Latest Updates
-
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय
भोजन के तुरंत बाद वज्रासन करने से नहीं होती है अपच की समस्या , टमी भी रहती है फ्लैट
योग का फायदा तभी होता है जब उसे नियमों और सावधानी से किया जाए तभी उसके लाभ मिलते है, आमतौर पर योगासनों को खाली पेट या सुबह के समय करने की सलाह दी जाती है। लेकिन वज्रासन एक ऐसा आसन है, जिसे आप खाना खाने के तुरंत बाद कर सकते हैं। इतना ही नहीं, अगर आप खाने के बाद वज्रासन का अभ्यास करते हैं तो इससे भोजन के पाचन में भी आसानी होती है। तो चलिए जानते हैं वज्रासन करने का तरीका और उससे होने वाले लाभों के बारे में-

करने का तरीका
वज्रासन करने के लिए घुटनों के बल जमीन पर बैठ जाएं। इस दौरान दोनों पैरों के अंगुठों को साथ में मिलाएं और एडि़यों को अलग रखें। अब अपने नितंबों को एडि़यों पर टिकाएं। साथ ही अपनर हथेलियां को घुटनों पर रख दें। इस दौरान अपनी पीठ और सिर को सीधा रखें। ध्यान रखें कि इस दौरान आपके दोनों घुटने आपस में मिले हों। अब अपनी आंखें बंद कर लें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इस अवस्था में जब तक संभव हो, आप बैठने का प्रयास करें।

जानें फायदे
वज्रासन पाचन तंत्र के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। जो लोग नियमित रूप से इसका अभ्यास करते हैं, उन्हें पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज, एसिडिटी और अल्सर आदि की समस्या नहीं होती। इसके अतिरिक्त इस आसन के अभ्यास के दौरान व्यक्ति का पूरा शरीर खासतौर से पीठ तनी होती है, जिससे व्यक्ति की पीठ सुदृढ़ होती है और पीठ के निचले हिस्से की समस्या और साइटिका की समस्या से राहत दिलाता है।
अमूमन लोग पद्मासन में बैठकर ध्यान करते हैं, लेकिन आप व्रजासन में बैठकर भी ध्यान कर सकते हैं। इससे भी आपको लाभ होगा।
वैसे तो यह आसन हर किसी के लिए लाभदायक है, लेकिन महिलाओं को इससे विशेष फायदा होता है। सबसे पहले तो यह मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन को कम करता है। वहीं अगर कोई स्त्री गर्भवती है तो उसे भी प्रसव के दौरान पीड़ा कम होती है।

बरतें सावधानी
वैसे तो वज्रासन का अभ्यास कोई भी व्यक्ति कभी भी कर सकता है। लेकिन फिर भी इसका अभ्यास करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले तो इसका अभ्यास करते हुए अपने बॉडी पॉश्चर पर ध्यान दें। इसके अतिरिक्त अगर आपके घुटनों में कोई समस्या है या हाल ही में घुटने की सर्जरी हुई है, तो यह आसन न करें। वहीं रीढ़ की हड्डी में समस्या, हर्निया, आंतों में अल्सर होने पर भी विशेषज्ञ की देखरेख के बिना इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications
