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कहीं खराब क्वालिटी का मैट्रेस तो नहीं है आपके कमर-गर्दन के दर्द की वजह, जानें कैसा होना चाहिए आपका मैट्रेस
स्वस्थ शरीर के लिए स्वस्थ नींद होनी भी जरुरी है। अच्छी नींद न सिर्फ हमारे मूड को अच्छा बनाया रखता है बल्कि ये हमें कई तरीके की बीमारियों से भी बचाता है। आप जानते है आपका मैट्रेस आपके अच्छी नींद में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। जी हां, एक अच्छी क्वॉलिटी का मैट्रेस न सिर्फ आपको आरामदायक नींद देता है बल्कि ये आपको कमर और गर्दन के दर्द से भी बचाता है।
मार्केट में आज आराम के नाम पर आपको ढ़ेर सारे मैट्रेस मिल जाएंगे लेकिन हर मैट्रेस आपके लिए सही हो ये जरुरी भी नहीं। हम जिस मैट्रेस पर सोते हैं उस पर ध्यान देना सेहत के लिहाज से बेहद जरुरी है। अगर आपका मैट्रेस आपके जरुरत के हिसाब से नहीं है तो वो आपको कुछ समय के बाद कमर दर्द का दर्द दे सकता है। आइए जानते हैं कि मैट्रेस को खरीदते समय किन बातों का ध्यान देना चाहिए ताकि गलत मैट्रेस पर सोने से आपको गंभीर बीमारियों का सामना न करना पड़े।

कितने प्रकार के होते है मैट्रेस
फोम : ये मैट्रेस पूरी तरह फोम से बने होते है सोने में सॉफ्ट और कम्फर्टेबल होता है। जो लोग करवट के बल पर सोना पसंद करते हैं। उनके लिए बेहतर विकल्प है।
इनरस्प्रिंग: ये कॉइल सपोर्ट सिस्टम से बना होता है। उछाल होने के कारण कम्फर्टेबल होता है। जिन लोगों को स्पाइन से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें इस पर सोना नहीं चाहिए।
एयरबेड: इसमें एयरचैंबर होता है, जो एयरपंप की मदद से फूलता है इसका ज्यादा इस्तेमाल आउटडोर एक्टिविटीज और ट्रेवलिंग के दौरान किया जाता है। जिन लोगों को कमर दर्द होता है उन्हें इस पर सोने से आराम मिलता है।
हाइब्रिड: इसमें फोम और कॉइल स्प्रिंग का इस्तेमाल करके बनाया जाता है जो किसी भी पोजिशन में सोने वालों के लिए बेहतर माना जाता है।
लेटेक्स: इसमें सभी लेयर रबर के होते हैं। ये सोने में बहुत ही आरामदायक होता है। ये दूसरे मैट्रिक्स के मुकाबले ये महंगा होता है।
कितने प्रकार के होते है मैट्रेस
फोम : ये मैट्रेस पूरी तरह फोम से बने होते है सोने में सॉफ्ट और कम्फर्टेबल होता है। जो लोग करवट के बल पर सोना पसंद करते हैं। उनके लिए बेहतर विकल्प है।
इनरस्प्रिंग: ये कॉइल सपोर्ट सिस्टम से बना होता है। उछाल होने के कारण कम्फर्टेबल होता है। जिन लोगों को स्पाइन से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें इस पर सोना नहीं चाहिए।
एयरबेड: इसमें एयरचैंबर होता है, जो एयरपंप की मदद से फूलता है इसका ज्यादा इस्तेमाल आउटडोर एक्टिविटीज और ट्रेवलिंग के दौरान किया जाता है। जिन लोगों को कमर दर्द होता है उन्हें इस पर सोने से आराम मिलता है।
हाइब्रिड: इसमें फोम और कॉइल स्प्रिंग का इस्तेमाल करके बनाया जाता है जो किसी भी पोजिशन में सोने वालों के लिए बेहतर माना जाता है।
लेटेक्स: इसमें सभी लेयर रबर के होते हैं। ये सोने में बहुत ही आरामदायक होता है। ये दूसरे मैट्रिक्स के मुकाबले ये महंगा होता है।

किस तरह के मैट्रेस का करें इस्तेमाल
नॉर्मल से मीडियम फर्म मैट्रेस सोने के लिहाज से अच्छा माना गया है।
- ये पीठ और गर्दन दोनों को अच्छा सर्पोट देता है।
- सॉफ्ट मैट्रेस से लेकर स्पाइन में लचक आती है।
- जिससे दर्द के साथ शरीर में अकड़न की समस्या होती है।
- अगर कमर दर्द है तो ये सोने में आराम देता है।
- ये पीठ और गर्दन दोनों को सर्पोट देता है।

मैट्रेस खरीदते वक्त इन बातों का ध्यान रखें
- मैटेस को फिजीकली चैक करें यानी उस पर लेटकर सोएं।
- मैट्रेस खरीदने से पहले फ्रैबिक जरुर चेक करें, ब्रिदेबल फ्रैबिक से बने मैट्रेस को ही खरीदें। ये गर्म या नमी वाले एरिया के लिए बेहतर है।
- मैट्रेस की बेस और हाइट जरुर चेक करें।

ऐसे मैट्रेस न खरीदें
एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस मैट्रेस में अंगुली अगर एक इंच या आधा इंच से ज्यादा घुस जाए तो वह सेहत के लिए अच्छे नहीं है। कम्फर्ट के चलते लोगों को ज्यादा गद्देदार मैट्रेस पसंद आते है। यह बहुत ही ज्यादा खतरनाक होती है। कम समय के लिए ऐसे बिस्तर तो अच्छी नींद दे देते हैं लेकिन लंबे समय के लिए ऐसे बिस्तर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।

ऑर्थो मैट्रेस है कमर दर्द के लिए
ऑर्थो मैट्रेस में मुश्किल से अंगुली एक या आधा इंच जा पाती है। आज के समय में वैसे लोग जिन्हें शरीर में दर्द की समस्या हो या फिर ऑथो की बीमारी से ग्रसित लोगों को एक्सपर्ट इन गद्दों का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। इस पर सोते समय पेट के बल नहीं सोने चाहिए। ऐसी आदत से सिर में दर्द की समस्या रहती है। इस तरह से सोने से हमेशा गर्दन मुड़ी रहती है।



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