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कोरोना के बाद हंता वायरस का मामला आया सामने, जानें लक्षण और बचाव
जहां पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसी महामारी की चपेट में है वहीं एक और नए वायरस ने चीन में दस्तक दे दी है। इस वायरस का नाम है हंता वायरस (Hantavirus)। चीन में हंता वायरस की वजह से 23 मार्च को एक शख्स की मौत की होने की खबर है। इस वायरस की वजह से लोगों में एक नए डर ने जन्म ले लिया है।
संयुक्त राज्य रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र की वेबसाइट के मुताबिक हंता वायरस मुख्य रूप से चूहों द्वारा फैलता है। यह वायरस दुनिया भर के लोगों में विभिन्न रोगों को पैदा करने की क्षमता रखता है। इस वायरस के सामने आने से कई लोगों को डर है कि कहीं ये भी कोरोना वायरस की तरह महामारी नहीं बन जाएं। आखिर हंता वायरस क्या है, इसके लक्षण और इससे बचने के क्या उपाय हैं, आइए जानते हैं...

कैसे फैलता है?
चीन के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन CDC के मुताबिक यह वायरस से फैलता है। एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। अमेरिका में हंता वायरस को "न्यू वर्ल्ड" कहा जाता है और इससे Hantavirus Pulmonary Syndrome हो सकता है। इस वायरस का एक और प्रकार है "ओल्ड वर्ल्ड" जो ज्यादातर यूरोप और एशिया में पाया जाता है। यह हवा के जरिए नहीं फैलता। यह उन लोगों को अपनी चपेट में लेता है, जो चूहों के मल-मूत्र, सलाइवा और इन चीजों के संपर्क में आने के बाद इसे चेहरे तक ले जाते हैं।

इसके लक्षण क्या हैं?
इस वायरस की चपेट में आने के शुरुआती लक्षण थकावट, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, चक्कर आना, सर्दी लगना और पेट की समस्याएं होना है।

लक्षण दिखने के बाद अगला चरण क्या होता है?
शुरुआती लक्षण दिखने के बाद अगर संक्रमित व्यक्ति का इलाज नहीं किया जाता है तो उसे लो ब्लडप्रेशर, आघात, नाड़ियों से रिसाव, किडनी फेल होने का खतरा हो सकता है।

कौन आ रहा है इनकी चपेट में
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के ग्रामीण इलाकों में इस वायरस के फैलने की ज्यादा आशंका है, क्योंकि वहां चूहों की तादाद ज्यादा है। इसके अलावा कैम्पर्स और हाईकर्स भी इसकी चपेट में आ सकते हैं, क्योंकि वे कैम्पों में रहते हैं।

कोरोना से कितना ज्यादा खतरनाक है हंता?
दुनियाभर में कोरोनावायरस से 15 हजार लोगों की जान गई है। इससे करीब 4 लाख लोग संक्रमित हैं। कोरोना में मौत की दर 14% है और हंता वायरस में 38% है यानी हंता वायरस में मौत का खतरा कोरोना के मुकाबले 24% ज्यादा है।

बचाव के लिए चीन ने क्या कदम उठाए?
सीडीएस ने बताया कि शुरुआती तौर पर हमने केवल चूहों की तादाद को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं, क्योंकि इस वायरस के फैलने की जड़ चूहे ही हैं।

42 साल पहले सामने आया था पहला मामला
कुछ लोग इसे चीन में पनपा हुआ नया वायरस बता रहे हैं लेकिन इसमें सच्चाई नहीं है। यूनाइटेड स्टेट्स नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के मुताबिक वर्तमान में हंता वायरस की करीब 21 से अधिक प्रजातियां मौजूद हैं। 1978 में दक्षिण कोरिया में हंतन नदी के किनारे एक शख्स को इसी तरह के एक वायरस से संक्रमित पाया गया था। हंतन नदी के पास से उपजे इस वायरस को नदी की तर्ज पर हंतान नाम दिया गया।
थोड़ा और इतिहास में जाने पर आपको पता चलेगा कि इसकी प्रारंभिक खोज कोरियाई युद्ध (1951-1953) के बाद ही हो गई थी जब सैनिकों में रक्तस्रावी बुखार के 3,000 से अधिक मामले सामने आए थे। 1981 में इसी से मिलती जुलती एक नई प्रजाति जिसे "हंतावायरस" कहा जाता है, (Bunyaviridae) परिवार में शामिल किया गया। इसके लक्षण भी पहले पाए गए वायरस की तरह ही थे। जिसकी वजह से हेमटोलॉजिक बुखार होता है।



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