दुर्गा भाभी...अंग्रेजों के लिए काल थी ये वीरांगना, थर थर कांपते थे फिरंगी

By Salman khan

आपने बहुत से स्वतंत्रता सेनानियों का नाम सुना होगा। हम सभी जानते है कि अंग्रेजों ने हम लोगों पर कितने अत्याचार किए हैष हम अपने ही देश में गुलामों की तरह रहने को मजबूर थे। वो समय था जब सिर्फ अंग्रेजी हुकूमत की ही चलती थी।

कई बार तो ऐसा हुआ था कि लोगों को धूप में और सर्दी में नंगे बदन बैठाकर और काम करवाकर उनको खाना तक नहीं दिया जाता था। ऐसे में जो स्वतंत्रता सेनानी सामने आते थे उनको पकड़ने के बाद जानवरों की तरह सुलूक किया जाता था। वो दौर था जब अंग्रेज अपने मन का ही करते थे।

कई स्वतंत्रता सेनानियों में कई वीर भी हुए। लेकिन आज हम जिनके बारे में आपको बताएंगे कि वो एक वीर नहीं बल्कि वीरांगना है। आप इनके बारे में शायद ही जानते होगे पर ये ऐसी वीरांगना थी जिनको देखकर अंग्रेज भी हैरान हो गए थे। आइए जानते है कि इनके बारे में...

बड़े बड़े सेनानियों के साथ चली है

बड़े बड़े सेनानियों के साथ चली है

आपने भगत सिंह, चंद्र शेखर आजाद, भगवती चरण वोहरा जैसे कितने ही ऐसे लोग थे जिन्होने देश के खातिर अपनी जान कुर्बान कर दी थी।

इन सभी के साथ दुर्गा भाभी कदम से कदम मिलाकर चली थी और वो बहुत बड़ी वीरांगना थी। क्रांतिकारियों में उनके नाम की अंग्रेजों में दहशत थी।

दुर्गा का अवतार थी

दुर्गा का अवतार थी

मशहूर क्रांतिकारियों में दुर्गा भाभी नाम की विरांगना अंग्रेजों के लिए मां दुर्गा का दूसरा अवतार थी। इनके पति को क्रांतिकरी संगठन हिंदुस्तान रिपब्लिकन सोशलिस्ट एसोसिएशन का मास्टर ब्रेन माना जाता है वहीं दुर्गा भाभी को बैकबॉन कहा जाता था।

दुर्गा भाभी का असली नाम दुर्गा देवी वोहरा है।भगवती सिंह वोहरा की पत्नी होने के कारण क्रांतिकारी साथी उन्हें दुर्गा भाभी कह कर बुलाते थे। ये अग्रेजों के दिमाग में हमेशा खटकती थी।

हथियार बनाता थे भगवती सिंह

हथियार बनाता थे भगवती सिंह

आपने भगत सिंह के साथी वोहरा का नाम तो जरूर सुना होगा। ये देशी कट्टे और हथियार के साथ साथ बम भी बनाने में माहिर थे। कई बार इनके बनाएं हुए हथियारों से अंग्रेजों को मारा गया था। भगवती सिंह वोहरा को लेकर अंग्रेज बहुत परेशान रहते थे। इनको पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने कई रणनीतियां भी बनाई थी।

जब शहीद हो गए थे दुर्गा के पति

जब शहीद हो गए थे दुर्गा के पति

ये बात आपके दिलों में खौफ भर देगी कि दुर्गा के पति बम बनाते हुए शहीद हो गए थे। तब दुर्गा ने डरकर हार नहीं मानी बल्कि वो राजस्थान से हथियार लाकर क्रांतिकारियों को देती थी और खुद भी अंग्रेजों के लिए काल बनी हुई थी। ये वो समय थी अंग्रेजों की शाखाएं हिल रही थी।

 इस गवर्नर पर भी किया हमला

इस गवर्नर पर भी किया हमला

वीरांगना दुर्गा भाभी ने गवर्नर हैली पर भी हमला करने का साहस 9 अक्टूबर 1930 को दुर्गा भाभी ने दिखाया। उन्होंने गवर्नर हैली और उनके साथियों पर अंधाधुन गोलियां बरसानी शुरु कर दिया।

दुर्गा भाभी के गोलियों का शिकार बम्बई पुलिस कमिश्नर से लेकर सैनिक अधिकारी टेलर तक हुए। इस घटना ने अंग्रेजों को दहशत से भर दिया था। दुर्गा भाभी के स्वर्णिम इतिहास में ये वीरांगनाओं के रूप में हमेशा याद रखी जाएंगी।

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