Latest Updates
-
Traditional Rajasthani Bajra Roti Recipe: सर्दियों के लिए सेहतमंद और स्वादिष्ट रोटी बनाने का आसान तरीका -
Brother's Day 2026 Wishes: बचपन की शरारतें...ब्रदर्स डे पर अपने भाई को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 24 May 2026: रविवार को इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के साथ मिलेगी बड़ी खुशखबरी -
Sunday Morning to Night Nihari Recipe: धीमी आंच पर पकाएं और पाएं रेस्टोरेंट जैसा लजीज स्वाद -
Kainchi Dham जाने का है प्लान तो रुकने की टेंशन करें खत्म, जानिए कहां मिलेंगे सबसे सस्ते और बेस्ट होटल्स -
Happy Brother's Day 2026 Shayari: प्यारा भाई यह मेरा, ब्रदर्स डे पर अपने भाई को भेजें ये शायरियां -
Restaurant Style Papdi Chaat Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसी चटपटी और कुरकुरी चाट -
B Letter Babies Names: अपने बच्चे के लिए ढूंढ रहे हैं 'B' से यूनिक और ट्रेंडी नाम? देखें 200+ नामों की लिस्ट -
अनोखा गांव जहां हर घर की पार्किंग में खड़ा है प्राइवेट जेट, सब्जी लेने के लिए भी लोग भरते हैं उड़ान -
Bakrid 2026 Holiday Date: 27 मई या 28 मई, कब है बकरीद की सरकारी छुट्टी? यहां जानें सही तारीख
लोहा, एल्युमीनियम और स्टैनलेस, जाने किस धातु के बर्तन में खाना होता है फायदेमंद
विभिन्न प्रकार के मेटल के बर्तनों में परोसा और पकाया गया भोजन आपको स्वास्थय को भी प्रभावित करता है। भारत की पाक कला की विविधता से हर कोई परिचय है। देशभर के अलग-अलग हिस्सों में खाना पकाने से लेकर परोसने तक में अलग-अलग तरह के बर्तनों को इस्तेमाल करने का चलन था। लेकिन बदलते जमाने के साथ लोगों अपनी कंफर्ट के लिए नॉन-स्टिक और कांच के बर्तनों का उपयोग करना शुरु कर दिया है, जो कि हेल्दी ऑप्शन नहीं हैं।
आयुर्वेद में रोजर्मरा में खाना पकाने वाले बर्तन के धातुओं को अधिक महत्व दिया गया है। आयुर्वेद में बताया गया है कि जहां कुछ धातुएं आपके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं, वहीं अन्य नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।
आइए जानते है कि किस धातु या मेटल के बर्तन में खाने से फायदा पहुंचता है और किस से नुकसान।

तांबे का बर्तन
चावल को पकाने के लिए तांबे के बर्तन को सबसे गुणकारी माना जाता है और इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। इसी कारण कहा जाता है कि तांबे के बर्तन में पानी पीने से पाचन तंत्र में सुधार होता है और ये एंटी एजिंग के साथ ही घावों को तेजी से ठीक करता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि कॉपर आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई कर हीमोग्लोबिन बढ़ा सकता है। यह खाना पकाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक लोकप्रिय धातु हो सकती है, लेकिन खाना पकाने या अम्लीय कुछ भी खाने से सावधान रहें क्योंकि इससे भोजन का स्वाद प्रभावित हो सकता है।

चांदी
कीमती धातु में गिनी जानी वाली चांदी में एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। यह प्रकृति में ठंडा होता है इसलिए पित्त की समस्या से परेशान लोगों के लिए ये अच्छा माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि चांदी के बर्तन में खाना-पीना आपके स्वभाव को शांत कर सकता है और आपके रंग में सुधार लाने के साथ ही ये मेटाबॉलिज्म और प्रतिरक्षा प्रणाली में भी सुधार करता है।

पीतल
आपने अपनी दादी मां के किचन में पीतल के बर्तन तो देखे ही होंगे। इस मिश्र धातु का उपयोग अक्सर धार्मिक समारोहों में किया जाता है। पीतल के बर्तन में खाना परोसना ठीक है, मगर इस धातु के गर्म होने पर ये नमक और अम्लीय खाद्य पदार्थों से मिलने पर आसानी से प्रतिक्रिया करता है। इसलिए ऐसे बर्तनों में खाना पकाने से बचना चाहिए।

स्टैनलैस बर्तन
इस बर्तन में नॉन-रेएक्टिव गुण मौजूद होते है जिस वजह से किसी भी प्रकार के भोजन को पकाने के लिए ये आदर्श धातु माना जाता है। इस धातु में खाना या पीना आपके स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माना गया है। यह क्रोमियम, निकल, कार्बन और सिलिकॉन से बना मिश्र धातु है और खाने पकाने के उद्देश्यों के लिए इसके नीचे एल्यूमीनियम या तांबा कोटिंग की जाती है।

एल्युमीनियम
ज्यादातर लोग चावल, दाल, चाय जैसे चीजों को पकाने के लिए एल्युमिनियम के बर्तन ही यूज करते हैं। एल्युमिनियम के बर्तन में खाना पकाने से बचना चाहिए। इसमें खाना खाना फायदेमंद होता है। भारतीय रसोई में इसका जीवन से अधिक उपयोग होता है। अगर आप एल्युमिनियम के बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहते है तो स्क्रैच-प्रतिरोधी एनोडाइज्ड एल्यूमीनियम कुकवेयर का उपयोग करें। क्योंकि इसमें खाना पकाने से भोजन में एल्युमीनियम नहीं निकलेगा। बिना ढ़के एल्युमिनियम कुकवेयर में खाना पकाने और परोसने से बचना चाहिए।

नॉन-स्टिक बर्तन
नॉन स्टिक बर्तन का इस्तेमाल बहुतायत होने लगा है। आप इसमें भोजन तो पका सकते हैं, लेकिन जब ये पुराने होने लगते हैं, तो इस पर लगी कोटिंग धीरे-धीरे निकलने लगती है। ये कोटिंग हानिकारक केमिकल्स होते हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बेहतर है कि अधिक पुराना होने पर इनमें कुछ भी पकाने से बचें। कई रिपोर्ट में भी ये बात सामने आ चुकी है कि नॉन स्टिक कुकवेयर में ज्यादा गर्म तापमान पर खाना पकाने से कैंसर का जोखिम हो सकता है।

कांच के बर्तन
यह धातु या मेटल की कैटेगरी में नहीं आाता है लेकिन इसे पके हुए व्यंजन पकाने के लिए सही माना जाता है। इसमें मौजूद गैर-प्रतिक्रियाशील गुणों के कारण, किसी भी भोजन को स्टोर या पकाने के लिए उपयोग करना अच्छा होता है। यह एक अच्छा ऊष्मा संवाहक है, हालांकि, आपको उच्च तापमान का ध्यान रखना चाहिए क्योंकि यह कांच को चकनाचूर कर सकता है।

लोह के बर्तन
यह एक और कुकवेयर है जो हर किसी के किचन में बेहद लोकप्रिय है। इस लोकप्रियता के पीछे का कारण यह है कि यह उच्च तापमान पर खाना पकाने के लिए बेस्ट है। इसका उपयोग ज्यादातर ऐसे भोजन बनाने के लिए किया जाता है जिन्हें धीमी गति से पकाने की आवश्यकता होती है। इस धातु का सामान्य उपयोग तवा, कड़ाही और कढ़ाई के रूप में होता है। यह आपके शरीर में आयरन को शामिल करने का एक शानदार तरीका है और इसी कारण से ज्यादातर हरी सब्जियों को लोहे के बर्तन में पकाया जाता है। लेकिन आपको इसमें खाना नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह खाने में कड़वाहट को बढ़ देता है।



Click it and Unblock the Notifications