अपनी बेटी को सिखाएं ये प्‍यार के पाठ

By Aditi Pathak

जैसे - जैसे बेटी बड़ी होती है, मां को उसकी चिंता लगने लगती है कि कहीं वह कुछ गलत न कर लें या कुछ और...। अगर आपको ऐसा कुछ लगता है तो अपनी बेटी को एक उम्र के बाद कुछ लव लैसन जरूर बताएं। एक मां होने के नाते आप उसकी फीलिंग को अच्‍छी तरह समझ सकती हैं और उसे अच्‍छे से समझा भी सकती है।

आप कभी भी नहीं चाहेगी कि आपकी बेटी किसी ऐसे इंसान से प्‍यार करे जो उसके लायक न हो। इसलिए, उसे पहले ही समझा दें कौन उसके लिए सही और गलत होगा। अपनी टीनएज बेटी को से प्‍यार के पाठ जरूर सिखाएं ताकि उसे कभी प्‍यार करने के बाद धोखा न मिलें :

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1) सम्‍मान दें और सम्‍मान पाएं : सबसे पहली बात अपनी बेटी को प्‍यार के बारे में बताएं कि वह जिससे भी प्‍यार करें, उसे सम्‍मान देना सीखें और जब वह सम्‍मान देगी तो उसे भ उतने ही सम्‍मान की उम्‍मीद करनी चाहिए। प्‍यार और रिस्‍पेक्‍ट, दोनों का एक साथ होना बहुत जरूरी होता है। उसे सबसे पहले खुद से प्‍यार करना चाहिए और खुद की रिस्‍पेक्‍ट, उसके बाद ही उसे किसी दूसरी बात पर ध्‍यान देना चाहिए।

2) तुम जैसी हो, अच्‍छी हो : अपनी बेटी को समझाएं कि अगर तुम्‍हे कोई बदलकर प्‍यार करना चाहें तो वह प्‍यार नहीं सौदा होगा। तुम जैसी हो, अच्‍छी हो। दूसरों को प्‍यार दो लेकिन उन्‍हे इतना ह़क मत दो कि वह तुम्‍हे ही बदलने लग जाएं और अपने हिसाब से ढालने लगे।

3) खुशियां जरूरी होती हैं : आप मां होने के नाते अपनी बेटी से सेक्‍स के बारे में कभी भी कोई बात नहीं कर सकती लेकिन उसे यह बता सकती हैं उसके शरीर को जिन परिवर्तनों के कारण कुछ चीजें अच्‍छी लगती हैं उनका सही वक्‍त आने पर ही वह करें, वरना इससे बाद में उन्‍हे ही दिक्‍कत हो सकती है।

4) अपने स्‍ट्रांग प्‍वाइंट या यूएसपी समझो : बेटी को हमेशा बताएं कि वह खुद की यूएसपी समझें और उसी को अपना स्‍ट्रांग प्‍वाइंट बनाएं। अगर वह कुछ चाहती है और वैसा नहीं होता है तो परेशान न हो, हर बात को आपसी बातचीत से हल कर लें और इस तरीके से रिश्‍ते में आगे बढ़े। रिश्‍ते में बात को न ही टालें और न ही नकारें, बात उसी वक्‍त क्‍लीयर कर लें, पर संयम रखना जरूरी होता है।

5) पीछे मत भागो, उसे खुद मिलने दो : आपको अपनी बेटी को बताना चाहिए कि किसी भी चीज के पीछे पागलपन की हद तक भागना सही नहीं है, आप मेहनत करें और उसे खुद अपने पास आने दें। ऐसा ही कुछ उसे रिलेशन के बारे में बताएं कि किसी को पसंद करने का मतलब यह नहीं कि आप उसके पीछे पड़ें और परेशान हों, अगर वह आपकी वैल्‍यू करेगा तो खुद - ब - खुद आपके पास आएगा। ऐसा करने से उसका दिल कभी भी नहीं टूटेगा।

6) रिश्‍तों को न परखो : अपनी बेटी को हमेशा सिखाएं कि कभी भी रिश्‍तों को नापना और तौलना नहीं चाहिए। भरोसे की बुनियाद पर ही सारे रिश्‍ते चलते है। किसी के भी प्‍यार को परखना गलत है और ऐसा करने से आप उनसे बहुत दूर हो जाएगी। इसलिए, आपको उन्‍हे हर रिश्‍ते की अहमियत बतानी होगी और रिश्‍तों का महत्‍व समझाना होगा।

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