इन 4 खास मौकों पर आपके पितृ आपसे मिलने आते हैं

By Lekhaka

हम सभी जानते है कि हमारे आसपास स्वर्गदूत है - जो कि एक पक्षी के रूप में हो सकते है जो हर दिन हमारे बगीचे में आते है या फिर वो नर्माहट भरा एहसास के रूप में जो पूरे दिन खाली पड़े मकान में आपको वापिस लौटने पर महसूस होता है। हमारे स्वर्गदूत या पितर हमारे दिवगंत मित्रों और रिश्तेदारों में से ही है जो अपनी खुद की दुनिया में खुश है, लेकिन कई बार ये आपको आशीर्वाद देने के लिए धरती पर आते है। आपको अपने इन पितरों से डरने की जरूरत नहीं है और अगर कभी आपको ऐसा अहसास हो कि जब आप घर पर अकेले होते हो उस वक्त कोई आपको देखता है, तो इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्यूंकि ये आपके पितर हो सकते है।

जब आपको ये एहसास होने लगे कि आपके पितर आपके घर आते है, तो आपको इनके आने का समय भी ध्यान रखना चाहिए। चूंकि आप उन्हें देख नहीं सकते, ऐसे में कुछ संकेतों को पहचानें - जैसे हवा ना होने पर भी पत्ते अचानक हिलने लगते है, सुखद खुश्बू या ऐसा एहसास कि जब आप अकेले हो तो कोई आपको देख रहा है।

जब आप अकेले हो

जब आप अकेले हो

जब आपमें बैचेनी कम हो, जब आपका मन स्पष्ट हो, या जब आप घर में अकेले हो, तो ऐसी स्थिति में आपके द्वारा पितरों की उपस्थिति के सूक्ष्म संकेतों को पहचाना जा सकता है।

साथ ही, चूंकि आप बहुत शांत है, तो आप अपने विचारों के साथ अच्छी तरह से जुड़ेंगे और सकारात्मक उर्जा उत्पन्न करेंगे, जो कि आपके पितरों के लिए आपके साथ बेहतर तरीके से जुड़ने की प्रक्रिया को आसान बना सकता है।

जब आप सो रहे हो या सपने देख रहे हो

जब आप सो रहे हो या सपने देख रहे हो

क्या आपके साथ कभी ऐसा होता है कि आप बिना किसी कारण के रात में उठ जाते है, खासकर 3 से 5 बजे के बीच में, और ताजगी का अनुभव करते है जैसे कि आपने अभी अपने भीतर उर्जा के विस्फोट का अनुभव किया है ? तो ये आपके पितर हो सकते है जो कि आप पर अपनी दृष्टि डाले है ? हालांकि उनकी उपस्थिति का एहसास आपको हर समय नहीं होगा, लेकिन ये भी हो सकता जब आप गहरी नींद में हो तो वे आपको देखने के लिए आ सकते है।

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आपकी जिंदगी के मुश्किल समय में

आपकी जिंदगी के मुश्किल समय में

जब आपका अस्तित्व खतरे में हो या आप जिंदगी के कठिन दौर से गुजर रहे हो, ऐसी स्थिति में जब पूरी दुनिया आपके खिलाफ है, उस समय आपके ये स्वर्गदूत आपकी देखभाल करने के लिए मौजूद होंगे। वो समय देखे जब आप खुद को बेहद अकेला और असहाय महसूस करते है तब आपके ये स्वर्गदूत आपको मार्गदर्शन देने के लिए वहां मौजूद होंगे।

पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान

पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान

याद है, जब हम पारिवारिक कार्यक्रमों के आने का कितना इंतजार करते थे, जब पूरा परिवार एकत्रित होता है और सभी एक-दूसरे के साथ अच्छा खासा समय बिताते थे। बल्कि वो रिश्तेदार जिनको आपने पिछले लंबे समय से नहीं देखा, वे दूर के चचेरे भाई की शादी, शादी की सालगिरह या बच्चे के जन्मदिन की पार्टी में आते थे, और ये एक बड़ा आयोजन हुआ करता था। तो क्या इसका अंदेशा लगाया जा सकता है कि इस तरह के पारिवारिक कार्यक्रमों में किसकी कमी महसूस हुई? जी हां, भले ही आपके दिवंगत प्रियजन इन कार्यक्रमों में शारीरिक रूप से मौजूद ना हो, लेकिन वे पितर या स्वर्गदूत के रूप में उस कार्यक्रम का हिस्सा बन सकते है। आपके ये स्वर्गदूत आपके सेलीब्रेशन का हिस्सा होंगे, जो वहां से जल्दी चले जाएंगे लेकिन आपको आर्शीवाद देने से पहले नहीं यानि उनकी कृपा आप पर बनी रहेगी।

Story first published: Tuesday, October 3, 2017, 15:15 [IST]
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