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पूजा में घंटी बजाने से होते हैं ये लाभ


हम किसी भी मंदिर में जाएं तो वहां हमें घंटी ज़रूर मिलती है केवल मंदिरों में ही नहीं बल्कि घर में भी पूजा करते वक़्त हम घंटी बजाते हैं। वैसे तो हम भगवान की पूजा धूप, दीपक, अगरबत्ती आदि चीज़ों से करते हैं लेकिन घंटी को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। पूजा के समय घंटी बजाने को शुभ माना जाता है और यह प्रथा प्राचीनकाल से ही चली आ रही है तो ज़रूर इसके पीछे कोई न कोई कारण होगा।
घंटी से कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं और इसके अलावा इसका वैज्ञानिक कारण भी होता है।
आइए जानते हैं आखिर क्यों बजाते हैं हम घंटी और क्या है इसका महत्व और लाभ।

सबसे पहले हम आपको बता दें घंटियाँ चार प्रकार की होती है गरुड़ घंटी, द्वार घंटी, हाथ घंटी और घंटा।
1. गरुड़ घंटी छोटी होती है जिसे हम हाथ से बजाते हैं ।
2. द्वार घंटी बड़े और छोटे दोनों ही अकार की होती है जिसे द्वार पर लटकाते हैं।
3. हाथ घंटी पीतल की ठोस एक गोल प्लेट की तरह होती है जिसको लकड़ी के एक गद्दे से ठोककर बजाते हैं।
4. घंटा यह बहुत ही बड़ा होता है इसकी आवाज़ दूर तक जाती है।

घंटी बजाने के धार्मिक कारण
जहां भी हमारे देवी देवताओं का वास होता है उस स्थान को हम बहुत ही पवित्र मानते हैं और वहां घंटी की ध्वनि उस स्थान को और भी पवित्र बना देती है। माना जाता है कि शंख और घंटी के बिना ईश्वर की आरती अधूरी होती है। साथ ही इसकी ध्वनि 'ॐ’ के उच्चारण के समान होती है। इतना ही नहीं घंटी की आवाज़ से हम अपने देवी देवताओं का आह्वाहन करते हैं जिसके बाद भगवान की दृष्टि भक्तों पर पड़ती है और वह उनकी प्रार्थना स्वीकार करते हैं।
माना जाता है कि जब सृष्टि का प्रारंभ हुआ, तब जो नाद (आवाज़) गूंजी थी ठीक वैसी ही आवाज़ घंटी बजाने पर भी आती है। घंटी उसी नाद का प्रतीक माना जाता है। ऐसा भी मानना है कि जब धरती पर प्रलय आएगा तब ऐसी ही आवाज़ गूंजेगी। मंदिर के बाहर लगी घंटी या घंटे को काल का प्रतीक भी माना गया है।

घंटी बजाने का वैज्ञानिक कारण और महत्व
हमारे वैज्ञानिकों के अनुसार घंटी की ध्वनि से वातावरण में कंपन पैदा होता है जो वायुमंडल में काफी दूर तक जाता है जिसके कारण इसके क्षेत्र में आने वाले सभी जीवाणु, विषाणु और सूक्ष्म जीव आदि नष्ट हो जाते हैं और आसपास सम्पूर्ण वातावरण शुद्ध हो जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में घंटी रखना बहुत ही लाभदायक होता है। माना जाता है कि जिस घर में घंटी रहती है वह घर हमेशा बुरी आत्माओं और बुरी शक्तियों से दूर रहता है।

घंटी बजाने से होते है यह स्वास्थ्य लाभ
1. मंदिर की घंटियां कैडमियम, जिंक, निकेल, क्रोमियम और मैग्नीशियम से बनती हैं इसकी आवाज़ मस्तिष्क के दाएं और बाएं हिस्से को संतुलित करती है। जैसे ही आप घंटी या घंटा बजाते हैं उससे एक तेज़ आवाज़ पैदा होती है, ये आवाज़ 10 सेकेंड तक गूंजती है।
2. इस गूंज की अवधि शरीर के सभी 7 हीलिंग सेंटर को एक्टीवेट करने के लिए काफी अच्छी होती है। इससे एकाग्रता बढ़ती है मन भी शांत रहता है।
3. घंटी की ध्वनि मन, मस्तिष्क और शरीर को ऊर्जा और शक्ति प्रदान करती है और मनुष्य सकारात्मक ऊर्जा से घिरा रहता है।



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