Latest Updates
-
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी
क्या होता है मर्म थैरेपी, हजारों सालों पुरानी इस थेरेपी से मिलते हैं मेंटली और स्प्रिचुअली फायदे
आयुर्वेदिक चिकित्सा में माना जाता है कि दुनिया के पांच तत्वों का व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बहुत प्रभाव पड़ता है। मर्म बिंदु आपके शरीर में विशिष्ट स्थानों पर मौजूद होते हैं जिनके माध्यम से इन तत्वों की ऊर्जा प्रवाहित की जाती है। मर्म पॉइंट को हल्की मसाज के जरिए इन बिंदुओं को उत्तेजित किया जाता है। मर्म थेरेपी शरीर में मौजूद 107 प्वाइंट का प्रयोग किया जाता है और मस्तिष्क को 108वां मर्म माना जाता है। मुख्य मर्म प्वाइंट शरीर के 7 चक्र होता हैं अर्थात् यह वह भाग होते हैं जहां हमारे शरीर का एनर्जी सेंटर होते हैं जिनमें हमारा धड़ और लिम्ब शामिल होते हैं। इन बिंदुओं को बहुत सदियों पहले सुश्रुता स्मिता में लिखा गया था जोकि एक आयुर्वेद से जुड़ा हुआ है।

इस लेख में, हम यह पता लगाते हैं कि मर्म बिंदु कहां स्थित हैं, मर्म पॉइंट थेरेपी क्या है, और मर्म पॉइंट मसाज थेरेपी के क्या लाभ होते है।
ये होते है 107 प्वाइंट
यह प्वाइंट शरीर के बैक के साथ साथ फ्रंट को भी शामिल करते हैं। इनमें 22 हाथ पैरों के निचले हिस्सों में, 22 बाजू में, 12 छाती व पेट में, 14 कमर में और 37 सिर व गर्दन में शामिल हैं।
कैसा काम करता है मर्म थैरेपी
मर्म थेरेपी के दौरान शरीर के पॉइंट्स पर मालिश के जरिए बहुत ही हल्की उत्तेजना की जाती है। ऐसा करने से मर्म पॉइंट्स की ब्लॉकेज खुलती है और इससे आपको शारीरिक व मानसिक रूप से एक रिलैक्स मिलता है। यह एक एक ऐसी थेरेपी है जो हमारे शरीर के नाजुक हिस्सों की एनर्जी को खोलने में मदद करती है। यदि मर्म पॉइंट्स को स्किन पर सावधानीपूर्वक दबाया जाए तो वह आपके लिए बहुत सकारात्मक फायदे मिलते हैं।

मर्म थेरेपी के फायदे क्या हैं?
मर्म थेरेपी शारीरिक रूप से, मानसिक रूप से और अध्यात्मिक रूप से हमें फायदा पहुंचाता है। इससे दूसरे भी फायदे पहुंचते हैं-
- आपके शरीर को क्रोनिक पेन से मुक्ति दिलाती है।
- आपके शरीर की हर प्रकार से डिटॉक्सिफिकेशन करती है।
- आपकी इम्यूनिटी, पाचन, रेस्पिरेटरी व न्यूरल हेल्थ को और अधिक बेहतर बनाती है।
- स्किन को हेल्दी बनाती है।
- आपके शारीरिक तापमान को व दोष को संतुलित करने में सहायक।
- कुछ न्यूरो केमिकल्स जैसे सेरोटोनिन, मेलाटोनिन को रिलीज करने में मदद करती है जिसकी मदद से आपको चैन की नींद आती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications