कौनसा मास्‍क करता है कोरोना वायरस से बचाव, जान‍िए मास्‍क पहनने का सही तरीका

भारत में हाल ही में एक के बाद एक कोराना वायरस के मामले सामने आने से पूरे देश में इस वायरस को लेकर खौफ का माहौल देखने को मिल रहा है। हर कोई शख्‍स इस वायरस से बचाव के नए तरीके खोज रहे हैं। इस खौफ के बीच में लोग बचाव के ल‍िए ज्‍यादा से ज्‍यादा मुंह पर लगाने वाले मास्क का इस्‍तेमाल कर रहे हैं।

Coronavirus : कौनसा Mask करता है कोरोना वायरस से बचाव, जानें Mask पहनने का सही तरीका | Boldsky

पूरे देश में इसकी मांग भी बढ़ी लेकिन इसके इस्तेमाल को लेकर लोगों में पूरी जानकारी नहीं है। ऐसे में लोगों को भी कुछ सावधानियां बरतने की जरूरत है। आइए जानते है क‍ि कोरोना वायरस से बचने के ल‍िए कौनसा मास्‍क ज्‍यादा प्रभावी हैं और इन्‍हें इस्‍तेमाल करते हुए क‍िन बातों का ज्‍यादा ध्‍यान देना चाह‍िए।

 डिस्पोजेबल मास्क

डिस्पोजेबल मास्क

डिस्पोजेबल मास्क को सर्जिकल मास्‍क भी कहा जाता है, इसे अस्पताल में मौजूद मरीजों के आसपास रहने वाले डॉक्‍टर और स्‍टाफ यूज करते हैं। ये डॉक्‍टर और रोगी दोनों को संक्रमण से बचाता है, क्योंकि ये "इनसाइड टू आउटसाइड" यानी अंदर से बाहर, बैक्टीरियल इंफेक्शन को रोकता है। हालांकि ये 3-8 घंटे तक ही प्रभावी होता है लेकिन ये खतरनाक कोरोना वायरस से नहीं बचा सकता है।

 N 95 रेस्पिरेटर मास्क

N 95 रेस्पिरेटर मास्क

ये मास्‍क सर्जिकल मास्क से भी ज्यादा प्रभावी माना जाता है, क्योंकि ये "आउटसाउड टू इनसाइड" यानी बाहर से अदंर तक फैलने वाले बैक्टीरियल इंफेक्शन को रोकता है। ये मास्क कोरोना, H1W1 और SARS जैसे वायरस की महामारी के दौरान मदद करता है। कोरोना वायरस से सुरक्षा के तौर पर एन 95 श्वासयंत्र का इस्तेमाल ज्यादा प्रभावी माना गया है, क्योंकि ये मास्क अच्छी तरह से फिट होते हैं और छोटे कणों को छानते हैं! यह हवा में मौजूद 95 फीसदी छोटे कणों को अवरुद्ध करता है।

रेस्पिरेटर मास्क भी होते है दो तरह के इनस्युलेटिंग रेस्पिरेटर मास्क और फिल्टरिंग रेस्पिरेटर मास्क, ये मास्‍क गैस लीक और व यूरोपियन स्टेंडर्ड के हिसाब से बनाए जाते हैं। इन को 3 डिस्पोजेबल वैरायटी में रखा गया है।

FFP1 मास्क

FFP1 मास्क

ये क्वालिटी में कुछ अच्छा नहीं होता है, इसमें फिल्ट्रेशन 80 प्रतिशत और लीकेज 20 प्रतिशत होती है। ये सिर्फ घर में इस्‍तेमाल करने के ल‍िहाज से सही है।

FFP2 मास्क

FFP2 मास्क

ये क्वालिटी में FFP1 की तुलना में बेहतर होता है। इसमें फिल्ट्रेशन 94 प्रतिशत और लीकेज 8 प्रतिशत तक होती है। वर्तमान में ये मास्क कोरोना वायरस से बचने के लिए पहने जा रहे हैं।

FFP3 मास्क

FFP3 मास्क

ये सबसे फाइन क्वालिटी का मास्क बताया जा रहा है, इसमें फिल्ट्रेशन प्राय: 99 प्रतिशत और लीकेज लगभग 2 प्रतिशत तक होती है। कोरोना, सार्स औऱ अन्य जानलेवा वायरस से बचने के लिए बाहरी देशों में इसकी मदद ली जा रही है। हालांकि भारत जैसे भीड़भाड़ वाले देश में ये कितना कारगर होगा, कहा नहीं जा सकता लेकिन इतना तय है कि मास्क खांसी औऱ छींक के जरिए फैल रहे संक्रमण को आप तक नहीं आने देगा।

ये लोग जरुर पहनें मास्‍क

ये लोग जरुर पहनें मास्‍क

- अगर आप एक चिकित्सा कर्मचारी हैं।

- अगर आप COVID-19 से संक्रमित हैं।

- अगर आप संक्रमित रोगियों के संपर्क में हैं।

- अगर आप वायरस के प्रकोप वाले क्षेत्र में हैं।

- अगर आप संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं.- अगर आपमें भी फ्लू जैसे कोई लक्षण दिखाई दे रहे हैं।

 कब पहनें

कब पहनें

- यदि आप स्वस्थ हो तो आपको तभी मास्क पहनने की जरूरत है, जब आप कोविड-19 के किसी संदिग्ध मरीज की देखभाल कर रहे हों।

- अगर आपको खांसी और जुकाम है तो अवश्य मास्क पहनें।

- मास्क का इस्तेमाल तभी उपयोगी होता है, जब आप समय-समय पर हाथ धोते रहें।

- मास्क को पहनने के बाद इसका डिस्पोजल भी सही तरीके से करें।

पहनते वक्त सावधानियां

पहनते वक्त सावधानियां

- मास्क को हाथ लगाने से पहले हाथों को एल्कोहल आधारित हैंड सेनेटाइजर या साबुन तथा पानी से अच्छे से धो लें।

- अपने मुंह और नाक को मास्क से अच्छे से ढकें और सुनिश्चित करें कि कोई गैप न रहे।

- मास्क पहनने के बाद इसे हाथों से न छूएं, यदि छू लिया है तो हाथों को तत्काल साफ करें।

- एक बार इस्तेमाल कर लिए गए मास्क का दोबारा इस्तेमाल न करें।

 मास्क कैसे उतारें

मास्क कैसे उतारें

- मास्क को कभी बाहर की तरफ से हाथ न लगाएं।

- मास्क को पीछे से उतारें और तत्काल एक बंद डस्टबीन में डाल दें।

- हाथों को एल्कोहल के हैंड सेनेटाइजर या साबुन-पानी से साफ करें।

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