Latest Updates
-
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके
इन चीजों को कच्चा खाने से जा सकती है जान, हो जाता है फूड प्वाइजनिंग
कुछ चीजें अगर कच्ची खाई जाएं तो सेहत को नुकसान हो सकता है। हर फूड का अलग-अलग नेचर होता है। कुछ में प्राकृतिक जहर पाया जाता है जबकि कुछ को पचाने में काफी दिक्कत होती है। डायटिशन की मानें तो कुछ चीजें कच्ची खाने से पेट में दर्द हो जाता है। आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें और जानें किन कच्ची चीजों से आपको परहेज करना चाहिए...

आलू
सब्जियों का राजा आलू लगभग हर डिश में इस्तेमाल किया जाता है। आलू किसी सब्जी के साथ भी खा लिया जाता है या फिर पराठे और पकौड़ों के रुप में भी इसका इस्तेमाल होता है। हालांकि कभी भी आलू को बिना पकाए नहीं खाना चाहिए। आलू में स्टार्च होता है जो खाने को सही ढंग से पचाने का काम करता है, लेकिन अगर इसे कच्चा खा लिया जाए तो पेट फूलने और दर्द की समस्या हो सकती है। इससे फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है।

सेब के बीज
कहते हैं रोज सुबह अगर एक सेब खाया जाए तो सारी बीमारियों कोसों दूर रहेंगी। सेब खाना सेहत के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन सेब के बीज जहर का काम करते हैं। इसी वजह से सेब हमेशा छीलकर खाना चाहिए ताकी भूल से भी आप इसके बीज को ना निगल जाएं। सेब के बीज में एक प्रकार का रसायन होता है तो पचने पर साइनाइड में बदल सकता है।

राजमा
राजमा-चावल तो लगभग हर किसी का फेवरेट होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो इसे एक सेहतमंद दाल बनाते हैं। हालांकि अगर आप गलती से भी राजमा का कच्चा सेवन कर लेते हैं तो इसमें मौजूद फाइटोमेगलगुटिन टॉक्सिन शरीर में फूड पाइजनिंग पैदा कर सकता है। इस वजह से ही राजमा को अक्सर कई घंटों के लिए भिगाया जाता है ताकी बनाते वक्त उसका टॉक्सिक नेचर खत्म हो जाए।

दूध
दूध को कंपलीट फूड कहा जाता है और इसका सेवन करने से आपको खाने से मिलने वाले सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं। बहुत से लोग सेहत बनाने के लिए कई बार गाय या भैंस के कच्चे दूध का भी सेवन कर लेते हैं जो कि बहुत गलत है। दूध में हानिकारक बैक्टिरिया जैसे कि ई.कोली और साल्मोनेला होता है। जो गर्म होने पर खत्म हो जाते हैं। ऐसे में दूध का सेवन उसे एक बार गर्म करके ही करना चाहिए वरना ये हानिकारक हो सकता है।

आटा
आटे का सेवन हमेशा पकाकर ही करना चाहिए। चाहें आप रोटी बनाएं या हलवा या फिर कोई भी अन्य भोजन। कभी भी आटा कच्चा नहीं रहना चाहिए। खेत से लेकर रसोई तक पहुंचने के दौरान आटा कई कोलाई जैसे रोग जीवाणुओं के संपर्क में आ सकता है। ऐसे में इसे पकाकर ही खाना चाहिए।

बादाम
बादाम को कच्चा ही खाया जाता है लेकिन कड़वे बादाम खाने से बचना चाहिए। अगर बिना प्रोसेस किए 7-10 बादाम खा लिए जाए तो एक बच्चे की मौत तक हो सकती है। कई बादाम में डाइड्रोजन साइनाइड और जल का मिक्स्चर पाया जाता है। एक दर्जन कड़वे बादाम खाने से व्यक्ति मर भी सकता है।

कच्चे अंडे
कुछ लोग सेहत के नाम पर कच्चे अंडे का भी सेवन करते हैं जो काफी खतरनाक है। कच्चे अंडे में रोगजनक साल्मोनेला हो सकता है जिससे फूड पाइजनिंग की समस्या हो सकती है। ऐसे मे बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के इसके सेवन से दूर रहना चाहिए।

कच्चे चावल
बहुत से लोग कच्चा चावल भी खाते रहते हैं जो कि बिल्कुल सही नहीं है। कच्चे चावल में रोग पैदा करने वाले बैक्टिरिया होते हैं जो पक जाने पर खत्म हो जाते हैं। ऐसे में पके हुए ही चावल खाने चाहिए।

बैंगन
कच्चा बैंगन भी आपके पेट को नुकसान पहुंचा सकता है. बैंगन को कच्चा खाने से उल्टी, चक्कर आना या पेट में ऐंठन की समस्या हो सकती है। बैंगन में पाया जाना वाला सोलनिन न्यूरोलॉजिकल और गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल समस्या के लक्षण पैदा कर सकता है। इसलिए बैंगन को हमेशा पका कर ही खाना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications
