Latest Updates
-
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार
ऐसे हुआ था मृत्यु का जन्म, खुल गया है ये राज
कहते जो इस संसार में जन्मा है उसका मरना तय है। मृत्यु के मुख से कोई ना तो बचा है और ना ही बचेगा। ये संसार का नियम है कि जो आया है उसकी मृत्यु कभी ना कभी किसी ना किसी बहाने से जरूर आएगी।
लेकिन कभी आपने ये सोचा है कि आखिर मृत्यु का जन्म कब हुआ। ऐसा क्या हुआ की जीवन के बाद मृत्यु भी एक सच्चाई बन गई। आज हम जानेगे मृत्यु के जन्म के बारे में...

जब बढ़ने लगा धरती पर बोझ
इस दुनिया की रचना हुए तो अरबों साल बीत चुके है और तब से ही मृत्यु का ये प्रावधान चला आ रहा है। दरअसल जब ब्रम्हा जी ने इस संसार को बनाया था जब कोई भी मरता नहीं था।
इसके कारण धरती का बोझ लगातार बढ़ता ही जा रहा था। अगर इसको रोका ना जाता तो प्रथ्वी समुद्र तल में डूब जाती थी।

पूरे संसार को जलाने का दे दिया आदेश
इस समस्या का उपाय खोज रहे ब्रम्हा जी को जब कोई भी रास्ता नजर नही आया।
उनके क्रोध ने एक अग्नि का रूप ले लिया और उस अग्नि को ये आदेश दिया गया कि वो समस्त संसार का विनाश कर दे।

देवता पहुंचे ब्रम्हा के पास
ब्रम्हा जी का क्रोध देखकर सभी देवता उनके पास पहुंचते है और विनाश के पीछे का कारण पूंछते हैं।
तब ब्रम्हा उन्हे बताते है कि प्रथ्वी की देवी संसार के वजन से खतरे में और उनकी पीड़ा देखकर ही मै इसके विनाश के लिए प्रेरित हुआ हूं।

उत्पन्न की गई मृत्यु
देवताओं ने ये ब्रम्हा जी को समझाया की इस तरह से समस्त दुनिया खत्म हो जाएगी और इसके लिए आपको दूसरा उपाय सोचना चाहिए। देवताओं के बार बार आग्रह करने पर ब्रम्हा जी का क्रोध शांत हुआ।
ब्रम्हा जी के इंद्रियों से एक स्त्री का जन्म हुआ जिसका नाम मृत्यु रखा गया और उसको ये काम दिया गया कि संसार में जन्मे हर व्यक्ति के प्राण तुम्हारे कारण ही निकलेगें।



Click it and Unblock the Notifications