बायोटीन का महत्व, बायोटीन सेवन की मात्रा और उसके नकारात्मक प्रभाव जो अत्यधिक बायोटिन के सेवन से मानव शरीर में कई समस्याएं पैदा करते हैं। इसलिये इनके बारे में जागरूक होना आवश्यक है। इस लेख में हम इन पहलुओं चर्चा करेंगे।
बायोटिन का महत्व
बायोटिन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, और इसकी कमी को स्वस्थ आहार के साथ पूरा किया जा सकता है। शरीर में बायोटिन के स्तर को बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि हमारे शरीर को कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन को मेटबॉलाइज्ड करने की आवश्यकता होती है।
निम्नलिखित कारणों से बायोटिन भी आवश्यक है:
• फैटी एसिड को संश्लेषित करने के लिए
• कुछ एमिनो एसिड संश्लेषित करने के लिए
• ग्लूकोज उत्पन्न करने के लिए
• स्वस्थ गर्भावस्था के लिए बायोटिन आवश्यक है। इस विटामिन की कमी से भ्रूण के असामान्य विकास हो सकते हैं।
•नाखून, बालों और त्वचा को स्वास्थ्य रखने में मदद करता है।
•अध्ययन से पता चला कि टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह के मामलों में रक्त ग्लूकोज को कम करने में बायोटिन की पु्ष्टि हुई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बायोटिन रक्त ग्लूकोज को कम करने में मदद करते हुए, इंसुलिन को निकालने के लिए पाचक ग्रंथि को उत्तेजित करता है।
•मधुमेह वाले लोगों और डायलिसिस करवाने वालों का तंत्रिका तंत्र कमजोर हो जाता है।
•यह 'बेसल गैंग्लिया' बीमारी और 'मल्टीपल स्क्लेरोसिस' जैसी बीमारियों का इलाज करता है।
बायोटिन सेवन की मात्रा
विशेषज्ञों का सुझाव है कि वयस्कों और किशोरों को प्रतिदिन 30 से 100 मिलीग्राम बायोटिन के सेवन की सलाह दी जाती है।गर्भावस्था से पहले और उसके दौरान, महिलाओं को आम तौर पर फोलिक एसिड के सप्लीमेंट लेने की सिफारिश की जाती है। फोलिक एसिड के अलावा, यह सलाह दी जाती है प्रतिदिन कम से कम 30 मिलीग्राम बायोटिन युक्त मल्टीविटामिन का उपयोग करें।
सबसे अच्छा इन खाद्य पदार्थों में बायोटिन पाया जाता है:
•अनाज
•अंडे की जर्दी
•मेवे(बादाम, अखरोट, मूंगफली)
•मेवों वाला मक्खन
•ऑर्गन मीट
•सोयाबीन
•फलियां
•केले
•फूलगोभी
•मशरूम
•सैलमन मछली और सार्डीन मछली
•दूध
कुछ खाद्य प्रक्रिया तकनीक प्रभावी रूप से बायोटिन बना सकती हैं। इसलिए, अधिक सक्रिय बायोटिन प्राप्त करने के लिेए खाद्य पदार्थों को कच्चा या बेक्ड करके खाएं।
बायोटिन उपयोग के प्रमुख दुष्प्रभाव:
प्राकृतिक स्रोत हमेशा हमारे शरीर द्वारा आवश्यक पोषक तत्वों को आकर्षित करने का सबसे अच्छा तरीका है। चूंकि हमारे शरीर को बायोटिन के केवल न्यूनतम खुराक की आवश्यकता होती है, इसलिए आप आसानी से स्वस्थ आहार के साथ इसे प्राप्त कर सकते हैं।इसके अलावा, हमारी आंत बैक्टीरिया बायोटिन बनाती है, जिसे व्यवस्थित रूप से अवशोषित किया जा सकता है।
जैसा कि बायोटिन की दवा आपके बालों का झड़ना और त्वचा में खुजली जैसी परेशानियों से निजात दिलाती है लेकिन आपको लंबे समय तक इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि आप अपने डॉक्टर के परामर्श के बिना लंबे समय तक इसका उपयोग करते हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि यह आपके शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।
बायोटिन उपयोग के 10 प्रमुख दुष्प्रभाव यहां दिए गए हैं:
1- बीमारी के लक्षण
यदि आप बायोटिन की खुराक ले रहे हैं तो यह ब्लड टेस्ट में हस्तक्षेप कर सकता है। बायोटिन के कारण आपको छोटे और बडे़ दोनों परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।एफडीए ने लैब परीक्षणों के साथ यह सूचना दी कि बायोटिन की अधिक खुराक से मौत भी हो सकती है और इसके प्रतिकूल प्रभाव भी हो सकते हैं।
ऐसा इसलिए है क्योंकि कई प्रयोगशाला परीक्षण कुछ स्वास्थ्य परिस्थितियों का पता लगाने के लिए विशेष प्रोटीन के साथ बायोटिन का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, हार्मोन परीक्षणों में और कुछ हृदय रोगियों के लिए बायोटिन का उपयोग किया जाता है। इसलिये प्रयोगशाला में बायोटिन की अधिक खुराक रक्त में गलत परिणाम दे सकती है जैसे थायराइड रोग का होना।
2- मुंहासे का कारण
बायोटिन की अधिक मात्रा 'सिस्टिक मुंहासे' का कारण बन सकती है।क्योंकि विटामिन त्वचा में सेबम उत्पादन बढ़ाता है, जिससे बायोटिन के स्तर को नियंत्रित करने के बाद मुंहासों को दूर किया जा सकता है।
3- एलर्जी का कारण
बायोटिन की दवा कभी-कभार आपकी एलर्जी का कारण बन सकती है। इसकी अधिक मात्रा से खुजली,उल्टी, चकत्ते, चेहरा और गले पर सूजन जैसे रिएक्शन दिख सकते हैं।
4- गर्भपात का कारण
जब गर्भवती महिलाएं बायोटिन की अधिक मात्रा का सेवन करती हैं तो गर्भपात होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिये बायोटिन की खुराक लेने से पहले डॉक्टर से पूछ लें।
5- बार-बार पेशाब जाना
बार-बार पेशाब जाना भी बायोटिन की उच्च खुराक का परिणाम हो सकता है।इससे आपको पेशाब भी बहुत जल्दी-जल्दी लगती है और इससे अधिक पसीना भी आता है।
6- दस्त हो सकता है
जो लोग बायोटिन का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं उनके पेट में ऐंठन और दस्त की समस्या हो सकती है। इसलिये, यदि आप इन लक्ष्णों का अनुभव करते हैं तो बायोटिन की खुराक लेना बंद करें और अपने डॉक्टर से चर्चा करें।
7- मधुमेह के लिये अनुपयुक्त हो सकता है
कुछ अध्ययनों से पता चला कि बायोटिन की अधिक खुराक से मधुमेह में रक्त ग्लूकोज के स्तर में वृद्धि हो सकती है। ऐसा इसलिये है क्योंकि यह शरीर में ग्लूकोज और फैटी एसिड के उत्पादन को बढ़ाता है।
8- कुछ दवाओं में हस्तक्षेप करता है
बायोटिन का सेवन कोलेस्ट्रॉल और एंटी-सीजर दवाओं में हस्तक्षेप कर सकता है। यदि आप इनमें से कोई भी दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर से पूछ लें।
9- बी5 लेने पर हस्तक्षेप दिखाता है
बायोटिन बी 5 के साथ लिए जाने पर हस्तक्षेप दिखाता है। एक केस स्टडी में पता चला कि जो महिलाएं पहले से ही विटामिन बी 5 की दवा ले रही थी उनमें बी 7 भी सम्मिलित था। जिसके कारण उन महिलाओं में गूदा संक्रमण का एक गंभीर मामला दर्ज किया गया।
10- तीव्र श्वसन समस्याओं का कारण बन सकता है
कुछ लोगों में एनाफिलैक्सिस यानि तेजी से सांस लेने की दिक्कत सामने आई है क्योंकि उन्होंने बायोटिन की उच्च खुराक का सेवन किया था।
नोट-
1. बायोटीन की खुराक तब तक नहीं ली जानी चाहिए जब तक कि आपके डॉक्टर द्वारा निर्देशित न किया जाए। इसे केवल निर्धारित खुराक में ही लिया जाना चाहिए और केवल डॉक्टर द्वारा एक निश्चित अवधि के लिए लिया जाना चाहिए।
2. यदि आप प्रयोगशाला परीक्षण के लिये बायोटिन की खुराक ले रहे हैं तो अपने डॉक्टर को बताना आवश्यक है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications